जयपुर नगर निगम मुख्यालय में लगी आग ने खोली सिस्टम की पोल, एक्सपायर फायर सिलेंडरों के सहारे बुझी लपटें

जयपुर नगर निगम मुख्यालय में शुक्रवार सुबह शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। कर्मचारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर से आग पर काबू पाया, लेकिन कई सिलेंडर एक्सपायर्ड और आधी क्षमता वाले निकले, जिससे निगम की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

May 22, 2026 - 16:06
जयपुर नगर निगम मुख्यालय में लगी आग ने खोली सिस्टम की पोल, एक्सपायर फायर सिलेंडरों के सहारे बुझी लपटें

राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार सुबह नगर निगम मुख्यालय में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। यह आग निगम की कार्मिक शाखा के एक केबिन में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिसके बाद पूरे ऑफिस परिसर में धुआं फैल गया। राहत की बात यह रही कि कर्मचारियों और सफाईकर्मियों की तत्परता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।

हालांकि इस घटना ने नगर निगम की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही भी उजागर कर दी। कर्मचारियों का आरोप है कि आग बुझाने में इस्तेमाल किए गए कई फायर एक्सटिंग्विशर एक्सपायरी डेट पार कर चुके थे और कुछ सिलेंडर आधी क्षमता के निकले।

सुबह 8:40 बजे मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 8:40 बजे कार्मिक शाखा के एक केबिन में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। देखते ही देखते वहां रखा फर्नीचर, जरूरी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आग की चपेट में आ गए। ऑफिस में धुआं फैलने लगा और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

कार्मिक विभाग के कर्मचारी ने सबसे पहले आग लगने की सूचना दी, जिसके बाद मौके पर मौजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वसीम और सफाईकर्मियों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।

कर्मचारियों ने खुद संभाला मोर्चा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब 10 फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल कर आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया। कर्मचारियों ने बताया कि यदि कुछ मिनट और देरी होती तो आग आसपास के कमरों तक पहुंच सकती थी और बड़ा नुकसान हो सकता था।

सफाई कर्मचारी रवि ने बताया कि आग में एक पंखा, टेबल और कई जरूरी दस्तावेज जलकर राख हो गए। हालांकि समय रहते कार्रवाई होने से स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं बनी।

फायर सेफ्टी सिस्टम पर उठे सवाल

घटना के बाद कर्मचारियों ने निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि जिन फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल किया गया, वे बाहर से सील पैक दिख रहे थे, लेकिन उपयोग के दौरान कई सिलेंडर आधे खाली निकले। इतना ही नहीं, कुछ उपकरणों की एक्सपायरी डेट भी निकल चुकी थी।

इस खुलासे के बाद नगर निगम की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। खास बात यह है कि यही निगम शहर में फायर एनओसी जारी करने और अग्नि सुरक्षा नियमों की निगरानी करने की जिम्मेदारी निभाता है।

अतिरिक्त आयुक्त ने लिया जायजा

घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र बंसल मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से जानकारी लेकर आग लगने के कारणों और नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। साथ ही अग्निशमन उपकरणों की जांच करने की बात भी कही गई है।

बड़ा हादसा टला

कर्मचारियों का कहना है कि अगर आग थोड़ी और फैलती या समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो निगम मुख्यालय में बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल घटना के बाद सभी अग्निशमन उपकरणों की जांच और फायर सेफ्टी सिस्टम को अपडेट करने की मांग तेज हो गई है।

Kashish Sain Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।