व्हाइट हाउस के पास ताबड़तोड़ फायरिंग, अंदर मौजूद थे ट्रम्प: 30 राउंड गोलियां चलीं, हमलावर ढेर
अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के पास संदिग्ध युवक ने करीब 30 राउंड फायरिंग कर दी। घटना के वक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अंदर मौजूद थे। सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में हमलावर मारा गया, जबकि एक नागरिक घायल हो गया।
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में शनिवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब व्हाइट हाउस के पास एक संदिग्ध युवक ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घटना भारतीय समयानुसार रात करीब 3:30 बजे से सुबह 5 बजे के बीच हुई। खास बात यह रही कि घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे।
जानकारी के मुताबिक संदिग्ध हमलावर ने व्हाइट हाउस के नजदीक बने सिक्योरिटी चेकपॉइंट पर करीब 30 राउंड गोलियां चलाईं। उस समय वहां अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के अधिकारी तैनात थे। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में हड़कंप मच गया और सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।
सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावर को गोली मार दी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हमलावर की पहचान 21 वर्षीय नासिर बेस्ट के रूप में हुई है, जो अमेरिका के मैरीलैंड राज्य का निवासी बताया जा रहा है।
घटना में एक आम नागरिक भी गोली लगने से घायल हुआ है। अधिकारियों के अनुसार अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घायल व्यक्ति को हमलावर की गोली लगी या जवाबी फायरिंग के दौरान वह घायल हुआ। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
खुद को ‘जीजस’ बताता था हमलावर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नासिर बेस्ट मानसिक रूप से परेशान था और इससे पहले भी कई बार व्हाइट हाउस के आसपास देखा जा चुका था। उस पर व्हाइट हाउस के आसपास आने पर रोक लगाने का कोर्ट आदेश भी जारी किया गया था।
बताया जा रहा है कि जून 2025 में उसने सड़क पर वाहनों का रास्ता रोका था, जिसके बाद उसे मानसिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया था। बाद में जुलाई 2025 में वह व्हाइट हाउस के प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था। गिरफ्तारी के दौरान उसने खुद को “आज के दौर का जीजस” बताया था।
40 मिनट तक लॉकडाउन जैसे हालात
फायरिंग के बाद पूरे व्हाइट हाउस परिसर में सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर दिया। वहां मौजूद पत्रकारों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। सीक्रेट सर्विस, FBI और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया। करीब 40 मिनट तक इलाके में लॉकडाउन जैसी स्थिति बनी रही।
व्हाइट हाउस के नॉर्थ लॉन को खाली कराया गया और जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से सबूत जुटाने शुरू कर दिए। FBI डायरेक्टर काश पटेल ने सोशल मीडिया पोस्ट कर बताया कि सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं।
ट्रम्प ने की सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ
घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने सीक्रेट सर्विस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों ने बेहद तेजी और पेशेवर तरीके से कार्रवाई कर बड़ा हादसा टाल दिया।
ट्रम्प ने कहा कि हाल की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि अमेरिका को भविष्य के राष्ट्रपतियों और राष्ट्रीय संस्थानों की सुरक्षा के लिए और मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित करने की जरूरत है।
पहले भी ट्रम्प पर हो चुका हमला
यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा सामने आया हो। इससे पहले जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया की चुनावी रैली के दौरान उन पर जानलेवा हमला हुआ था। उस घटना में गोली ट्रम्प के कान को छूते हुए निकल गई थी। सीक्रेट सर्विस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हमलावर को मौके पर ही मार गिराया था।
इसके अलावा हाल ही में ट्रम्प की बेटी इवांका ट्रम्प को भी हत्या की धमकी मिलने का मामला सामने आया था। इस मामले में एक इराकी युवक को गिरफ्तार किया गया था, जिसके पास इवांका और जैरेड कुशनर के घर का ब्लूप्रिंट मिला था।