10.10 सेकेंड की दीवार टूटी... गुरिंदरवीर बने भारत के सबसे तेज धावक, रांची में रचा इतिहास

पंजाब के स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने रांची में 100 मीटर दौड़ 10.09 सेकेंड में पूरी कर नया नेशनल रिकॉर्ड बना दिया। पहली बार किसी भारतीय एथलीट ने 10.10 सेकेंड से कम समय में 100 मीटर रेस पूरी की है।

May 24, 2026 - 12:11
10.10 सेकेंड की दीवार टूटी... गुरिंदरवीर बने भारत के सबसे तेज धावक, रांची में रचा इतिहास

रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार का दिन भारतीय एथलेटिक्स इतिहास के सबसे यादगार पलों में शामिल हो गया। पंजाब के 25 वर्षीय स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ को महज 10.09 सेकेंड में पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय स्प्रिंटिंग में वह कर दिखाया, जिसका इंतजार वर्षों से था।

भारतीय एथलेटिक्स इतिहास में यह पहली बार हुआ है, जब किसी भारतीय धावक ने 100 मीटर रेस को 10.10 सेकेंड से कम समय में पूरा किया हो। गुरिंदरवीर ने जैसे ही फिनिश लाइन पार की, स्टेडियम तालियों और शोर से गूंज उठा। जीत की खुशी में उन्होंने सीने पर लगा बिब नंबर उखाड़कर फेंक दिया और जोश में ट्रैक पर अपने जूते भी उछाल दिए।

रेस के बाद गुरिंदरवीर सिंह ने कहा,
“लोग कहते थे कि भारतीयों के पास 100 मीटर दौड़ के लिए सही जीन नहीं हैं। मैं सबको गलत साबित करना चाहता था। भारतीय जीन बहुत मजबूत हैं और यह सिर्फ शुरुआत है।”

एशिया के दूसरे सबसे तेज धावक बने

गुरिंदरवीर का 10.09 सेकेंड का समय इस सीजन में पूरे एशिया का दूसरा सबसे तेज समय है। उनसे आगे केवल जापान के फुकुतो कोमुरो हैं, जिन्होंने 10.08 सेकेंड का समय निकाला है।

इसके साथ ही गुरिंदरवीर ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए निर्धारित 10.16 सेकेंड के क्वालिफिकेशन मार्क को भी आसानी से पार कर लिया।

5 मिनट में दो बार टूटा नेशनल रिकॉर्ड

रांची में यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। ओडिशा के 22 वर्षीय धावक अनिमेष कुजूर इस प्रतियोगिता में 10.18 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ उतरे थे।

पहले सेमीफाइनल में गुरिंदरवीर ने 10.17 सेकेंड का समय निकालकर रिकॉर्ड अपने नाम किया। लेकिन महज पांच मिनट बाद अनिमेष ने दूसरे सेमीफाइनल में 10.15 सेकेंड दौड़कर रिकॉर्ड फिर हासिल कर लिया।

हालांकि फाइनल में गुरिंदरवीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10.09 सेकेंड का समय निकाला और रिकॉर्ड हमेशा के लिए अपने नाम दर्ज करा लिया।

फाइनल में अनिमेष को पीछे छोड़ा

फाइनल रेस में गुरिंदरवीर ने अनिमेष से 0.11 सेकेंड तेज दौड़ लगाई। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी से करीब दो फीट आगे रहते हुए फिनिश लाइन पार की। रिलायंस फाउंडेशन के प्रणव गुरव 10.29 सेकेंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

गुरिंदरवीर ने अपनी सफलता का श्रेय ट्रेनिंग और मानसिक मजबूती को दिया। उन्होंने कहा,
“ट्रेनिंग में जिन चीजों की कमी थी, उन्हें सुधारा। आखिरी समय में फिजिकल से ज्यादा मेंटल गेम मायने रखता है। जो मानसिक रूप से मजबूत रहेगा, वही जीतेगा।”

भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक पल

100 मीटर दौड़ को दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित स्पर्धाओं में गिना जाता है। लंबे समय से यह माना जाता रहा कि भारतीय धावक इस स्पर्धा में विश्व स्तर पर चुनौती नहीं दे सकते। लेकिन गुरिंदरवीर सिंह ने अपने प्रदर्शन से इस सोच को बदलने की शुरुआत कर दी है।

उनका यह रिकॉर्ड भारतीय एथलेटिक्स के लिए नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।

400 मीटर में भी बना नया रिकॉर्ड

रांची में सिर्फ 100 मीटर ही नहीं, बल्कि 400 मीटर दौड़ में भी इतिहास रचा गया। विशाल ने पुरुषों की 400 मीटर रेस 44.98 सेकेंड में पूरी कर अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। वे 45 सेकेंड से कम समय में यह रेस पूरी करने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।

विशाल का यह समय इस सीजन में पूरे एशिया में सबसे तेज माना जा रहा है। रेस में तमिलनाडु के राजेश रमेश दूसरे और उत्तर प्रदेश के जय कुमार तीसरे स्थान पर रहे।

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