रात को 12 से 3 बजे तक बस स्टैंड पर खड़ी रही महिला पुलिस IPS, 40 लड़कों ने छेड़ा

तेलंगाना की आईपीएस अधिकारी बी. सुमति, जो मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नरेट की पहली महिला कमिश्नर हैं, ने पद संभालने के मात्र 6 दिन बाद ही रात 12 बजे से 3 बजे तक दिलसुखनगर बस स्टॉप पर आम महिला बनकर अंडरकवर ऑपरेशन किया। करीब 40 छेड़छाड़ करने वाले युवकों को फंसाया गया, जिन्हें हिरासत में लेकर काउंसलिंग की जाएगी। सुमति की इस साहसिक पहल ने महिलाओं की सुरक्षा को नई दिशा दी है।

May 7, 2026 - 09:42
रात को 12 से 3 बजे तक बस स्टैंड पर खड़ी रही महिला पुलिस IPS, 40 लड़कों ने छेड़ा

मलकाजगिरी की पहली महिला पुलिस कमिश्नर बी. सुमति ने रात में बस स्टॉप पर किया साहसिक अंडरकवर ऑपरेशन: 40 छेड़छाड़ करने वालों को फंसाया, महिलाओं की सुरक्षा को बनाया प्राथमिकता

हैदराबाद, 7 मई 2026: तेलंगाना पुलिस की चर्चित आईपीएस अधिकारी बी. सुमति (Badugula Sumathi) ने मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नरेट की पहली महिला कमिश्नर बनने के महज छह दिन बाद ही एक साहसिक कदम उठाया है। उन्होंने देर रात आम महिला का भेष बनाकर दिलसुखनगर बस स्टॉप पर अकेली खड़े होकर महिलाओं की सुरक्षा की वास्तविक स्थिति जांची। रात 12 बजे से सुबह 3 बजे तक चले इस अंडरकवर ऑपरेशन में करीब 40 युवकों ने उनकी छेड़छाड़ की, जिन्हें पुलिस टीम ने हिरासत में ले लिया। अब इनकी काउंसलिंग कराई जाएगी ताकि वे अपनी गलती समझें और भविष्य में ऐसी हरकत न दोहराएं।

यह ऑपरेशन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मलकाजगिरी क्षेत्र में आई शिकायतों (खासकर हॉस्टल इलाकों और देर रात की छेड़छाड़) के जवाब में किया गया। सुमति ने खुद मैदान में उतरकर हालात को करीब से समझा। सोशल मीडिया पर उनकी इस पहल की खूब तारीफ हो रही है। कई लोग उन्हें ‘लेडी सिंघम’ और ‘सुपरकॉप’ कह रहे हैं।

बी. सुमति कौन हैं? पूरी प्रोफाइल

बी. सुमति तेलंगाना कैडर की अनुभवी आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने 2001 बैच में राज्य सेवा में प्रवेश किया और 2010 में आईपीएस (2006 बैच) में शामिल हुईं। करियर की शुरुआत 2004 में आंध्र प्रदेश (अविभाजित) की पहली महिला डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DySP) बनकर की। उसी वर्ष वे माओवादी नेताओं के साथ शांति वार्ता में शामिल हुईं। उस समय वे गर्भवती थीं, लेकिन वार्ता पूरी होने तक मैटरनिटी लीव टाली।उनकी पहली पोस्टिंग वारंगल में हुई, जहां वे ‘पीपुल्स ऑफिसर’ के रूप में मशहूर हुईं। उनके ट्रांसफर पर स्थानीय लोगों ने धरना-प्रदर्शन किए थे। बाद में वे हैदराबाद CID साइबर क्राइम, काउंटर-इंटेलिजेंस और वीमेन प्रोटेक्शन सेल में DIG के रूप में काम कर चुकी हैं। उन्होंने देशभर में आतंकवादियों (IM, SIMI, ISIS) से जुड़े मामलों की पूछताछ भी की है।

माओवादी सरेंडर में ऐतिहासिक भूमिका

दिसंबर 2023-2024 में उन्हें तेलंगाना पुलिस की स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच (SIB) की IG बनाया गया। वे इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं। SIB के प्रमुख के रूप में उन्होंने मात्र दो वर्षों में 591 माओवादियों (4 सेंट्रल कमिटी और 16 स्टेट कमिटी सदस्यों सहित) के सरेंडर कराए। फरवरी 2026 में शीर्ष माओवादी कमांडर थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवूजी (CPI माओइस्ट के पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमिटी सदस्य तथा सशस्त्र विंग के प्रमुख) का सरेंडर उनके नेतृत्व में हुआ। देवूजी के साथ मल्ला राजी रेड्डी समेत अन्य वरिष्ठ कैडर भी हथियार डाल चुके हैं।

तेलंगाना डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने सुमति और SIB टीम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने माओवादियों को वर्तमान परिस्थितियों को समझाकर मुख्यधारा में लाने में अहम भूमिका निभाई। सुमति की रणनीति ‘मारने की बजाय पुनर्वास’ पर आधारित रही। वे साड़ी पहनकर ही ऑपरेशनों में शामिल होती हैं, जिस कारण उन्हें ‘साड़ी वाली ऑफिसर’ भी कहा जाता है।

नई जिम्मेदारी में महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस

1 मई 2026 को बी. सुमति ने मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नर का पद संभाला। वे इस कमिश्नरेट की पहली महिला कमिश्नर हैं। पद संभालते ही उन्होंने साइबर क्राइम, नारकोटिक्स और लॉ एंड ऑर्डर पर टेक्नोलॉजी-आधारित सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि इलाका शांतिपूर्ण है, लेकिन पारदर्शी और कुशल पुलिसिंग से इसे और बेहतर बनाएंगे।अंडरकवर ऑपरेशन उनकी इसी सक्रिय और जमीनी स्तर की कार्यशैली का हिस्सा है। उन्होंने पहले भी कई जमीनी अभियान चलाए हैं, जिनकी सराहना हुई है।

बी. सुमति न केवल माओवादी समस्या को सुलझाने वाली रणनीतिकार हैं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और जमीनी पुलिसिंग के प्रतीक भी बन चुकी हैं। उनकी इस साहसिक पहल से साफ है कि वे पद की जिम्मेदारी को सिर्फ ऑफिस तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि खुद मैदान में उतरकर समस्याओं का समाधान ढूंढती हैं। तेलंगाना पुलिस में उनकी नियुक्ति और काम महिलाओं के लिए प्रेरणा साबित हो रहे हैं।

Ashok Shera "द खटक" एडिटर-इन-चीफ