बाड़मेर में भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर 62 लाख की अवैध शराब जब्त: प्लास्टिक पाइपों के नीचे छुपाकर हो रही थी तस्करी, ड्राइवर फरार
बाड़मेर में आबकारी विभाग ने भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 62 लाख रुपए की अवैध शराब से भरा ट्रक पकड़ा। शराब को प्लास्टिक पाइपों के नीचे बने गुप्त कम्पार्टमेंट में छुपाया गया था। ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में आबकारी विभाग ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतमाला एक्सप्रेस-वे (अमृतसर-जामनगर) पर करीब 62 लाख रुपए की शराब जब्त की है। शराब को बेहद शातिर तरीके से ट्रक में रखे प्लास्टिक पाइपों के नीचे बने गुप्त कम्पार्टमेंट में छुपाकर ले जाया जा रहा था। हालांकि नाकाबंदी देखकर ट्रक चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
यह कार्रवाई रविवार रात को आबकारी विभाग की विशेष टीम ने की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चंडीगढ़ निर्मित यह अवैध शराब गुजरात सप्लाई की जानी थी।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
बाड़मेर जिला आबकारी अधिकारी दिनेश गहलोत ने बताया कि आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देश पर प्रदेशभर में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान सूचना मिली थी कि बालोतरा क्षेत्र से गुजर रहे अमृतसर-जामनगर भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर एक ट्रक में भारी मात्रा में अवैध शराब ले जाई जा रही है।
सूचना के आधार पर आबकारी विभाग की टीम ने भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। टीम में आबकारी अधिकारी रविंद्र प्रताप सिंह, सीआई वीणा वैष्णव समेत कई अधिकारी शामिल थे।
नाकाबंदी देखकर ट्रक छोड़ फरार हुआ ड्राइवर
जैसे ही 12 चक्का ट्रक नाकाबंदी स्थल के पास पहुंचा, चालक पुलिस और आबकारी टीम को देखकर ट्रक छोड़कर मौके से फरार हो गया। टीम ने ट्रक की तलाशी ली तो पहली नजर में उसमें प्लास्टिक पाइप भरे नजर आए।
लेकिन गहन जांच करने पर पाइपों के नीचे विशेष रूप से तैयार किया गया एक गुप्त बॉक्स मिला, जिसमें बड़ी मात्रा में शराब छुपाकर रखी गई थी। तस्करों ने शराब को छिपाने के लिए ट्रक को बेहद शातिर तरीके से मॉडिफाई किया था ताकि सामान्य जांच में पकड़ में न आए।
710 कार्टन शराब बरामद
आबकारी विभाग ने ट्रक से कुल 710 कार्टन अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की। इनमें विभिन्न ब्रांड की शराब शामिल है—
- 400 पेटी ऑल सीजन व्हिस्की
- 168 पेटी ओल्ड स्कूल वोडका
- 67 पेटी बोतल शराब
- 75 पेटी जुबली गोल्ड रिजर्व व्हिस्की
जब्त शराब की बाजार कीमत करीब 62 लाख रुपए बताई जा रही है। ट्रक और शराब को जब्त कर आबकारी विभाग के परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
गुजरात सप्लाई की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि शराब चंडीगढ़ निर्मित थी और इसकी सप्लाई गुजरात में की जानी थी। गुजरात में शराबबंदी लागू होने के कारण वहां अवैध शराब तस्करी के कई मामले सामने आते रहते हैं।
आबकारी विभाग अब फरार ट्रक चालक और तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गया है। ट्रक के दस्तावेजों और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
तस्करों के नए तरीकों से बढ़ी चुनौती
आबकारी अधिकारियों का कहना है कि शराब तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर अवैध शराब की सप्लाई कर रहे हैं। कभी ट्रकों में फर्जी दीवारें बनाई जाती हैं तो कभी सामान के नीचे गुप्त कम्पार्टमेंट तैयार किए जाते हैं।
भारतमाला एक्सप्रेस-वे जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर का इस्तेमाल कर तस्कर तेजी से राज्यों के बीच शराब पहुंचाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में आबकारी विभाग ने हाईवे पर निगरानी और नाकाबंदी बढ़ा दी है।