मां ने 8 महीने की मासूम को पिलाया तेजाब, दो दिन बाद बच्ची ने तोड़ा दम.... क्या ये कोई मजबूरी थी या साजिश ?
राजस्थान के भिवाड़ी में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। पीहर जाने की बात को लेकर हुए विवाद में मां पर अपनी 8 माह की बेटी को तेजाब पिलाने का आरोप है। गंभीर हालत में बच्ची ने दो दिन तक जिंदगी की जंग लड़ी, लेकिन आखिरकार उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। जिस मां की गोद को बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है, उसी मां पर अपनी आठ माह की मासूम बेटी को तेजाब पिलाने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोगों के बीच गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
बताया जा रहा है कि मासूम बच्ची ने दो दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया, लेकिन गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
पीहर जाने की जिद बनी विवाद की वजह
जानकारी के अनुसार यह मामला भिवाड़ी के कैप्टन चौक स्थित लेबर कॉलोनी का है। बच्ची के पिता मोहित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी सपना अपने पीहर जाने की जिद कर रही थी। मोहित ने उसे कुछ दिन बाद भेजने की बात कही, जिससे वह नाराज हो गई।
आरोप है कि इसी बात को लेकर हुए गुस्से में सपना ने अपनी आठ माह की मासूम बेटी को करीब आधा गिलास एसिड पिला दिया। घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई और बच्ची की हालत तेजी से बिगड़ने लगी।
अस्पताल ले जाते समय मां ने कबूला जुर्म
परिजन तुरंत बच्ची को लेकर भिवाड़ी अस्पताल पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे अलवर रेफर कर दिया। पिता मोहित का आरोप है कि अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी पत्नी ने खुद स्वीकार किया कि उसी ने बच्ची को तेजाब पिलाया है।
इस बयान के बाद परिवार पूरी तरह सदमे में आ गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी सक्रिय हो गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
अंदरूनी अंग बुरी तरह झुलसे
अलवर मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. चारु गर्ग ने बताया कि बच्ची को 18 मई की शाम अस्पताल लाया गया था। एसिड के कारण उसके शरीर के अंदरूनी अंग बुरी तरह जल चुके थे। बच्ची की श्वास नली गंभीर रूप से प्रभावित थी और खाने की नली से लगातार ब्लीडिंग हो रही थी।
डॉक्टरों की टीम ने बच्ची को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए, लेकिन अंदरूनी चोटें इतनी गंभीर थीं कि वह जिंदगी की जंग हार गई।
इलाके में मातम और आक्रोश
मासूम की मौत की खबर सामने आते ही पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल फैल गया। अस्पताल में मौजूद लोग भी इस दर्दनाक घटना को सुनकर भावुक हो गए। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, वह सन्न रह गया।
पिता मोहित ने अपनी पत्नी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और मेडिकल रिपोर्ट व परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।