निकाय चुनाव से पहले OBC आरक्षण बना सबसे बड़ा मुद्दा, मंत्री खर्रा ने कही बड़ी बात

सीकर में वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में UDH राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि निकाय और पंचायती राज चुनाव कराने का फैसला अब निर्वाचन आयोग करेगा।

May 25, 2026 - 14:29
निकाय चुनाव से पहले OBC आरक्षण बना सबसे बड़ा मुद्दा, मंत्री खर्रा ने कही बड़ी बात

राजस्थान में निकाय और पंचायती राज चुनावों को लेकर सियासी हलचल के बीच UDH राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बड़ा बयान दिया है। सीकर के स्मृति वन में आयोजित “वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान” के शुभारंभ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब चुनाव कराने को लेकर अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग करेगा। प्रदेश सरकार चुनाव के लिए पहले भी तैयार थी और अब भी तैयार है, लेकिन OBC आरक्षण को लेकर स्पष्ट आंकड़ों की कमी सबसे बड़ी अड़चन रही।

राज्यमंत्री खर्रा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में OBC वर्ग की सही गणना नहीं करवाई गई थी। इसी कारण वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने के बाद OBC आयोग का गठन किया, ताकि आरक्षण को लेकर मजबूत और कानूनी आधार तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि आयोग के पास अभी पर्याप्त और स्पष्ट आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए बिना रिपोर्ट के चुनाव करवाना उचित नहीं होगा।

सरकार हाईकोर्ट के आदेशों का कर रही अध्ययन

मंत्री खर्रा ने बताया कि प्रदेश सरकार फिलहाल हाईकोर्ट के आदेशों का विस्तार से अध्ययन कर रही है। हालांकि, सरकार की दोबारा कोर्ट जाने की कोई तैयारी नहीं है। उन्होंने कहा कि निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन, सीमांकन और सीमा विस्तार को लेकर जो कानूनी अड़चनें थीं, वे अब लगभग समाप्त हो चुकी हैं।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि चुनाव करवाना निर्वाचन आयोग का अधिकार क्षेत्र है और आयोग कानूनी राय लेकर आगे की प्रक्रिया तय करेगा। सरकार आयोग को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

प्रशासन SIR और जनगणना में व्यस्त

खर्रा ने कहा कि वर्तमान में प्रशासन पहले SIR प्रक्रिया और अब जनगणना के कार्यों में व्यस्त है। ऐसे में OBC आयोग की रिपोर्ट के बिना जल्दबाजी में चुनाव करवाना उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार सामाजिक संतुलन और कानूनी मजबूती के साथ चुनाव कराना चाहती है।

वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान का शुभारंभ

सीकर के स्मृति वन में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जल सरोवर पर श्रमदान किया। इस दौरान प्रभारी सचिव, विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्काउट्स-गाइड्स और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने मंगल गीत गाकर और कलश धारण कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण, पर्यावरण बचाने और अधिक से अधिक पौधारोपण पर विशेष जोर दिया गया।

“53 डिग्री तापमान पर दिमाग मेल्ट होने लगता है”

भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान पर चिंता जताते हुए खर्रा ने कहा कि अगर तापमान 53 डिग्री से ऊपर पहुंचता है तो इंसानी दिमाग प्रभावित होने लगता है। इसलिए अब पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे।

उन्होंने कहा कि जितने ज्यादा पेड़ लगाए जाएंगे और उनका संरक्षण होगा, उतना ही पर्यावरण संतुलित रहेगा। आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखने के लिए जल संरक्षण और हरियाली बढ़ाना जरूरी है।

“एक AC इस्तेमाल करने वाले को 50 पेड़ लगाने चाहिए”

कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद ने भी पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि जो व्यक्ति AC का उपयोग करता है, उसे कम से कम 50 पेड़ लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका बड़े स्तर पर पौधारोपण है।

प्रभारी सचिव सुबीर कुमार ने बताया कि जिले में इस बार 31 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें एक लाख मोरिंगा (सहजन) के पौधे शामिल होंगे, जो तेजी से बढ़ते हैं और स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हैं।

फूड पार्क और पर्यावरणीय योजनाओं पर भी चर्चा

प्रभारी सचिव ने कहा कि जिले में फूड पार्क विकसित करने के लिए जिला प्रशासन को जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। कोचिंग हब और पर्यटन को देखते हुए सीकर में आधुनिक फूड कोर्ट विकसित किया जाएगा।

इसके अलावा वाटर लेवल बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर सोक पिट्स बनाने की योजना पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश तेजी से समाज तक पहुंचाया जाएगा।

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