राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर 18 जून को चुनाव: 2 सीटों पर बीजेपी, 1 पर कांग्रेस की जीत लगभग तय
राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर 18 जून को चुनाव होंगे। चुनाव आयोग ने कार्यक्रम जारी कर दिया है। मौजूदा संख्या बल के आधार पर दो सीटों पर बीजेपी और एक सीट पर कांग्रेस की जीत तय मानी जा रही है। यदि दोनों दल अतिरिक्त उम्मीदवार नहीं उतारते हैं तो चुनाव निर्विरोध भी हो सकता है।
राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। चुनाव आयोग के अनुसार 18 जून को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। राज्य की इन तीन सीटों पर मौजूदा विधानसभा संख्या बल को देखते हुए दो सीटों पर बीजेपी और एक सीट पर कांग्रेस की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
इन सीटों पर केंद्रीय मंत्री Ravneet Singh Bittu, बीजेपी सांसद Rajendra Gehlot और कांग्रेस सांसद Neeraj Dangi का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। इसके बाद नई सदस्यता के लिए चुनाव कराया जाएगा।
निर्विरोध चुनाव की भी संभावना
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि यदि बीजेपी तीसरा उम्मीदवार और कांग्रेस दूसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारती है तो यह चुनाव निर्विरोध भी हो सकता है। विधानसभा में वर्तमान संख्या बल के आधार पर बीजेपी आराम से दो उम्मीदवारों को जिता सकती है, जबकि कांग्रेस के खाते में एक सीट जाना तय माना जा रहा है।
हालांकि अभी दोनों दलों ने अपने उम्मीदवारों के नामों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और राजनीतिक रणनीति पर निर्भर करेगा। यदि अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला रोचक हो सकता है, लेकिन फिलहाल ऐसी संभावना कम मानी जा रही है।
यह रहेगा पूरा चुनाव कार्यक्रम
राज्यसभा चुनाव के लिए 1 जून को अधिसूचना जारी की जाएगी। इसी दिन से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उम्मीदवार 8 जून तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे।
9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। यदि जरूरत पड़ी तो 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। इसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
विधानसभा संख्या बल से तय होगी जीत
राजस्थान विधानसभा में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास स्पष्ट बहुमत है। ऐसे में बीजेपी के दो उम्मीदवारों की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है। वहीं कांग्रेस के पास इतनी संख्या है कि वह आसानी से एक उम्मीदवार को राज्यसभा भेज सकती है।