जैसलमेर में दिवाली की रात खौफनाक डबल मर्डर: व्यापारी और मुनीम की बेरहमी से हत्या, हत्यारे पीड़ित की ही कार से फरार

जैसलमेर के मोहनगढ़ में दिवाली की रात (20-21 अक्टूबर 2025) अनाज व्यापारी मदनलाल सारस्वत और उनके मुनीम रेवंतराम की धारदार हथियारों से बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्यारे शवों को नई मंडी क्षेत्र में फेंककर पीड़ित की मारुति अल्टो कार से फरार हो गए। पुलिस ने जांच शुरू की, नाकाबंदी की, लेकिन हत्यारे अब तक फरार। व्यापारिक रंजिश या लूट संभावित मोटिव। व्यापारी समुदाय में आक्रोश, बंद का ऐलान।

Oct 22, 2025 - 12:14
जैसलमेर में दिवाली की रात खौफनाक डबल मर्डर: व्यापारी और मुनीम की बेरहमी से हत्या, हत्यारे पीड़ित की ही कार से फरार

जैसलमेर, 22 अक्टूबर 2025 (स्पेशल रिपोर्ट): राजस्थान के रेगिस्तानी जिले जैसलमेर में त्योहार की चमक-दमक मातम में बदल गई। दिवाली की पवित्र रात को मोहनगढ़ कस्बे में एक सनसनीखेज डबल मर्डर की घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। अनाज व्यापारी मदनलाल सारस्वत और उनके लंबे समय से सहयोगी मुनीम रेवंतराम की धारदार हथियारों से बेरहमी से हत्या कर दी गई। दोनों के खून से लथपथ शव मंगलवार सुबह नई मंडी क्षेत्र में बरामद हुए, जहां हत्यारों ने शवों को फेंक दिया था। यह घटना न केवल व्यापारियों के बीच भय पैदा कर रही है, बल्कि राजस्थान में बढ़ते अपराधों की कड़ी चेतावनी भी दे रही है।घटना का खौफनाक विवरण: दिवाली की रात दुकान पर मौत का सायाघटना सोमवार रात (20-21 अक्टूबर) को मोहनगढ़ कस्बे में व्यापारी मदनलाल सारस्वत की दुकान पर हुई। मदनलाल, जो बीकानेर जिले के सरूणा गांव के निवासी थे, मोहनगढ़ में अनाज व्यापार से जुड़े हुए थे। उनके पास मंडी कैंपस के अंदर और बाहर दो दुकानें थीं। रेवंतराम, बीकानेर के बिगा गांव का रहने वाला, कई वर्षों से मदनलाल का मुनीम (अकाउंटेंट) था और दोनों के बीच गहरा विश्वास था। सोमवार शाम करीब 5 बजे मदनलाल ने अपनी मारुति अल्टो कार में पेट्रोल भरा था, ताकि पूजा-पाठ के बाद दोनों अपने-अपने गांव लौट सकें। लेकिन रात के अंधेरे में अज्ञात हत्यारों ने दुकान पर धावा बोल दिया।प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार, हत्यारे दुकान में घुस आए और धारदार हथियारों—संभवतः चाकू या कुल्हाड़ी—से दोनों पर हमला बोल दिया। हमला इतना क्रूर था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद हत्यारों ने शवों को दुकान के बाहर फेंक दिया और पीड़ित की ही मारुति अल्टो कार लेकर फरार हो गए। दुकान के आसपास दीये जल रहे थे, लेकिन रक्तरंजित दृश्य ने त्योहार की खुशियों को कलंकित कर दिया।मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे यह खौफनाक सीन सामने आया। मोहनगढ़ कस्बे के हनुमान मंदिर के पुजारी पोकर पुरी मंदिर में आरती करने के बाद दिवाली की बधाई देने के लिए दुकान की ओर बढ़े। दुकान के पास कुछ बकरियां घूम रही थीं, जिन्हें हटाने के इरादे से पुजारी नजदीक पहुंचे। वहां उन्हें खून से लथपथ दो शव दिखे—एक मदनलाल का और दूसरा रेवंतराम का। पुजारी ने तुरंत चीख मारकर आसपास के लोगों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी। यह दृश्य इतना भयावह था कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शव मोहनगढ़ कस्बे से लगभग 6 किलोमीटर दूर नई मंडी क्षेत्र में मिले, जहां हत्यारों ने शायद शवों को ठिकाने लगाने के लिए फेंका था।

 

Ashok Shera "द खटक" एडिटर-इन-चीफ