लोकसभा में अमित शाह का बड़ा हमला: “हथियार उठाते तो सांसद नहीं, सरेंडर लिस्ट में होते राजकुमार रोत!”
लोकसभा में अमित शाह ने डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत पर तीखा हमला बोला। कहा—संविधान के कारण ही वे संसद में हैं, हथियार उठाते तो सरेंडर लिस्ट में होते। बयान से सियासी माहौल गरम।
नई दिल्ली। संसद का माहौल उस वक्त अचानक गर्म हो गया जब केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने डूंगरपुर-बांसवाड़ा से सांसद Rajkumar Roat पर सीधा और तीखा हमला बोल दिया। शाह के बयान ने ना सिर्फ सदन में हलचल मचा दी, बल्कि सियासी गलियारों में भी बहस छेड़ दी है।
“संविधान की वजह से ही आप संसद में हैं”
अमित शाह ने दो टूक कहा कि देश में संविधान और कानून का राज सही तरीके से लागू होने के कारण ही आज राजकुमार रोत संसद में बैठकर अपनी बात रख पा रहे हैं। उन्होंने तीखे अंदाज़ में कहा—“अगर आपने हथियार उठाने का रास्ता चुना होता, तो आज सांसद नहीं होते… बल्कि पुलिस के सामने सरेंडर करने वालों की सूची में होते।”
मोदी सरकार में सख्त संदेश
शाह ने साफ चेतावनी दी कि अब देश में हथियार उठाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। “मोदी सरकार में जो भी हथियार उठाएगा, उसे हिसाब चुकाना ही पड़ेगा।” इस बयान को सरकार के “जीरो टॉलरेंस” रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या अन्याय के नाम पर संविधान को चुनौती?
सदन में बहस के दौरान अमित शाह ने बड़ा सवाल उठाया—“क्या किसी भी अन्याय के बहाने संविधान और शासन की वैधता को चुनौती दी जा सकती है?” उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को न्याय पाने का पूरा लोकतांत्रिक रास्ता देता है—
अदालतें, विधानसभा, पंचायत… हर स्तर पर व्यवस्था मौजूद है।
रोत पर सीधा कटाक्ष
शाह ने याद दिलाया कि इसी संविधान के रास्ते पर चलकर राजकुमार रोत चुनाव जीतकर संसद तक पहुंचे हैं। “जो लोग हथियारी आंदोलनों के वकील बन रहे हैं, उन्हें तय करना होगा कि वे संविधान को मानते हैं या नहीं।”
आदिवासी मुद्दे पर कांग्रेस घिरी
अमित शाह ने इस दौरान कांग्रेस पर भी जोरदार हमला बोला। “60 साल में से 50 साल कांग्रेस ने शासन किया, फिर भी आदिवासी समाज पीछे क्यों?”
- उन्होंने दावा किया कि अब केंद्र सरकार आदिवासियों को—
पक्का घर
पीने का पानी
बिजली
स्कूल
मोबाइल टावर
जैसी बुनियादी सुविधाएं दे रही है।
BAP की विचारधारा पर सवाल
शाह ने BAP (भारत आदिवासी पार्टी) की सोच पर भी गंभीर सवाल उठाए और कहा कि कुछ नेता सिर्फ वोट बैंक के लिए गलत विचारधाराओं का समर्थन कर रहे हैं।
क्यों वायरल हो रहा है ये बयान?
लोकसभा में दिया गया Amit Shah का यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है, क्योंकि इसमें सीधा और आक्रामक अंदाज़ देखने को मिला, जो लोगों का ध्यान तुरंत खींचता है। संसद के अंदर हुई तीखी टकराव वाली राजनीति ने इस मुद्दे को और गरमा दिया, जिससे यह बहस सिर्फ सदन तक सीमित नहीं रही बल्कि सोशल मीडिया पर भी छा गई। इसके साथ ही आदिवासी मुद्दों को लेकर दिया गया बड़ा राजनीतिक नैरेटिव लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया। सबसे अहम बात यह है कि इस बयान ने Indian National Congress और बीजेपी के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जिससे सियासी माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है।
निष्कर्ष
अमित शाह का यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक हमला नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश भी है—संविधान बनाम हथियार की राजनीति अब देखना होगा कि इस बयान पर विपक्ष और खुद राजकुमार रोत की क्या प्रतिक्रिया आती है।