‘सीकर बदनाम हो रहा और कलेक्टर घर तक नहीं पहुंचे’... प्रदीप मेघवाल केस में राजेंद्र गुढ़ा का प्रशासन पर हमला
NEET पेपर लीक से जुड़े छात्र प्रदीप मेघवाल की सुसाइड के बाद मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने पीड़ित परिवार के घर से ही सीकर कलेक्टर को फोन कर प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल उठाए, जबकि पिता ने अधिकारियों पर प्रताड़ना और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए।
राजस्थान के सीकर में NEET पेपर लीक मामले से जुड़े छात्र प्रदीप मेघवाल की आत्महत्या के बाद अब यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का केंद्र बन गया है। रविवार शाम पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और वहीं से सीकर जिला कलेक्टर को फोन लगाकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गया।
गुढ़ा ने आरोप लगाया कि पूरे देश में सीकर की छवि खराब हो रही है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से परिवार को सांत्वना देने तक की पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इतने संवेदनशील मामले में कलेक्टर का पीड़ित परिवार से न मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
“अंग्रेज अफसर भी आपसे बेहतर थे”
फोन पर बातचीत के दौरान राजेंद्र गुढ़ा ने जिला कलेक्टर से कहा कि NEET पेपर लीक और छात्र की आत्महत्या के कारण सीकर पूरे देश में चर्चा में है। इसके बावजूद प्रशासन का रवैया संवेदनहीन नजर आ रहा है। उन्होंने कहा “पूरे देश में सीकर बदनाम हो रहा है और आप जिला कलेक्टर होकर भी परिवार से मिलने नहीं आए। अंग्रेज अफसर भी आपसे ठीक थे। आप लोगों के अंदर संवेदना नहीं बची है।” गुढ़ा ने प्रशासन पर “पॉलिटिकल टूरिज्म” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सिर्फ औपचारिक बयान देने से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती।
कलेक्टर बोले- अधिकारी लगातार संपर्क में थे
जिला कलेक्टर ने फोन पर जवाब देते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिवार के संपर्क में थे और हर स्थिति पर नजर रखी जा रही थी। हालांकि गुढ़ा ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि मौके पर एक पटवारी तक नहीं पहुंचा और परिवार को उल्टा परेशान किया गया।
पिता का आरोप- “जांच घर से शुरू करवाने की धमकी दी”
बातचीत के दौरान गुढ़ा ने फोन मृतक छात्र के पिता राजेश कुमार को दे दिया। पिता ने रोते हुए आरोप लगाया कि दो अधिकारियों ने उन्हें लगातार प्रताड़ित किया। उन्होंने कहा “सुनील जांगिड़ और राजेश बुड़ानिया ने हमें बहुत परेशान किया। राजेश बुड़ानिया ने कहा था कि मैं तेरी जांच तेरे घर से चालू करवा देता हूं।” पिता के आरोप सुनने के बाद कलेक्टर ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का भरोसा दिया।
क्या है पूरा मामला?
22 वर्षीय प्रदीप मेघवाल झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी क्षेत्र के रहने वाले थे। वे पिछले तीन वर्षों से सीकर में रहकर NEET-UG की तैयारी कर रहे थे।
3 मई 2026 को हुई NEET परीक्षा के बाद प्रदीप ने परिवार को बताया था कि उसके करीब 650 अंक आने की संभावना है। लेकिन पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबरों के बाद वह लगातार तनाव में रहने लगा।
15 मई को सीकर स्थित किराए के कमरे में उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उसकी एक बहन कोचिंग गई हुई थी जबकि दूसरी बहन घर में थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार का कहना है कि बेटे की पढ़ाई पर 8 से 11 लाख रुपए तक खर्च किए गए थे और उसे डॉक्टर बनाने का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने कई त्याग किए थे।
रीट पेपर लीक का भी दिया उदाहरण
राजेंद्र गुढ़ा ने बातचीत के दौरान REET पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि पिछली सरकार को परीक्षा रद्द करने में महीनों लग गए थे, जबकि मौजूदा सरकार ने जल्दी कार्रवाई की और गिरफ्तारियां भी कीं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की कार्रवाई अपनी जगह है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है।
परिवार से मिलने की मांग
गुढ़ा ने आखिर में जिला कलेक्टर से कहा कि केवल जांच का भरोसा देना काफी नहीं है। उन्हें खुद परिवार के घर जाकर पीड़ित परिजनों से मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।