20 साल पुराने प्रेम संबंध का खौफनाक अंत; दुष्कर्म के बाद पत्थर से कुचलकर की थी हत्या, आरोपी प्रेमी गिरफ्तार
राजस्थान के डूंगरपुर में 20 साल पुराने प्रेम संबंधों का खौफनाक अंत। ओबरी थाना पुलिस ने डेचा नाले में मिले बबली डामोर के सड़े-गले शव की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी प्रेमी जीवराज को गिरफ्तार कर लिया है।
डूंगरपुर (राजस्थान)। राजस्थान के डूंगरपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां दो दशकों (20 साल) पुराने प्रेम संबंधों का अंत बेहद खौफनाक और खूनी रहा। जिले की ओबरी थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए डेचा नाले से बरामद हुई महिला की लाश की गुत्थी को महज सात दिनों के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में मृतका के आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने तफ्तीश में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
नाले में मिला था सड़ा-गला शव, इलाके में फैला था हड़कंप
मामले की शुरुआत बीती 17 मई को हुई, जब ओबरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डेचा नाले में स्थानीय लोगों ने एक महिला का शव देखा। शव करीब 4-5 दिन पुराना होने के कारण पूरी तरह से सड़-गल चुका था और उसमें से भारी दुर्गंध आ रही थी। नाले में क्षत-विक्षत हालत में लाश मिलने की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलते ही ओबरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त के प्रयास शुरू किए। मृतका की पहचान बबली उर्फ हंता डामोर के रूप में हुई। शव की स्थिति को देखते हुए और मृतका की बेटी द्वारा हत्या की आशंका जताए जाने के बाद, पुलिस ने इसे सामान्य मौत न मानकर हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया और तफ्तीश की गति बढ़ा दी।
20 साल का प्यार, हवस और फिर बेरहमी से कत्ल
डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक (SP) मनीष कुमार के कड़े निर्देशन में मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। जब पुलिस ने मृतका के बैकग्राउंड और उसकी कॉल डिटेल्स को खंगाला, तो कहानी में एक चौंकाने वाला मोड़ आया। पुलिस जांच में सामने आया कि बबली का आरोपी जीवराज उर्फ जीवा के साथ पिछले 20 वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था।
पुलिस के मुताबिक, 14 मई की रात को आरोपी जीवराज ने एक सोची-समझी साजिश के तहत बबली को बहलाया-फुसलाया और उसे डेचा नाले के सूनसान इलाके के पास ले गया। नाले के पास ले जाकर आरोपी ने पहले महिला के साथ दुष्कर्म (रेप) की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद जब विवाद बढ़ा, तो आरोपी ने बबली का गला घोंट दिया और उसकी मौत पक्की करने के लिए भारी पत्थर से वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपी ने सबूत मिटाने के इरादे से लाश को नाले में ही फेंक दिया और मौके से फरार हो गया।
तकनीकी सर्विलांस और घेराबंदी से दबोचा गया कातिल
हत्या की इस खौफनाक गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस टीम ने मैन्युअल इंटेलिजेंस, तकनीकी सर्विलांस (Cyber Cell) और मुखबिरों के तंत्र को सक्रिय किया। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी चितरी थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। इस पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चितरी इलाके में घेराबंदी की और आरोपी जीवराज उर्फ जीवा को धर दबोचा। पुलिस थाने लाकर जब आरोपी से मनोवैज्ञानिक और कड़ी पूछताछ की गई, तो वह ज्यादा देर तक झूठ नहीं टिक सका और उसने बबली की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
इस बेहद पेचीदा और सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस को महज 7 दिनों में सुलझाने में ओबरी थानाधिकारी रमेश कुमार कटारा, गोविंदलाल, हेड कांस्टेबल गोविंद सिंह और चितरी थाने के दिग्विजय सिंह की मुख्य भूमिका रही। इसके साथ ही टीम के सदस्य हरेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, कन्हैयालाल और प्रवीण सिंह ने भी इस सफल कार्रवाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पुलिस अब आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्यों को बरामद किया जा सके।