देवनानी बोले—‘अकबर महान’ पढ़कर होती थी पीड़ा, शिक्षा मंत्री बनते ही पाठ्यक्रम में जोड़ा ‘प्रताप महान’; कहा—हमने विश्व को खोजा, हमें किसी ने नहीं खोजा
बांसवाड़ा दौरे पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शिक्षा और इतिहास को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने पाठ्यक्रम में बदलाव का जिक्र करते हुए ‘अकबर महान’ और वास्कोडिगामा जैसे विषयों पर सवाल उठाए। साथ ही बांसवाड़ा के विकास कार्यों की भी सराहना की।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी रविवार को बांसवाड़ा दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने शिक्षा, इतिहास और सांस्कृतिक पहचान को लेकर कई अहम बयान दिए। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और पाठ्यक्रम में हुए बदलावों पर अपनी बात रखी, जो चर्चा का विषय बन गया।
‘अकबर महान’ और पाठ्यक्रम पर टिप्पणी
देवनानी ने कहा कि वे लंबे समय तक किताबों में ‘अकबर महान’ पढ़ते रहे, जिससे उन्हें मानसिक असहजता महसूस होती थी। उनके अनुसार, जिस व्यक्ति ने देश पर आक्रमण किया, उसे महान कहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने पाठ्यक्रम में बदलाव की पहल की और ‘अकबर महान’ के स्थान पर ‘प्रताप महान’ को शामिल किया।
इसके अलावा उन्होंने वास्कोडिगामा के संदर्भ में भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अक्सर पढ़ाया जाता है कि भारत की खोज वास्कोडिगामा ने की, जबकि भारत एक प्राचीन सभ्यता वाला देश है। उनके अनुसार, इस तरह की शिक्षा हमारे इतिहास और जड़ों से दूर करती है। उन्होंने कहा— “भारत सनातन संस्कृति वाला हजारों साल पुराना देश है, हमें किसी ने नहीं खोजा, हमने विश्व को खोजा है।”
GGTU में कार्यक्रम और अध्ययन पीठ का शुभारंभ
अपने दौरे के दौरान देवनानी गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय (GGTU) पहुंचे, जहां उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय अध्ययन पीठ का शुभारंभ किया। विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति केशव ठाकुर ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में गढ़ी विधायक कैलाश मीणा और पूर्व कुलपति कैलाश सोडाणी सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
बांसवाड़ा के विकास पर टिप्पणी
मीडिया से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष ने बांसवाड़ा के विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि 1970-71 में जब वे पहली बार यहां आए थे, तब और आज के बांसवाड़ा में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारों और वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है।
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर दौरा
कार्यक्रम के बाद देवनानी ने प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन किए। उनके दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और पूरे क्षेत्र को अलर्ट मोड पर रखा।