जैसलमेर के डंपिंग यार्ड में सड़ते मिले सैकड़ों गौवंश के शव, वीडियो वायरल होते ही प्रशासन एक्शन मोड में

जैसलमेर के बड़ागांव डंपिंग यार्ड में खुले में पड़े सैकड़ों मृत गौवंश के शव मिलने से हड़कंप मच गया। वीडियो वायरल होने के बाद नगर परिषद हरकत में आई और ठेकेदार को नोटिस जारी कर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी।

May 25, 2026 - 12:21
जैसलमेर के डंपिंग यार्ड में सड़ते मिले सैकड़ों गौवंश के शव, वीडियो वायरल होते ही प्रशासन एक्शन मोड में

राजस्थान के जैसलमेर जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। शहर से करीब सात किलोमीटर दूर स्थित बड़ागांव डंपिंग यार्ड में सैकड़ों मृत गौवंश और अन्य पशुओं के शव खुले में पड़े मिले। लंबे समय तक शवों का निस्तारण नहीं होने के कारण वहां भयंकर बदबू फैल गई और आसपास का वातावरण दूषित हो गया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगर परिषद प्रशासन हरकत में आया। मामले को गंभीर मानते हुए परिषद ने मृत पशुओं के निस्तारण का ठेका लेने वाले ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही ठेका निरस्त करने और ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई है।

वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप

स्थानीय लोगों ने डंपिंग यार्ड में खुले पड़े मृत गौवंश के शवों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से पशुओं के शव खुले में फेंके जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।

डंपिंग यार्ड में सड़ते शवों से उठ रही बदबू के कारण आसपास के इलाके में रहना मुश्किल हो गया था। साथ ही संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया था।

नगर परिषद आयुक्त ने लिया तुरंत संज्ञान

मामले के तूल पकड़ने के बाद नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढा ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने मृत पशु उठाने और हड्डी-चमड़ा निस्तारण का ठेका लेने वाले ठेकेदार गोपाराम निवासी सुवाला (बाड़मेर) को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

नोटिस में स्पष्ट कहा गया कि निस्तारण के लिए गड्ढे चिन्हित होने के बावजूद शवों को खुले में फेंकना नियमों का गंभीर उल्लंघन है। परिषद ने ठेकेदार से जवाब मांगा है कि आखिर शवों को तय प्रक्रिया के अनुसार दफन क्यों नहीं किया गया।

ठेका निरस्त और ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी

नगर परिषद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि ठेकेदार का जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो उसका ठेका तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही परिषद में जमा सिक्योरिटी राशि जब्त कर उसे ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा।

प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जेसीबी से खुदवाए गड्ढे, शवों को दफनाया गया

घटना सामने आने के बाद नगर परिषद की जन स्वास्थ्य शाखा और स्वच्छता निरीक्षक की टीम मौके पर पहुंची। आयुक्त के निर्देश पर जेसीबी मशीनों की मदद से बड़े गड्ढे खुदवाए गए।

इसके बाद खुले में पड़े सभी गौवंश और अन्य मृत पशुओं के शवों को मिट्टी डालकर दफनाया गया, ताकि इलाके में फैल रही दुर्गंध और संक्रमण के खतरे को रोका जा सके।

आयुक्त बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढा ने कहा कि डंपिंग यार्ड में मृत पशुओं को खुले में छोड़ना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की खुली नीलामी प्रक्रिया के तहत यह कार्य ठेकेदार को सौंपा गया था, लेकिन नियमों की खुली अनदेखी सामने आई है।

उन्होंने साफ कहा कि यदि जांच में लापरवाही साबित होती है तो ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि गौवंश के शवों को खुले में छोड़ना न केवल अमानवीय है बल्कि इससे बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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