बाइक टैक्सी ड्राइवर के खाते में 331 करोड़ का 'रॉयल' राज उदयपुर की शाही शादी में मनी लॉन्ड्रिंग का धमाका!
उदयपुर के ताज अरावली में हुई राम राजू मंटेना की बेटी नेत्रा की शाही शादी (नवंबर 2024) में मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा खुलासा हुआ। ED ने एक रैपिडो बाइक ड्राइवर के खाते से 331 करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन पकड़े, जो शादी के डेकोरेशन, सेलिब्रिटी फीस और अन्य खर्चों में इस्तेमाल हुए। ड्राइवर गरीब है, उसे पता ही नहीं था; ED को शक है कि अवैध सट्टेबाजी का काला धन इस शादी के जरिए सफेद किया गया।
उदयपुर, 28 नवंबर 2025: राजस्थान की झीलों और महलों की नगरी उदयपुर में हुई एक भव्य रॉयल शादी ने न सिर्फ बॉलीवुड और हॉलीवुड सितारों को आकर्षित किया, बल्कि अब मनी लॉन्ड्रिंग के काले कारनामों का केंद्र भी बन गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में ऐसा खुलासा हुआ है, जो किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं लगता। एक साधारण रैपिडो बाइक टैक्सी ड्राइवर के बैंक खाते से गुजरे 331 करोड़ रुपये का सिलसिला, जो एक हाई-प्रोफाइल शादी के खर्चों में डूब गया। ड्राइवर का दावा है कि उसके पास तो अपना घर ठीक कराने के पैसे भी नहीं थे, फिर ये 'रॉयल' अमीर कैसे उसके खाते में आया?
शादी का भव्य परिचय: किसकी थी ये 'ड्रीम वेडिंग'?
यह मामला नवंबर 2025 में उदयपुर के ताज अरावली रिसॉर्ट एंड स्पा में आयोजित एक शाही शादी से जुड़ा है। यह शादी थी बिलियनेयर उद्योगपति राम राजू मंटेना की बेटी नेत्रा मंटेना और टेक उद्यमी वंशी गदिराजू की। यह इवेंट उदयपुर के आलीशान वेन्यूज जैसे ताज लेक पैलेस, जगमंदिर आइलैंड पैलेस और लीला पैलेस में फैला हुआ था, जहां बॉलीवुड के रणवीर सिंह, शाहिद कपूर, क्रिति सेनन, जान्हवी कपूर, जैकलीन फर्नांडिस, वरुण धवन, करण जौहर जैसे सितारे परफॉर्म करने पहुंचे। हॉलीवुड से डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की मौजूदगी ने इसे ग्लोबल हाइलाइट बना दिया।हल्दी, मेहंदी, संगीत और मुख्य विवाह समारोह में जेनिफर लोपेज का प्राइवेट कॉन्सर्ट, मधुरी दीक्षित का 'धोलिड़ा' पर डांस और नोरा फतेही की परफॉर्मेंस ने रंग जमाए। अनुमानित खर्च? लगभग 40-60 करोड़ रुपये, जिसमें वेन्यू किराया (1-2 करोड़ प्रति इवेंट), सेलिब्रिटी फीस (रणवीर-शाहिद को 3-4 करोड़ प्रत्येक, जेनिफर को 15-17 करोड़) और डेकोरेशन शामिल हैं। लेकिन ईडी को शक है कि इसमें से एक बड़ा हिस्सा अवैध स्रोतों से आया।
ड्राइवर का खाता: साधारण जिंदगी, असाधारण ट्रांजेक्शन
ईडी की नजर पड़ी एक 30 वर्षीय रैपिडो ड्राइवर के बैंक खाते पर, जो उदयपुर में रहता है और रोजाना 500-600 रुपये कमाता है। जांच रिपोर्ट्स के मुताबिक, 19 अगस्त 2024 से 16 अप्रैल 2025 तक उसके खाते में कुल 331.36 करोड़ रुपये जमा हुए। ये पैसे लगातार कई महीनों तक करोड़ों के छोटे-छोटे हिस्सों में आए और तुरंत ट्रांसफर हो गए। ड्राइवर ने पूछताछ में कबूल किया कि उसे इसकी भनक तक नहीं थी। "मुझे लगा कोई टेक्निकल एरर है या दोस्तों ने पैसे भेजे हैं। मेरे पास तो घर की मरम्मत के लिए भी पैसे नहीं थे," उसने बताया।ईडी ने ताज अरावली होटल के आंतरिक पेमेंट रिकॉर्ड्स की पड़ताल की तो हैरानी हुई। शादी के खर्चों का बड़ा हिस्सा—जैसे डेकोरेशन, लग्जरी फ्लीट सर्विसेज, रूम बुकिंग, इवेंट मैनेजमेंट, स्टेज सेटअप और गेस्ट अरेंजमेंट—उसी ड्राइवर के खाते से चुकाए गए। होटल के बिल्स में साफ दिखा कि ये भुगतान चेन इसी खाते से जुड़ी थी। कुल मिलाकर, 331 करोड़ से ज्यादा की राशि शादी के विभिन्न खर्चों में विलीन हो गई।
मनी लॉन्ड्रिंग का काला जाल: सट्टेबाजी से शादी तक
ईडी को शक है कि ये पैसे अवैध सट्टेबाजी (बेटिंग) के नेटवर्क से आए। जांचकर्ताओं ने पाया कि एक बड़ा गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों—जैसे बाइक ड्राइवर, छोटे व्यापारी—के बैंक खातों का इस्तेमाल करता है। ये गिरोह काले धन को छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन्स में बांटकर वैध दिखाते हैं, फिर बड़े खर्चों जैसे शादियों में उड़ाते हैं। ड्राइवर का खाता इस चेन का सिर्फ एक लिंक था; ईडी ने अब तक 5-6 ऐसे खातों की पहचान की है।ट्रांजेक्शन इतने तेज और तकनीकी थे कि सामान्य व्यक्ति की समझ से बाहर। ईडी ने ड्राइवर को गिरफ्तार नहीं किया, लेकिन उसके फोन और बैंक स्टेटमेंट्स जब्त कर लिए। जांच में पता चला कि ये फंड्स हाई-प्रोफाइल लक्जरी वेडिंग के लिए इस्तेमाल हुए, जो मनी लॉन्ड्रिंग का परफेक्ट कवर साबित हुए। ईडी अब शादी के आयोजकों, इवेंट मैनेजर्स और सट्टेबाजी ऑपरेटर्स के नेटवर्क को ट्रैक कर रही है।
जांच का अगला कदम: कौन हैं असली मास्टरमाइंड?
ईडी ने ताज अरावली होटल से जुड़े वेंडर्स और पेमेंट गेटवेज की डिटेल्स मांगी हैं। प्राथमिक रिपोर्ट्स में सट्टेबाजी के 2-3 बड़े ऑपरेटर्स के नाम उभरे हैं, जो दक्षिण भारत से जुड़े हैं। अगर ये साबित हो गया, तो यह केस मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत बड़ा स्कैंडल बन सकता है। ड्राइवर जैसे 'मुंह में राम, बगल में छुरी' वाले लोगों को मोहरा बनाकर अरबों का खेल खेला जा रहा है।यह घटना उदयपुर को डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में चमकाने के साथ-साथ मनी लॉन्ड्रिंग के खतरे को भी उजागर करती है। ईडी की टीम पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए रात-दिन जुटी है। क्या निकलेगा अगला खुलासा? इंतजार कीजिए, क्योंकि यह 'रॉयल' ड्रामा अभी खत्म नहीं हुआ!