कोटा की बेटी अरुंधति का शानदार प्रदर्शन: बॉक्सिंग वर्ल्ड कप फाइनल में जगह पक्की, 3 बार की विश्व चैंपियन को हराकर रचा इतिहास

राजस्थान के कोटा की महिला मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने ग्रेटर नोएडा में चल रहे बॉक्सिंग वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में तीन बार की विश्व चैंपियन और ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट लॉरेन प्राइस को नॉकआउट कर फाइनल में जगह बनाई। 20 नवंबर को फाइनल में उनका मुकाबला उज्बेकिस्तान की अजीजा खानोम से होगा।

Nov 19, 2025 - 11:22
कोटा की बेटी अरुंधति का शानदार प्रदर्शन: बॉक्सिंग वर्ल्ड कप फाइनल में जगह पक्की, 3 बार की विश्व चैंपियन को हराकर रचा इतिहास

कोटा, 19 नवंबर 2025: राजस्थान के कोटा शहर की गौरव महिला मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सपनों की उड़ान किसी सीमा से बंधी नहीं होती। ग्रेटर नोएडा के यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रहे इंटरनेशनल बॉक्सिंग वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में अरुंधति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया है। 20 नवंबर को होने वाले फाइनल मुकाबले में उनका सामना उज्बेकिस्तान की दिग्गज मुक्केबाज अजीजा खानोम से होगा। एक कदम दूर खड़ी हैं अरुंधति, जो न सिर्फ वर्ल्ड कप का खिताब जीतने की दहलीज पर हैं, बल्कि भारतीय बॉक्सिंग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प भी ले चुकी हैं।

अरुंधति का सफर: संघर्ष से सफलता तक अरुंधति चौधरी, जो कोटा की साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखती हैं, ने अपने करियर की शुरुआत महज 14 साल की उम्र में की थी। स्थानीय स्तर पर मुक्केबाजी की ट्रेनिंग लेते हुए उन्होंने जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। 2022 में नेशनल चैंपियनशिप जीतने के बाद वे अंतरराष्ट्रीय पटल पर उतरीं, जहां उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया। लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर उनका यह प्रदर्शन उनके पूरे करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो रहा है।इस टूर्नामेंट में अरुंधति 75 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने थाईलैंड की अनुभवी मुक्केबाज सोन्या ली को 3-0 से हराकर सबको चौंका दिया। सोन्या, जो एशियन गेम्स की मेडलिस्ट रह चुकी हैं, के खिलाफ अरुंधति ने अपनी तेज फुटवर्क और सटीक पंचों से दबदबा बनाए रखा। सेमीफाइनल में तो उन्होंने कमाल कर दिया – तीन बार की विश्व चैंपियन, इंग्लैंड की लॉरेन प्राइस को नॉकआउट कर बाहर का रास्ता दिखा दिया। लॉरेन, जो ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं, के खिलाफ यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। पहले राउंड में लॉरेन ने आक्रामक शुरुआत की, लेकिन अरुंधति ने दूसरे राउंड में अपनी रणनीति बदल ली। उन्होंने काउंटर अटैक के जरिए लॉरेन को रस्सियों पर धकेल दिया और तीसरे राउंड में एक जोरदार हुक पंच से उन्हें नॉकआउट कर दिया। रेफरी ने मुकाबला 2 मिनट 45 सेकंड में ही रोक दिया। यह जीत न सिर्फ अरुंधति की तकनीकी दक्षता को दर्शाती है, बल्कि उनकी मानसिक मजबुरी को भी उजागर करती है।अरुंधति ने मैच के बाद कहा, "यह जीत मेरे कोच और परिवार को समर्पित है। कोटा की धरती ने मुझे जन्म दिया, और आज मैं उसी की आहूति चढ़ा रही हूं। फाइनल में अजीजा के खिलाफ कोई चूक नहीं होगी। हम ट्रेनिंग में हर संभव तैयारी कर चुके हैं।" उनके कोच राजेश कुमार ने भी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि अरुंधति की मेहनत रंग लाई है। "वह रोज 6 घंटे की कठिन ट्रेनिंग करती हैं, और इस बार हमने विशेष रूप से इंटरनेशनल फाइटर्स के स्टाइल पर फोकस किया था।"

फाइनल का रोमांच: उज्बेकिस्तान की अजीजा से भिड़ंत फाइनल मुकाबला 20 नवंबर को शाम 7 बजे खेला जाएगा। अजीजा खानोम, उज्बेकिस्तान की स्टार मुक्केबाज, कोई सामान्य प्रतिद्वंद्वी नहीं हैं। वह 2023 एशियन चैंपियन हैं और वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। उनकी ताकत है लंबी रीच और पावरफुल स्ट्रेट पंच। अरुंधति ने प्री-मैच कॉन्फ्रेंस में कहा, "अजीजा बहुत मजबूत हैं, लेकिन मैं अपनी स्पीड से उन्हें काउंटर करूंगी। यह मेरे लिए सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि एक सपना है।"इस टूर्नामेंट में भारत की ओर से कुल 10 मुक्केबाज हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें से अरुंधति के अलावा दो अन्य ने भी क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। भारतीय बॉक्सिंग फेडरेशन (BFI) के अध्यक्ष जगदीश सिंह ने अरुंधति की तारीफ करते हुए कहा, "वह भारतीय मुक्केबाजी की नई उम्मीद हैं। यह जीत ओलंपिक 2028 के लिए बड़ा बूस्ट देगी।"