गिराल लिग्नाइट माइंस आंदोलन का 20वां दिन मजदूरों के समर्थन में डटे रविन्द्र सिंह भाटी, खून से लिखी मांगों ने बढ़ाई सरकार की चिंता!

बाड़मेर की गिराल लिग्नाइट माइंस में स्थानीय मजदूरों और ग्रामीणों के समर्थन में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के नेतृत्व में आंदोलन 20वें दिन भी जारी रहा। मजदूरों ने अपनी 22 सूत्रीय मांगों को लेकर खून से पत्र लिखा। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में स्थानीय कर्मचारियों की बहाली, 8 घंटे कार्य समय, उचित मजदूरी और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता शामिल है।

May 24, 2026 - 13:54
गिराल लिग्नाइट माइंस आंदोलन का 20वां दिन मजदूरों के समर्थन में डटे रविन्द्र सिंह भाटी, खून से लिखी मांगों ने बढ़ाई सरकार की चिंता!

बाड़मेर की गिराल लिग्नाइट माइंस में स्थानीय मजदूरों और ग्रामीणों के समर्थन में चल रहा आंदोलन लगातार मजबूत होता जा रहा है। शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के नेतृत्व में जारी यह धरना अब 20वें दिन में पहुंच चुका है। आंदोलन स्थल पर हर दिन बड़ी संख्या में मजदूर, ग्रामीण और युवा अपनी मांगों को लेकर जुट रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि लंबे समय से स्थानीय लोगों के अधिकारों और रोजगार से जुड़े मुद्दों की अनदेखी की जा रही है।

खून से लिखा मांग पत्र बना चर्चा का विषय

धरने के दौरान मजदूरों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए अलग तरीका अपनाया। श्रमिकों ने अपनी 22 सूत्रीय मांगों को लेकर खून से पत्र लिखकर प्रदेश के गृह मंत्री के समक्ष अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब लगातार मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तब उन्हें अपनी पीड़ा दिखाने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।

रोजगार और श्रमिक अधिकारों को लेकर बढ़ा असंतोष

धरना दे रहे लोगों का आरोप है कि माइंस क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने में प्राथमिकता नहीं दी जा रही। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों को रोजगार की उम्मीद थी, लेकिन अपेक्षित अवसर नहीं मिलने से नाराजगी बढ़ी है। साथ ही मजदूरों ने कार्य परिस्थितियों और श्रमिक सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

इन मांगों को लेकर आंदोलनकारियों की मुख्य आवाज

प्रदर्शनकारी मजदूरों और ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं—

निकाले गए स्थानीय कर्मचारियों की पुनः बहाली

स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता

मजदूरों के लिए 8 घंटे का कार्य समय

उचित मजदूरी और श्रमिक सुविधाएं

श्रमिक हितों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट व्यवस्था

आंदोलनकारी लगातार कह रहे हैं कि इन मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो विरोध और तेज किया जाएगा।

पेट्रोल छिड़कने की घटना के बाद बढ़ी चर्चा

आंदोलन के दौरान एक बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने श्रमिकों के मुद्दों को लेकर विरोध जताते हुए खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया था। हालांकि मौके पर मौजूद समर्थकों और अन्य लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाल लिया। इस घटना के बाद आंदोलन ने प्रदेशभर में अधिक ध्यान आकर्षित किया और राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गईं।

सरकार और प्रशासन को दी खुली चेतावनी

धरना स्थल से आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि स्थानीय मजदूरों और ग्रामीणों की समस्याओं पर गंभीरता से निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

 लगातार बढ़ते समर्थन के बीच गिराल लिग्नाइट माइंस का यह मामला अब केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि श्रमिक अधिकार और स्थानीय रोजगार जैसे बड़े सवालों से जुड़ता दिखाई दे रहा है।