अलवर में RSS के 100 वर्ष पूर्ण होने पर भव्य कलश यात्रा: मुंह से आग के गोले छोड़ते साधु वेश कलाकारों ने सड़क पर 'आग से सतिया' बनाकर किया अग्नि डांस, भीड़ से जाम हुई सड़क
अलवर के तिजारा रोड पर RSS के 100 वर्ष पूर्ण होने पर निकली भव्य कलश यात्रा में साधु वेश कलाकारों ने मुंह से आग के गोले छोड़े और सड़क पर आग से सतिया बनाकर अग्नि डांस किया। भीड़ जुटने से सड़क जाम हो गई, वीडियो वायरल। कार्यक्रम में महिलाओं की कलश यात्रा, प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भंडारा हुआ।
अलवर शहर में रविवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक भव्य और यादगार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। तिजारा रोड पर निकाली गई कलश यात्रा ने न केवल धार्मिक उत्साह का माहौल बनाया, बल्कि एक अनोखे प्रदर्शन ने पूरे इलाके को आकर्षित कर दिया। सैकड़ों महिलाएं सिर पर कलश लेकर निकलीं, जबकि बीच-बीच में साधु के वेश में आए कलाकारों ने मुंह से आग के गोले छोड़ते हुए लोगों का मनोरंजन किया।
यह कलश यात्रा श्रीराम मंदिर शिव कॉलोनी से शुरू हुई और ब्राइट स्कूल के ग्राउंड तक पहुंची। यात्रा में शामिल महिलाओं की संख्या सैकड़ों में थी, जो हिंदू संस्कृति और एकता का प्रतीक बनकर चल रही थीं। कार्यक्रम स्थल पर गणेश वंदना, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रवचन हुए। ब्रह्म मुनि महाराज ने प्रवचन दिए, जबकि आरएसएस के पदाधिकारियों ने बौद्धिक विचार रखे। कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष समुंदर सिंह यादव रहे। अंत में विशाल भंडारा हुआ और भोले बाबा की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसमें शिव लिंग और अन्य मूर्तियां प्रमुख आकर्षण बनीं।
लेकिन असली चर्चा का विषय टेल्को चौराहे से तिजारा रेलवे ओवरब्रिज तक का वह दृश्य रहा, जहां साधु वेश में आए कलाकारों ने मुंह से आग के गोले छोड़ते हुए लोगों को हैरान कर दिया। इसके बाद उन्होंने सड़क पर 'सतिया' (स्वस्तिक) आकार में आग जलाकर अग्नि डांस किया। यह प्रदर्शन इतना रोमांचक और आकर्षक था कि देखने के लिए आसपास के इलाकों से भारी भीड़ जुट गई। लोग वीडियो बनाने और तालियां बजाने में जुट गए, जिससे तिजारा रोड पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और सड़क जाम की स्थिति बन गई। आने-जाने वाले वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यह पूरा आयोजन स्थानीय कॉलोनियों के लोगों द्वारा मिलकर किया गया था, जिसमें हिंदू सम्मेलन की श्रृंखला के तहत RSS के शताब्दी वर्ष को सेलिब्रेट करने का उद्देश्य था। कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक भावनाओं को मजबूत किया, बल्कि सांस्कृतिक प्रदर्शन के माध्यम से लोगों में उत्साह भर दिया। ऐसे अनोखे प्रदर्शनों ने घटना को सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर वायरल बना दिया, जहां वीडियो तेजी से शेयर हो रहे हैं।