रेप केस में सजा काट रहे आसाराम को फिर राहत: राजस्थान हाईकोर्ट ने 7 जुलाई तक बढ़ाई अंतरिम जमानत

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की मेडिकल आधार पर मिली अंतरिम जमानत 7 जुलाई तक बढ़ा दी है।

May 25, 2026 - 15:26
रेप केस में सजा काट रहे आसाराम को फिर राहत: राजस्थान हाईकोर्ट ने 7 जुलाई तक बढ़ाई अंतरिम जमानत

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने रेप केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को एक बार फिर राहत दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने मेडिकल आधार पर मिली अंतरिम जमानत की अवधि को 7 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है।

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह राहत 7 जुलाई तक या फिर सजा स्थगन मामले में सुरक्षित रखे गए फैसले के आने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी। गौरतलब है कि आसाराम की पिछली अंतरिम जमानत की अवधि सोमवार को समाप्त हो रही थी।

मेडिकल ट्रीटमेंट पूरा नहीं, लगातार निगरानी जरूरी

सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। वहीं एडवोकेट निशांत बोड़ा और एडवोकेट यशपाल सिंह राजपुरोहित कोर्ट में मौजूद रहे।

बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि 86 वर्षीय आसाराम का इलाज अभी जारी है और उन्हें लगातार मेडिकल सुपरविजन की आवश्यकता है। वकीलों ने यह भी कहा कि सजा स्थगन की मुख्य अपील पर 20 अप्रैल को सुनवाई पूरी हो चुकी है और हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। ऐसे में अंतिम निर्णय आने तक अंतरिम जमानत जारी रखना उचित होगा।

दो शर्तों पर टिकी राहत

खंडपीठ ने मामले की परिस्थितियों और तकनीकी पहलुओं पर विचार करते हुए कहा कि चूंकि सजा स्थगन पर फैसला अभी लंबित है और जमानत की अवधि समाप्त हो रही है, इसलिए राहत बढ़ाई जाती है।

हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि 7 जुलाई से पहले सजा स्थगन मामले में फैसला सुना दिया जाता है, तो अंतरिम जमानत स्वतः उसी आदेश के अधीन मानी जाएगी।

2013 में हुई थी गिरफ्तारी

आसाराम को अगस्त 2013 में जोधपुर स्थित आश्रम में एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लंबी सुनवाई के बाद 25 अप्रैल 2018 को जोधपुर की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

इसके अलावा जनवरी 2023 में गुजरात के गांधीनगर आश्रम में महिला अनुयायी से दुष्कर्म मामले में भी आसाराम को आजीवन कारावास की सजा मिली थी।

पहले भी मिल चुकी है अंतरिम राहत

बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए आसाराम लगातार अदालत में राहत की मांग करता रहा है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राजस्थान हाईकोर्ट ने मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत दी थी, जिसकी अवधि समय-समय पर बढ़ाई जाती रही है।

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