NEET पेपर लीक से टूटा परिवार: राहुल गांधी ने सुसाइड करने वाले छात्र के घर फोन कर पूछा- ‘मैं आपकी कैसे मदद कर सकता हूं?’
सीकर में NEET अभ्यर्थी प्रदीप मेघवाल की आत्महत्या के बाद राहुल गांधी ने परिवार से फोन पर बात की। पिता ने बताया कि बेटा 3 साल से तैयारी कर रहा था और पेपर लीक की खबर के बाद टूट गया।
देशभर में NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली को लेकर चल रहे विवाद के बीच राजस्थान के सीकर से एक बेहद भावुक और दिल झकझोर देने वाली कहानी सामने आई है। यहां NEET अभ्यर्थी प्रदीप मेघवाल की आत्महत्या के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात कर उनका दर्द जाना। बातचीत के दौरान परिवार कई बार भावुक हो गया, जबकि राहुल गांधी ने भी परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
शुक्रवार को नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ प्रदीप मेघवाल के घर पहुंचे। इसी दौरान उन्होंने राहुल गांधी की पीड़ित परिवार से फोन पर सीधी बातचीत करवाई।
“3 साल से तैयारी कर रहा था मेरा बेटा”
राहुल गांधी ने सबसे पहले प्रदीप के पिता से पूछा कि उनका बेटा कब से NEET की तैयारी कर रहा था। इस पर पिता ने भावुक होकर बताया कि प्रदीप पिछले तीन साल से डॉक्टर बनने का सपना लेकर मेहनत कर रहा था।
उन्होंने कहा कि परीक्षा देकर बाहर आने के बाद प्रदीप ने खुद फोन कर बताया था कि इस बार उसका पेपर बहुत अच्छा गया है और उसे पूरा भरोसा था कि उसका चयन हो जाएगा। लेकिन कुछ दिनों बाद जैसे ही पेपर लीक और धांधली की खबरें सामने आईं, वह मानसिक रूप से टूट गया।
तीसरा प्रयास था, इस बार उम्मीद थी
राहुल गांधी ने दूसरा सवाल पूछा कि क्या यह प्रदीप का पहला प्रयास था। इस पर पिता ने बताया कि यह उसका तीसरा अटेम्प्ट था। पिछले दो प्रयासों में चयन नहीं हुआ था, लेकिन इस बार उसे खुद पर पूरा विश्वास था।
परिजनों के मुताबिक प्रदीप को उम्मीद थी कि इस बार उसके करीब 650 अंक आ सकते हैं। वह परीक्षा के बाद बेहद खुश था और डॉक्टर बनने का सपना लगभग पूरा होता दिख रहा था।
“अब बेटा नहीं, सिर्फ तीन बेटियां हैं”
बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने परिवार के बारे में भी जानकारी ली और पूछा कि प्रदीप के कितने भाई-बहन हैं। इस सवाल पर पिता रो पड़े। उन्होंने कहा कि उनके चार बच्चे थे—एक बेटा और तीन बेटियां। अब बेटा इस दुनिया में नहीं रहा।
परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही बेहद कमजोर बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार बेटे की पढ़ाई के लिए उन्होंने जमीन तक बेच दी थी और उन पर करीब 11 लाख रुपए का कर्ज है।
टीन शेड वाले कमरे में लगाई फांसी
प्रदीप के चाचा ने बताया कि वह किराए के जिस कमरे में रहता था, उसकी छत टीन शेड की थी। वहीं उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार का कहना है कि पेपर लीक की खबर ने उसे अंदर तक तोड़ दिया था।
परिजनों ने राहुल गांधी के सामने मांग रखी कि NEET पेपर लीक में शामिल पेपर माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मजबूत कानून बनाया जाए।
राहुल गांधी ने दिया भरोसा
परिवार की बातें सुनने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि उनकी न्याय की मांग बिल्कुल सही है और इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया।
यह मामला अब केवल एक छात्र की आत्महत्या का नहीं, बल्कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर उठते सवालों का प्रतीक बनता जा रहा है। लाखों छात्र वर्षों की मेहनत और परिवार की उम्मीदों के साथ परीक्षा देते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं कई सपनों को तोड़ देती हैं।