NEET पेपर लीक पर सियासत गरम राहुल गांधी बोले – 22 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे..
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों का विरोध तेज हो गया है। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि 22 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर है और सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था बनने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं NTA ने कहा कि पूरा पेपर लीक नहीं हुआ था, केवल कुछ सवाल बाहर आए थे। मामले की जांच CBI कर रही है और दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग उठाई है।
राहुल गांधी ने कहा कि देशभर के लाखों छात्र भविष्य को लेकर चिंता में हैं और बड़ी संख्या में युवा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए ठोस व्यवस्था नहीं बनाई जाती, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि करोड़ों युवाओं और उनके परिवारों के सामने भविष्य का बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने के बजाय जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस की मांग है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
NSUI ने देशभर में तेज किए विरोध प्रदर्शन
इस विवाद के बीच कांग्रेस की छात्र इकाई National Students' Union of India ने कई राज्यों और शहरों में विरोध प्रदर्शन किए। कई स्थानों पर मशाल जुलूस और प्रदर्शन आयोजित किए गए।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाएं परीक्षा प्रणाली की कमजोरियों को उजागर करती हैं। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच, जवाबदेही तय करने और संसद की संयुक्त समिति से जांच कराने की मांग भी उठाई है।
NTA ने कहा- पूरा पेपर लीक नहीं हुआ
विवाद के बीच National Testing Agency (NTA) के अधिकारियों ने संसदीय समिति के सामने अपना पक्ष रखा। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा का पूरा प्रश्नपत्र लीक होने के प्रमाण नहीं मिले हैं, बल्कि कुछ सवाल परीक्षा से पहले बाहर आने की बात सामने आई है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के लिए कई सुधार लागू किए जा चुके हैं तथा अन्य बदलावों पर भी काम जारी है। साथ ही यह भी दावा किया गया कि कथित लीक एजेंसी की आंतरिक प्रणाली से नहीं हुआ था। मामले की जांच फिलहाल Central Bureau of Investigation द्वारा की जा रही है।
दोबारा परीक्षा की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था होगी और सख्त
पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने 3 मई को आयोजित परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया था। इस परीक्षा में भारत और विदेश के विभिन्न केंद्रों पर 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था।
सरकार ने घोषणा की है कि NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। इस बार परीक्षा केंद्रों पर निगरानी, सुरक्षा प्रोटोकॉल और परीक्षा प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक कड़ा बनाया जाएगा।
अगले साल CBT फॉर्मेट पर भी चर्चा
संसदीय स्तर पर यह सुझाव भी सामने आया है कि भविष्य में NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) प्रणाली में बदला जा सकता है। माना जा रहा है कि इससे प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं की संभावना कम हो सकती है और परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुरक्षित तथा पारदर्शी बन सकती है।
NEET-UG विवाद अब केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह छात्रों के भविष्य, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और राजनीतिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट, दोबारा परीक्षा और सरकार के कदमों पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।