जालोर में आखिर क्यों अचानक घर छोड़ने लगीं महिलाएं और युवतियां? 4 महीने में सामने आए 16 मामले

किसी ने प्रेमी के लिए घर छोड़ा, तो कोई अपने मासूम बच्चे को पीछे छोड़ गई… जालोर के बागोड़ा इलाके से सामने आ रहे लगातार मामलों ने परिवारों के साथ पुलिस की भी चिंता बढ़ा दी है। आखिर इसके पीछे वजह क्या है, अब इसी की तलाश जारी है।

May 10, 2026 - 16:01
जालोर में आखिर क्यों अचानक घर छोड़ने लगीं महिलाएं और युवतियां? 4 महीने में सामने आए 16 मामले

जालोर: राजस्थान के जालोर जिले के बागोड़ा उपखंड क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से महिलाओं और युवतियों के अचानक घर छोड़कर जाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने न केवल परिवारों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि पूरे क्षेत्र में सामाजिक बहस भी छेड़ दी है। बीते चार महीनों में बागोड़ा थाना क्षेत्र से 16 युवतियों और महिलाओं के लापता होने के मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से कई मामलों में प्रेम प्रसंग की बात सामने आई है, जबकि कुछ घटनाओं ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है।

पुलिस के अनुसार दर्ज मामलों में से अब तक 7 युवतियों और महिलाओं को दस्तयाब कर उनके परिजनों तक पहुंचाया जा चुका है, लेकिन 9 महिलाएं और युवतियां अब भी लापता बताई जा रही हैं। इन मामलों की जांच लगातार जारी है।

प्रेमी के साथ घर छोड़ने के बढ़े मामले

पुलिस थाने से मिली जानकारी के अनुसार कई मामलों में विवाहित महिलाएं भी अपने पति और परिवार को छोड़कर प्रेमियों के साथ चली गईं। कुछ मामलों में महिलाओं ने अपने छोटे बच्चों तक को पीछे छोड़ दिया, जिससे परिवारों के सामने भावनात्मक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है।

हाल ही में बागोड़ा कस्बे से सामने आए एक मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। यहां एक महिला अपने चार माह के दुधमुंहे बच्चे को घर पर छोड़कर प्रेमी के साथ चली गई। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है। मासूम बच्चे की परवरिश और भविष्य को लेकर परिजन बेहद परेशान बताए जा रहे हैं।

कोर्ट मैरिज और एफिडेविट की चर्चा

सूत्रों के अनुसार घर छोड़ने के बाद कुछ युवतियां अपने प्रेमियों के साथ कोर्ट मैरिज कर रही हैं। वहीं कुछ मामलों में लीव-इन रिलेशनशिप से जुड़े एफिडेविट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन दस्तावेजों में युवतियां अपनी मर्जी से घर छोड़ने और अपनी सुरक्षा की बात कहती दिखाई दे रही हैं।

इन वायरल दस्तावेजों के बाद कई परिवारों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में इन घटनाओं को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर अचानक इस तरह के मामलों में इतनी बढ़ोतरी क्यों हो रही है।

सामाजिक संगठनों में बढ़ा आक्रोश

लगातार सामने आ रहे इन मामलों को लेकर सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों में नाराजगी दिखाई दे रही है। कई संगठनों ने कानून में बदलाव की मांग उठाई है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में माता-पिता और परिवार की सहमति को भी महत्व दिया जाना चाहिए।

संगठनों का मानना है कि घर छोड़ने की इन घटनाओं का सबसे ज्यादा असर बच्चों और परिवारों पर पड़ रहा है। कई परिवार सामाजिक दबाव और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे मामलों से सामाजिक ताना-बाना कमजोर हो रहा है।

गिरोह सक्रिय होने की भी चर्चा

क्षेत्र में यह चर्चा भी तेजी से फैल रही है कि कहीं इन घटनाओं के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है। हालांकि पुलिस ने अब तक किसी गैंग या गिरोह की पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है और हर पहलू पर नजर रखी जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जिन महिलाओं और युवतियों की तलाश जारी है, उन्हें जल्द दस्तयाब करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दस्तावेजों और गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

विधायक ने कहा- जरूरत पड़ी तो कानून बदलेंगे

मामले को लेकर जालोर विधायक और मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है और सरकार स्तर पर इस पर चर्चा की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कानून में संशोधन पर भी विचार किया जाएगा ताकि सामाजिक संतुलन बना रहे।

उन्होंने कहा कि परिवार और समाज दोनों की सुरक्षा और सम्मान बनाए रखना जरूरी है। लगातार बढ़ रहे ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

क्षेत्र में बना चिंता का माहौल

लगातार सामने आ रहे इन मामलों से बागोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में चिंता और असमंजस का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले कभी इस तरह के मामले इतनी संख्या में सामने नहीं आते थे। अब परिवार अपने बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा तथा सामाजिक प्रभाव को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।

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