पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर राहुल गांधी बोले ‘चुपके-चुपके काटी जा रही है आपकी जेब’

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद केंद्र सरकार ने 11 दिनों में चौथी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। इस दौरान पेट्रोल 7.40 रुपये और डीजल 7.52 रुपये महंगा हुआ है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसे जनता की जेब पर हमला बताते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

May 25, 2026 - 14:08
May 25, 2026 - 14:22
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर राहुल गांधी बोले ‘चुपके-चुपके काटी जा रही है आपकी जेब’

देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद केंद्र सरकार ने एक बार फिर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी। सोमवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने का ऐलान किया।  बीते 11 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है। इस दौरान पेट्रोल 7.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल 7.52 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है। लगातार बढ़ रही कीमतों से आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

नई कीमतों के बाद क्या हुए रेट?

तेल कंपनियों द्वारा 25 मई को जारी नई दरों के अनुसार पेट्रोल में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।

इसके बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

इससे पहले भी अलग-अलग चरणों में कीमतें बढ़ाई गई थीं—

  • 15 मई: पेट्रोल-डीजल 3-3 रुपये महंगे
  • 19 मई: दोनों ईंधनों में 90-90 पैसे की बढ़ोतरी
  • 23 मई: पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा
  • 25 मई: पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये महंगा

लगातार हो रही बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट, रोजमर्रा की वस्तुओं और घरेलू बजट पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

राहुल गांधी ने सरकार पर बोला हमला

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार जनता से “किश्तों में पैसे निकाल रही है।”

राहुल गांधी ने लिखा कि वे लंबे समय से देश में आने वाले आर्थिक संकट को लेकर चेतावनी दे रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावों में व्यस्त थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया। उन्होंने कहा “महंगाई वाले मोदी का बस यही काम है- चुनाव के दौरान वादे और बाकी समय जनता की जेब पर हमला।”

आम जनता में नाराजगी

तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर आम लोगों में भी नाराजगी दिखाई दे रही है। दिल्ली के जनपथ फ्यूलिंग स्टेशन पर पेट्रोल भरवाने पहुंचे एक ग्राहक ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लगातार दाम बढ़ रहे हैं, जबकि उनकी आमदनी सीमित है।

ग्राहक ने कहा कि रोज 600-700 रुपये की कमाई में महंगे पेट्रोल का खर्च उठाना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने की मांग की।

महंगाई पर बढ़ सकती है और मार

विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर खाने-पीने की वस्तुओं, सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

देश पहले से ही महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत से जूझ रहा है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में लगातार इजाफा आम लोगों की परेशानी और बढ़ा सकता है।

विपक्ष बनाम सरकार की सियासत तेज

ईंधन कीमतों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनावों के दौरान कीमतें नियंत्रित रखी जाती हैं और चुनाव खत्म होते ही जनता पर बोझ बढ़ा दिया जाता है।

वहीं सरकार की ओर से अभी तक इस ताजा बढ़ोतरी पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और टैक्स संरचना को अक्सर बढ़ोतरी का कारण बताया जाता रहा है।

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