युवाओं में बढ़ता हार्ट अटैक का खतरा, जानें कारण और बचाव के उपाय
तनाव, गलत खानपान और बदलती जीवनशैली बन रही हैं दिल की सेहत के लिए चुनौती
आज ‘विश्व हार्ट डे’ है, और इस साल की थीम ‘डोंट मिस द बीट’ हमें अपने दिल की सेहत पर ध्यान देने की याद दिलाती है। हाल के वर्षों में कम उम्र में हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसने न केवल आम लोगों बल्कि चिकित्सा विशेषज्ञों को भी चिंता में डाल दिया है। बच्चों से लेकर युवाओं तक, दिल की बीमारियां अब उम्र की सीमाओं को तोड़ रही हैं। आइए, इस मौके पर जानते हैं कि आखिर क्यों हो रहा है ऐसा और इससे बचने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए।
एक दुखद घटना ने खोली सच्चाई की परतें
हाल ही में तमिलनाडु के एक अस्पताल में हुई एक दुखद घटना ने सबका ध्यान खींचा। एक 39 वर्षीय हार्ट सर्जन, जो पूरी तरह स्वस्थ दिखाई दे रहे थे, वार्ड राउंड के दौरान अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। तुरंत दी गई चिकित्सा सहायता, जिसमें एंजियोप्लास्टी और ईसीएमओ जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया, भी उनकी जान नहीं बचा सकी। उनकी बाईं मुख्य कोरोनरी धमनी में बड़े अवरोध के कारण दिल की मांसपेशियों को अपरिवर्तनीय क्षति पहुंची, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें गंभीर हार्ट अटैक हुआ। यह घटना इस बात का सबूत है कि दिल की बीमारी अब किसी उम्र को नहीं देखती।
क्यों बढ़ रहा है युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार, युवाओं में दिल की बीमारियों के बढ़ते मामलों के लिए हमारी बदलती जीवनशैली सबसे बड़ी जिम्मेदार है। आधुनिक जीवन की भागदौड़, तनाव और गलत खानपान ने दिल की सेहत को खतरे में डाल दिया है। कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:
1. तनाव का बढ़ता बोझ
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव हर उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। ऑफिस की डेडलाइन, ट्रैफिक की परेशानी, स्कूल की गतिविधियां और सामाजिक दबाव बच्चों से लेकर बड़ों तक को तनावग्रस्त कर रहे हैं। तनाव के कारण हाई ब्लड प्रेशर और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
2. गलत खानपान और मोटापा
घर के बने खाने की जगह फास्ट फूड और ऑनलाइन डिलीवरी का चलन बढ़ रहा है। हाई रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, शक्कर युक्त पेय और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याओं को जन्म दे रहा है। ये सभी दिल की बीमारियों के प्रमुख कारण हैं।
3. शारीरिक निष्क्रियता
आज के समय में ज्यादातर लोग शारीरिक गतिविधियों से दूर रहते हैं। स्क्रीन टाइम बढ़ने और व्यायाम के लिए समय न निकालने के कारण हृदय स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। बच्चों में भी आउटडोर खेलों की जगह मोबाइल और वीडियो गेम्स ने ले ली है।
4. धूम्रपान और शराब का बढ़ता चलन
युवाओं में धूम्रपान, वेपिंग और शराब का सेवन तेजी से बढ़ रहा है। ये आदतें दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचाती हैं और हार्ट अटैक के खतरे को कई गुना बढ़ा देती हैं।
5. कोविड के बाद की जटिलताएं
कोविड-19 महामारी के बाद कई मरीजों में रेसिडुअल इंफ्लेमेशन, माइक्रोवेस्कुलर डैमेज और रक्त जमावट से संबंधित समस्याएं देखी गई हैं। ये सभी हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ाते हैं।
लक्षणों की अनदेखी है खतरनाक
विशेषज्ञों का कहना है कि हम अक्सर छोटे-छोटे लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर परेशानी का कारण बनते हैं। थकान, सांस लेने में तकलीफ, सीने में हल्का दर्द या बेचैनी जैसे लक्षणों को तनाव या थकावट समझकर अनदेखा करना भारी पड़ सकता है। समय पर इन लक्षणों का पता लगाना और इलाज करवाना जानलेवा स्थिति को रोक सकता है।
बचाव के लिए क्या करें?
दिल की सेहत को बनाए रखने के लिए कुछ आसान लेकिन जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं:
1. नियमित स्वास्थ्य जांच
40 साल से कम उम्र के लोगों को भी नियमित स्वास्थ्य जांच करवानी चाहिए। ब्लड प्रेशर, लिपिड प्रोफाइल, फास्टिंग ग्लूकोज और हृदय जोखिम स्कोर का समय-समय पर मूल्यांकन जरूरी है। खासकर दिल्ली-मुंबई जैसे व्यस्त शहरों में रहने वालों के लिए यह और भी महत्वपूर्ण है।
2. स्वस्थ खानपान
फल, सब्जियां, सलाद और घर का बना खाना अपनी डाइट में शामिल करें। प्रोसेस्ड फूड, शक्कर और हाई-फैट खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं।
3. नियमित व्यायाम
रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि, जैसे तेज चलना, योग, साइकिलिंग या स्विमिंग, हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
4. तनाव प्रबंधन
तनाव को कम करने के लिए मेडिटेशन, गहरी सांस लेने की तकनीक और परिवार के साथ समय बिताने को प्राथमिकता दें। ऑफिस का काम छुट्टी के दिन घर पर न लाएं।
5. नशे से दूरी
धूम्रपान, वेपिंग और शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं। ये आदतें हृदय रोगों का जोखिम कई गुना बढ़ा देती हैं।
हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि दिल की बीमारियों से बचाव संभव है, बशर्ते हम अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं और लक्षणों को गंभीरता से लें। ‘विश्व हार्ट डे’ हमें यह याद दिलाता है कि हमारा दिल हमारी जिंदगी की धड़कन है, और इसे स्वस्थ रखना हमारी जिम्मेदारी है। आइए, इस अवसर पर अपने और अपने परिवार के दिल की सेहत को प्राथमिकता दें।