राजस्थान का हिमांशु बना ‘फर्जी दारोगा’: AI से बनाई पुलिस वाली तस्वीरें, डेटिंग ऐप्स पर 20 महिलाओं को जाल में फंसाया

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने उदयपुर निवासी हिमांशु उर्फ रॉकी पांचाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को गुजरात पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताकर डेटिंग और मैट्रिमोनियल साइट्स पर महिलाओं को जाल में फंसाता था।

May 23, 2026 - 12:57
राजस्थान का हिमांशु बना ‘फर्जी दारोगा’: AI से बनाई पुलिस वाली तस्वीरें, डेटिंग ऐप्स पर 20 महिलाओं को जाल में फंसाया

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे शातिर युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स और मैट्रिमोनियल साइट्स का इस्तेमाल कर कई महिलाओं को अपना शिकार बनाया। आरोपी खुद को गुजरात पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताकर युवतियों और तलाकशुदा महिलाओं से दोस्ती करता था, फिर शादी का झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठता और कथित तौर पर शारीरिक शोषण करता था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान 27 वर्षीय हिमांशु उर्फ रॉकी पांचाल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से राजस्थान के उदयपुर का रहने वाला है। फिलहाल वह अहमदाबाद के साबरमती इलाके में रह रहा था। आरोपी के खिलाफ नवरंगपुरा और नरोडा पुलिस थानों में मामले दर्ज किए गए थे, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

AI से बनाई पुलिस अफसर वाली फर्जी पहचान

पुलिस जांच में सामने आया कि हिमांशु बेहद शातिर तरीके से खुद को गुजरात पुलिस के क्राइम ब्रांच साइबर सिक्योरिटी विभाग में तैनात सब-इंस्पेक्टर बताता था। उसने सोशल मीडिया प्रोफाइल्स और डेटिंग प्लेटफॉर्म्स पर पुलिस यूनिफॉर्म में अपनी AI जनरेटेड तस्वीरें अपलोड की थीं।

इतना ही नहीं, उसने ‘भारत सरकार’ और ‘क्राइम ब्रांच साइबर सिक्योरिटी’ के नाम से फर्जी आईडी कार्ड भी तैयार कर रखे थे। महिलाओं को विश्वास दिलाने के लिए उसने बाजार से गुजरात पुलिस जैसी वर्दी, लाल बेल्ट, बैज और अशोक चिन्ह वाले स्टिकर तक खरीद लिए थे।

20 से ज्यादा महिलाओं को बनाया शिकार

क्राइम ब्रांच अधिकारियों के मुताबिक पिछले करीब छह महीनों में आरोपी ने 20 से ज्यादा महिलाओं को अपने जाल में फंसाया। वह खासतौर पर अकेली युवतियों, तलाकशुदा महिलाओं और भावनात्मक रूप से कमजोर महिलाओं को निशाना बनाता था।

पहले सोशल मीडिया या मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर दोस्ती करता, फिर खुद को सरकारी अधिकारी बताकर भरोसा जीतता। इसके बाद शादी का वादा कर आर्थिक मदद मांगता और कई मामलों में शारीरिक संबंध बनाकर बाद में दूरी बना लेता था।

मुंबई में भी दर्ज है गंभीर मामला

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी के खिलाफ मुंबई के नाला सोपारा पुलिस स्टेशन में भी 2025 में मामला दर्ज हो चुका है। वहां उसने विरार निवासी एक महिला को शादी का झांसा देकर धोखा दिया था। महिला की शिकायत पर उसके खिलाफ बलात्कार और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। हालांकि बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया था।

जमानत का पैसा भी महिला से लिया

जेल से बाहर आने के बाद भी आरोपी की गतिविधियां नहीं रुकीं। उसने अहमदाबाद के न्यू वडाज इलाके की एक महिला से इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क किया और खुद को निर्दोष बताते हुए उससे नजदीकियां बढ़ाईं।

आरोप है कि उसने अपनी जमानत में खर्च हुए 50 हजार रुपए भी उसी महिला से लिए। इसके अलावा महिला से आर्थिक मदद लेकर वह मुंबई और गोवा घूमने तक गया।

बैंक अकाउंट और सिम कार्ड का भी किया इस्तेमाल

करीब चार महीने पहले आरोपी ने नरोडा इलाके में रहने वाली एक अन्य महिला से संपर्क किया। उसने शादी का भरोसा दिलाकर महिला से सिम कार्ड लिया और उसके बैंक खाते का इस्तेमाल भी किया। अलग-अलग बहाने बनाकर आरोपी ने उससे करीब 1.8 लाख रुपए ठग लिए। इस मामले में नरोडा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है।

छापेमारी में बरामद हुआ सामान

क्राइम ब्रांच की छापेमारी के दौरान आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन, 40 हजार रुपए नकद, पुलिस यूनिफॉर्म में फोटो वाला फर्जी पहचान पत्र, पुलिस लोगो, लाल बेल्ट, बैज और अशोक चिन्ह वाले स्टिकर बरामद किए गए हैं।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने और कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया है। साथ ही उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स और डिजिटल डाटा की भी जांच की जा रही है।

सोशल मीडिया और AI का खतरनाक इस्तेमाल

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि कैसे AI तकनीक और सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर लोग फर्जी पहचान बनाकर अपराध कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन रिश्ते बनाते समय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी व्यक्ति की पहचान पूरी तरह सत्यापित किए बिना उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

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