UPSC परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी गिरफ्तार, QR कोड स्कैन होते ही खुला राज और जेब से मिली अफीम

उदयपुर में UPSC सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स परीक्षा के दौरान एक युवक फर्जी एडमिट कार्ड के साथ परीक्षा देने पहुंचा, लेकिन QR कोड स्कैन होते ही पूरा खेल खुल गया। पुलिस ने आरोपी को पकड़ा तो उसकी जेब से अफीम भी बरामद हुई।

May 25, 2026 - 12:06
UPSC परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी गिरफ्तार, QR कोड स्कैन होते ही खुला राज और  जेब से मिली अफीम

राजस्थान के उदयपुर में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सूरजपोल थाना पुलिस ने एक युवक को फर्जी प्रवेश पत्र के साथ परीक्षा केंद्र पर पकड़ा है। आरोपी के पास से एक ग्राम अफीम भी बरामद हुई है।

घटना शहर के सरकारी फतह सीनियर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र की है, जहां रविवार को UPSC प्रीलिम्स परीक्षा आयोजित की गई थी। आरोपी दूसरी पारी की परीक्षा देने पहुंचा था, लेकिन एंट्री गेट पर ही उसकी चालाकी पकड़ में आ गई।

QR कोड स्कैन होते ही हुआ खुलासा

जानकारी के मुताबिक, आरोपी जयेश जाट निवासी चित्तौड़गढ़ फर्जी एडमिट कार्ड लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचा था। जैसे ही गेट पर मौजूद स्टाफ ने प्रवेश पत्र पर बने QR कोड को स्कैन किया, डेटा सिस्टम से मैच नहीं हुआ।

डेटा मिसमैच होते ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को शक हुआ और उन्होंने तुरंत युवक को रोक लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस ने मौके पर लिया हिरासत में

सूचना मिलने पर सूरजपोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उसकी जेब से करीब एक ग्राम अफीम भी बरामद हुई।

सूरजपोल थानाधिकारी रतन सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान जयेश जाट पुत्र रमेश जाट के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसने मोबाइल ऐप की मदद से असली जैसा दिखने वाला फर्जी एडमिट कार्ड तैयार किया था।

पहली पारी में नहीं आया, दूसरी में पहुंचा

पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह आयोजित पहली पारी की परीक्षा में आरोपी केंद्र पर नहीं पहुंचा था। वह दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई दूसरी पारी का पेपर देने के लिए परीक्षा केंद्र आया था।

हालांकि, सुरक्षा जांच और QR वेरिफिकेशन के दौरान उसका फर्जीवाड़ा पकड़ लिया गया।

बीटेक कर चुका है आरोपी

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जयेश ने वर्ष 2015 से 2019 के बीच बीटेक की पढ़ाई की है। वर्तमान में वह ऑनलाइन माध्यम से प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहा था। बताया जा रहा है कि वह स्प्रिंगबोर्ड कोचिंग संस्थान से ऑनलाइन कोचिंग ले रहा था।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने फर्जी प्रवेश पत्र खुद बनाया था या किसी गिरोह की मदद ली थी। साथ ही परीक्षा केंद्र तक अफीम पहुंचाने के पीछे की वजह भी खंगाली जा रही है।

सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस मामले को परीक्षा सुरक्षा और साइबर फर्जीवाड़े दोनों एंगल से जांच रही है।

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