राजस्थान सीएम भजन लाल शर्मा का सख्त फैसला: काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम, ईंधन बचत और अधिकारियों को भी निर्देश
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हैदराबाद भाषण में ईंधन बचत और मितव्ययिता की अपील के बाद अपने काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम कर दी है। सुरक्षा के साथ-साथ फिजूलखर्च रोकने का यह फैसला अब राज्य के सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर भी लागू किया गया है।
पीएम मोदी के भाषण के बाद राजस्थान सीएम भजन लाल शर्मा का सख्त फैसला: काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम, ईंधन बचत और मितव्ययिता का अनुकरण
जयपुर, 13 मई 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया हैदराबाद भाषण में दिए गए ‘सोना न खरीदें, ईंधन बचाएं, विदेश यात्रा टालें’ जैसे राष्ट्रहिती आह्वान के महज कुछ दिनों बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने व्यावहारिक कदम उठाते हुए अपने काफिले में अनावश्यक वाहनों को पूरी तरह हटाने का सख्त निर्देश जारी किया है। यह फैसला न केवल सरकारी खर्च पर अंकुश लगाने का प्रतीक है, बल्कि पीएम मोदी के आह्वान को राज्य स्तर पर अमली जामा पहनाने की दिशा में एक मजबूत मिसाल भी है।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि उनके काफिले में केवल आवश्यक वाहनों का ही इस्तेमाल किया जाए। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखते हुए भी किसी प्रकार के फिजूलखर्च की गुंजाइश नहीं होगी। उन्होंने सुरक्षा के नाम पर अनावश्यक वाहनों को पूरी तरह हटाने का आदेश दिया है। यह निर्णय पीएम मोदी के 10 मई को हैदराबाद (सिकंदराबाद) में दिए गए उस ऐतिहासिक भाषण के ठीक बाद लिया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया संकट और बढ़ते तेल दामों के बीच देशवासियों से अपील की थी कि वे एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी न करें, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें, सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग का इस्तेमाल बढ़ाएं, अनावश्यक विदेश यात्राएं टालें और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हर संभव प्रयास करें। पीएम मोदी ने कहा था कि छोटी-छोटी बचत से ही देश का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा और अर्थव्यवस्था को संकट से बचाया जा सकेगा।
राज्य के सभी अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों पर भी लागू
मुख्यमंत्री ने अपने इस फैसले को केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने मुख्य सचिव सहित राज्य के समस्त अधिकारियों, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने काफिलों और वाहनों में मितव्ययिता बरतें। अनावश्यक वाहनों का उपयोग बंद करें और ईंधन बचत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। सीएम भजन लाल शर्मा ने कहा, “पीएम मोदी जी के आह्वान का राजस्थान पूरी ताकत से पालन करेगा। सुरक्षा जरूरी है, लेकिन फिजूलखर्च बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर रूपये की बचत विकास कार्यों और जनकल्याण के लिए होगी।
”ईंधन बचत और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर
इस निर्देश में ईंधन संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया है। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि पेट्रोल-डीजल की अनावश्यक खपत रोकने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जाए। यह कदम ठीक उसी दिशा में है जिसमें पीएम मोदी ने हैदराबाद में सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहनों और वर्क-फ्रॉम-होम जैसे उपायों पर जोर दिया था। राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं। अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री के इस प्रतीकात्मक लेकिन प्रभावशाली फैसले का असर राज्य के अन्य काफिलों और सरकारी खर्च पर कितना पड़ता है।मितव्ययिता का नया मॉडलमुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का यह निर्णय न केवल पीएम मोदी के राष्ट्रहिती आह्वान को राज्य स्तर पर मजबूती देता है, बल्कि पूरे देश के लिए एक सकारात्मक संदेश भी है। जब वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री विदेशी मुद्रा बचाने और ईंधन संरक्षण की अपील कर रहे हैं, तब राजस्थान जैसे बड़े राज्य का मुख्यमंत्री खुद काफिले की लंबी लाइनें काटकर मिसाल पेश कर रहा है।
सीएम का संदेश स्पष्ट है:
“पीएम मोदी जी ने राष्ट्र से अपील की है, हम उसे अमल में लाकर दिखाएंगे। सुरक्षा के साथ-साथ सादगी और मितव्ययिता हमारी नई संस्कृति बनेगी।”यह फैसला राजस्थान में सरकारी खर्च पर अंकुश और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा।