मंत्रियों-अफसरों की विदेश यात्राओं पर रोक, फिजूलखर्ची कम करने के लिए लागू हुआ नया खर्च नियंत्रण प्लान...

राजस्थान सरकार ने फिजूलखर्ची रोकने और ईंधन बचाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। अब मंत्रियों और अधिकारियों की सरकारी खर्च पर विदेश यात्राओं पर रोक रहेगी, काफिले छोटे किए जाएंगे और कार-पूलिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार अब चरणबद्ध तरीके से सिर्फ ईवी वाहन खरीदेगी, होटलों में सरकारी कार्यक्रमों पर रोक रहेगी और ई-ऑफिस व राज-काज पोर्टल के जरिए डिजिटल कामकाज को प्राथमिकता दी जाएगी।

May 24, 2026 - 12:56
मंत्रियों-अफसरों की विदेश यात्राओं पर रोक, फिजूलखर्ची कम करने के लिए लागू हुआ नया खर्च नियंत्रण प्लान...

राजस्थान सरकार ने सरकारी खर्चों में कटौती और ईंधन बचत को लेकर बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग की अपील के बाद राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत मंत्रियों, अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई खर्चों पर नियंत्रण लगाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य अनावश्यक खर्च कम करना, ईंधन की बचत करना और सरकारी व्यवस्था को डिजिटल एवं पर्यावरण अनुकूल बनाना बताया जा रहा है।

विदेश यात्राओं पर रहेगी रोक

नई व्यवस्था के तहत मंत्रियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सरकारी खर्च पर होने वाली विदेश यात्राओं पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि आवश्यक मामलों को छोड़कर विदेश यात्राओं पर होने वाला खर्च कम किया जाए ताकि सरकारी धन का बेहतर उपयोग हो सके।

अब छोटे होंगे मंत्रियों और अधिकारियों के काफिले

सरकार ने पहले ही मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिलों में वाहनों की संख्या कम करने की शुरुआत कर दी है। अब अन्य अधिकारियों और पदाधिकारियों के काफिलों में भी गैर-जरूरी वाहनों को हटाया जाएगा। इसका उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना और खर्च नियंत्रित करना है।

सरकारी दफ्तरों में कार-पूलिंग को बढ़ावा

नई गाइडलाइन के अनुसार एक ही दिशा में आने-जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को कार-पूलिंग अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी और निजी दोनों तरह के वाहनों में साझा यात्रा को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे ईंधन की बचत के साथ यातायात का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।

अब सिर्फ ईवी वाहन खरीदेगी सरकार

राज्य सरकार ने भविष्य में सरकारी विभागों और संस्थाओं में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की खरीद को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

योजना के अनुसार—

नए वाहनों की खरीद में ईवी को प्राथमिकता मिलेगी।

चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल और डीजल वाहनों को बदला जाएगा।

पहले चरण में शहरों में कार्यरत अधिकारियों के लिए ईवी वाहन खरीदे जाएंगे।

बाद में ठेके पर लिए जाने वाले वाहनों में भी ईवी व्यवस्था लागू की जाएगी।

होटलों में सरकारी कार्यक्रमों पर लगी रोक

सरकारी बैठकों, कार्यक्रमों और आयोजनों पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए अब होटल और निजी स्थानों पर सरकारी कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे।

नई व्यवस्था के तहत:

सभी बैठकें और कार्यक्रम सरकारी भवनों में होंगे।

यह नियम सरकारी विभागों, स्वायत्तशासी संस्थाओं और सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) पर लागू रहेगा।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को मिलेगी प्राथमिकता

जहां संभव होगा वहां फिजिकल मीटिंग के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे यात्रा खर्च और समय दोनों की बचत होगी।

फाइलों की जगह डिजिटल सिस्टम पर जोर

सरकारी कामकाज को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं।

इसके तहत:

ई-ऑफिस और ई-फाइल प्रणाली का उपयोग बढ़ाया जाएगा।

कागजी फाइलों की जगह राज-काज पोर्टल का उपयोग प्राथमिकता से होगा।

पत्राचार और दस्तावेजों को डिजिटल माध्यम से भेजने पर जोर रहेगा।

सोलर ऊर्जा को भी मिलेगा बढ़ावा

सरकार सरकारी भवनों में सोलर प्लांट लगाने की दिशा में भी काम करेगी। साथ ही लोगों को घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करने की योजना भी बनाई जा रही है।

सरकार का लक्ष्य क्या है?

सरकार की नई नीति का मुख्य उद्देश्य सरकारी खर्चों को कम करना, ईंधन बचाना, डिजिटल सिस्टम को मजबूत करना और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है। आने वाले समय में इन निर्देशों का पालन सभी विभागों के लिए अनिवार्य रहेगा और इसके प्रभाव की निगरानी भी की जाएगी।