जेल में बंद छोटे भाई का प्लॉट बड़े भाई ने बेचा, 20 लाख की प्रॉपर्टी 7 लाख में बेचने का आरोप

श्रीगंगानगर में दहेज मामले में जेल में बंद युवक ने अपने बड़े भाई पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि जेल में रहने के दौरान उसके 20 लाख रुपए के मकान को साजिश के तहत सिर्फ 7 लाख रुपए में बेच दिया गया।

May 23, 2026 - 12:10
जेल में बंद छोटे भाई का प्लॉट बड़े भाई ने बेचा, 20 लाख की प्रॉपर्टी 7 लाख में बेचने का आरोप

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां दहेज प्रकरण में जेल में बंद एक युवक के साथ उसके ही बड़े भाई ने कथित तौर पर धोखाधड़ी कर दी। आरोप है कि युवक के जेल में रहने के दौरान उसके बड़े भाई ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी लाखों रुपए की संपत्ति बेहद कम कीमत में बेच दी। जेल से रिहा होने के बाद जब पीड़ित को पूरे मामले की जानकारी मिली तो उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला श्रीगंगानगर के सदर थाना क्षेत्र का है। पीड़ित अंग्रेज सिंह पुत्र सुरजीत सिंह निवासी चक 3 ई छोटी गली नंबर 9 ने अपने बड़े भाई हरभजन सिंह, पड़ोसी सुशील कुमार और अमर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और विश्वासघात के आरोप लगाए हैं।

दहेज मामले में काट रहा था सजा

अंग्रेज सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि वह दहेज प्रकरण में अदालत द्वारा सुनाई गई सजा काट रहा था। निचली अदालत ने उसे 3 साल की कैद और 2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। बाद में हाईकोर्ट ने उसकी सजा तो समाप्त कर दी, लेकिन जुर्माने की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी।

7 अगस्त 2024 को वह जेल से रिहा हुआ, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में अपील के दौरान जुर्माना जमा नहीं कर पाने के कारण उसे दोबारा 15 अक्टूबर 2024 को जेल जाना पड़ा। इसके बाद उसने करीब 11 महीने अतिरिक्त सजा काटी।

जेल में रहते बेच दिया मकान

पीड़ित का आरोप है कि उसके जेल में रहने का फायदा उठाकर बड़े भाई हरभजन सिंह ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर उसके मकान का सौदा कर दिया। अंग्रेज सिंह के अनुसार, उसके मकान की वास्तविक कीमत करीब 20 लाख रुपए थी, लेकिन उसे केवल 7 लाख रुपए में बेच दिया गया।

उसने आरोप लगाया कि पूरा सौदा उसकी जानकारी और अनुमति के बिना किया गया। जेल से रिहा होने के बाद उसे केवल 2 लाख 63 हजार रुपए दिए गए, जबकि बाकी रकम का कोई हिसाब नहीं दिया गया।

कोर्ट पहुंचा मामला, FIR दर्ज

मामले की जानकारी मिलने के बाद अंग्रेज सिंह ने अदालत में शिकायत पेश की। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए सदर थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। अदालत के निर्देश पर पुलिस ने हरभजन सिंह, सुशील कुमार और अमर सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

पुलिस कर रही जांच

मामले की जांच पुलिस अधीक्षक (एससीएसटी) विष्णु कुमार खत्री को सौंपी गई है। पुलिस अब संपत्ति बिक्री से जुड़े दस्तावेज, लेन-देन और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। जल्द ही आरोपियों से पूछताछ भी की जाएगी।

यह मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे रिश्तों में भरोसे के टूटने और लालच की बड़ी मिसाल के रूप में देख रहे हैं।

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