शादियों के सीजन में मिलावटखोरों पर पुलिस का धावा 700 किलो जहरीला पनीर पकड़ा, मेहमानों की जान बची!

हरिद्वार के मंगलौर में पुलिस ने शादी के सीजन में देहरादून सप्लाई के लिए ले जाए जा रहे 700 किलो मिलावटी/संदिग्ध पनीर को पकड़ा। वाहन बिना नंबर प्लेट, बिना बिल और बिना FSSAI सर्टिफिकेट का था। खाद्य सुरक्षा विभाग ने पनीर को मानकों के विपरीत पाया और पूरी खेप को मौके पर दफनाकर नष्ट कर दिया। ड्राइवर हिरासत में, जांच जारी।

Nov 28, 2025 - 18:51
शादियों के सीजन में मिलावटखोरों पर पुलिस का धावा 700 किलो जहरीला पनीर पकड़ा, मेहमानों की जान बची!

हरिद्वार, 28 नवंबर 2025: शादियों का मौसम जोरों पर है, जहां खुशियां मनाने के बजाय मिलावटी खाने से बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। इसी सिलसिले में मंगलौर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से देहरादून की ओर ले जाए जा रहे करीब 700 किलोग्राम संदिग्ध पनीर को पकड़ लिया। यह पनीर किसी बड़े शादी समारोह में परोसा जाना था, लेकिन सतर्क पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने समय रहते इसे नष्ट कर लोगों की जान बचाई। यह घटना न केवल मिलावटखोरों के नेटवर्क को उजागर करती है, बल्कि शादी के सीजन में खाद्य सुरक्षा की अहमियत भी रेखांकित करती है।

घटना का पूरा विवरण: कैसे पकड़ा गया मिलावटी पनीर?

मंगलवार शाम को मंगलौर कोतवाली पुलिस को खुफिया सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड की सीमा पार कर एक संदिग्ध वाहन में मिलावटी खाद्य सामग्री लाई जा रही है। सूचना पर तुरंत हरकत में आए मंगलौर कोतवाल अमरजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नारसन बॉर्डर पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान एक बिना नंबर प्लेट वाली पिकअप वाहन को रोका गया, जो देहरादून की ओर जा रही थी।वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को नीले रंग के ड्रमों में पैक कर सात सौ किलोग्राम पनीर बरामद हुआ। वाहन में न तो कोई वैध बिल था, न ही फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) का सर्टिफिकेट। ड्राइवर से पूछताछ में पता चला कि यह पनीर अलीगढ़ से लाया गया था और देहरादून में किसी प्रमुख शादी समारोह में सप्लाई किया जाना था। नवंबर महीने में देहरादून और आसपास के इलाकों में रोजाना सैकड़ों शादियां हो रही हैं, जिससे पनीर जैसी डेयरी प्रोडक्ट्स की मांग कई गुना बढ़ गई है। इसी फायदा उठाकर मिलावटखोर सस्ते रसायनों से नकली पनीर बनाकर बाजार में उतार रहे हैं। 

खाद्य सुरक्षा टीम की जांच: मानकों से कोसों दूर पाया गया पनीर

सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। प्रारंभिक जांच में पनीर को स्वास्थ्य के लिए घातक पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह पनीर मानक गुणवत्ता से मेल नहीं खाता—इसमें संभावित रूप से रसायन, मिलावटी तत्व या खराब दूध का इस्तेमाल किया गया था, जो पेट संबंधी बीमारियां, फूड पॉइजनिंग या लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता था। विभाग ने तुरंत दो सैंपल लैब में जांच के लिए भेज दिए, ताकि मिलावट के सटीक प्रकार का पता लगाया जा सके। बाकी बची पूरी खेप को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया—इसे एक गड्ढे में दफना दिया गया, ताकि यह किसी तरह बाजार में न पहुंचे। 

आरोपी पर कार्रवाई: ड्राइवर हिरासत में, जांच जारी

पकड़े गए वाहन के ड्राइवर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक बयानों से संकेत मिले हैं कि यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जो यूपी से उत्तराखंड में मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट्स की सप्लाई करता है। हरिद्वार एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि दीपावली के बाद से ही उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड बॉर्डर पर मिलावटी खाने-पीने की चीजों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई में पुलिस और खाद्य विभाग का समन्वय सराहनीय रहा। एसएसपी ने कहा, "शादी के सीजन में लोगों का स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है। ऐसी मिलावट रोकने के लिए और सख्ती बरती जाएगी।" 

शादी सीजन में क्यों बढ़ रही है मिलावट?

उत्तराखंड में नवंबर-दिसंबर का समय शादियों का पीक सीजन होता है। देहरादून, हरिद्वार जैसे शहरों में प्रतिदिन सैकड़ों विवाह समारोह आयोजित हो रहे हैं, जहां पनीर, मावा, दूध-दही जैसी चीजें मुख्य व्यंजनों का हिस्सा बनती हैं। बढ़ी मांग का फायदा उठाकर अवैध कारोबारी सस्ते विकल्पों से नकली सामान बनाते हैं। हाल ही में दीपावली पर भी ऐसी कई कार्रवाइयां हुईं, लेकिन शादी सीजन में विभाग की निगरानी कमजोर पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने डीएम हरिद्वार से मिलावट रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की मांग की है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपील की है कि कोई भी संदिग्ध खाद्य सामग्री देखने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1967 पर शिकायत करें।यह कार्रवाई न केवल एक बड़ी तबाही को रोकती है, बल्कि पूरे क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी फैला रही है। यदि लैब रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि हुई, तो आरोपी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त सजा के प्रावधान हैं, जिसमें भारी जुर्माना और जेल की सजा शामिल है। शादियों की खुशियों में मिलावट का कड़वा घूंट न पड़े, इसके लिए प्रशासन की यह मुहिम जारी रहेगी।