पुरुष निकला दुनिया की सबसे ताकतवर महिला: जैमी बुकर से खिताब छीना गया, एंड्रिया थॉम्पसन बनीं नई चैंपियन

अमेरिकी एथलीट जैमी बुकर से ‘वर्ल्ड स्ट्रॉन्गेस्ट वुमन’ का खिताब छीन लिया गया क्योंकि आयोजकों ने पाया कि वे जैविक रूप से पुरुष हैं। इसके बाद ब्रिटेन की एंड्रिया थॉम्पसन को दुनिया की सबसे ताकतवर महिला घोषित किया गया। यह घटना खेल जगत में ट्रांसजेंडर एथलीट्स की भागीदारी पर नई बहस छेड़ रही है।

Nov 27, 2025 - 18:59
पुरुष निकला दुनिया की सबसे ताकतवर महिला: जैमी बुकर से खिताब छीना गया, एंड्रिया थॉम्पसन बनीं नई चैंपियन

नई दिल्ली/लंदन। खेल जगत में एक चौंकाने वाला विवाद सामने आया है, जहां अमेरिकी एथलीट जैमी बुकर से 'वर्ल्ड स्ट्रॉन्गेस्ट वुमन' का खिताब छीन लिया गया है। आयोजकों ने दावा किया है कि बुकर जैविक रूप से पुरुष हैं, जिसके कारण उन्हें महिलाओं की श्रेणी में भाग लेने का अधिकार नहीं था। यह घटना न केवल खेल की दुनिया में लैंगिक समानता और ट्रांसजेंडर एथलीट्स के भागीदारी पर बहस छेड़ रही है, बल्कि स्ट्रेंथ स्पोर्ट्स की अखंडता पर भी सवाल खड़े कर रही है।

प्रतियोगिता का बैकग्राउंड और जैमी बुकर की जीत वर्ल्ड स्ट्रॉन्गेस्ट वुमन (World's Strongest Woman) एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय स्ट्रेंथ स्पोर्ट्स इवेंट है, जो हर साल दुनिया भर के महिला एथलीट्स के बीच आयोजित किया जाता है। इस प्रतियोगिता में एथलीट्स को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे हैवी वेट लिफ्टिंग, लॉग प्रेस, एटलस स्टोन्स कैरी, और अन्य पावर-बेस्ड इवेंट्स। यह इवेंट स्ट्रॉन्गमैन/स्ट्रॉन्गवुमन सीरीज का हिस्सा है, जो 1970 के दशक से चली आ रही है और इसे स्ट्रेंथ स्पोर्ट्स का 'ओलंपिक' माना जाता है।23 नवंबर 2025 को आयोजित हालिया इवेंट में अमेरिकी एथलीट जैमी बुकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया था। बुकर ने फाइनल राउंड में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने 140 किलोग्राम से अधिक वजन का लॉग उठाया और एटलस स्टोन्स में सबसे तेज समय हासिल किया। उनकी जीत को सोशल मीडिया पर वायरल होते देर न लगी, और कई फैंस ने उन्हें 'अजेय योद्धा' का खिताब दिया। बुकर, जो 28 वर्षीय हैं, ने अपनी ट्रेनिंग के बारे में कहा था कि वह बचपन से ही वेटलिफ्टिंग में रुचि रखती हैं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए यह जीत समर्पित है।हालांकि, जीत के ठीक दो दिन बाद, 25 नवंबर को आयोजकों ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बुकर को डिसक्वालिफाई कर दिया। बयान में कहा गया, "प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार, सभी एथलीट्स को अपनी जैविक लिंग पहचान के आधार पर श्रेणी में भाग लेना होता है। जांच में पाया गया कि जैमी बुकर जैविक रूप से पुरुष हैं, इसलिए उन्हें महिलाओं की कैटेगरी में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।" आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह फैसला मेडिकल टेस्ट और दस्तावेजों की जांच के बाद लिया गया है, न कि किसी पूर्वाग्रह पर आधारित।

डिसक्वालिफिकेशन के पीछे का विवाद यह मामला ट्रांसजेंडर एथलीट्स की खेलों में भागीदारी से जुड़े वैश्विक बहस को हवा दे रहा है। जैमी बुकर ने खुद को ट्रांसजेंडर महिला के रूप में पहचाना था और कई वर्षों से महिलाओं की स्ट्रेंथ कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा कर रही थीं। उनके समर्थक दावा कर रहे हैं कि यह डिसक्वालिफिकेशन भेदभावपूर्ण है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमिटी (IOC) और अन्य बॉडीज ने ट्रांसजेंडर एथलीट्स के लिए टेस्टोस्टेरोन लेवल पर आधारित दिशानिर्देश जारी किए हैं। एक समर्थक ने सोशल मीडिया पर लिखा, "यह जीत महिलाओं की ताकत का प्रतीक थी, इसे छीनना अन्याय है।"दूसरी ओर, आयोजकों और कई पूर्व चैंपियंस का कहना है कि स्ट्रेंथ स्पोर्ट्स में जैविक अंतर (जैसे मसल मास और हड्डी की घनत्व) को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ब्रिटिश स्ट्रॉन्गमैन फेडरेशन के एक अधिकारी ने कहा, "हम समावेशिता का समर्थन करते हैं, लेकिन फेयर प्ले सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। पुरुषों और महिलाओं के बीच प्राकृतिक शारीरिक अंतर को संतुलित रखना जरूरी है।" यह विवाद पिछले वर्षों के समान मामलों की याद दिलाता है, जैसे अमेरिकी स्विमर लियाह थॉमस का केस, जहां ट्रांसजेंडर एथलीट्स पर सवाल उठे थे।

नई चैंपियन: एंड्रिया थॉम्पसन का उदय डिसक्वालिफिकेशन के बाद, ब्रिटेन की एंड्रिया थॉम्पसन को आधिकारिक रूप से दुनिया की सबसे ताकतवर महिला घोषित कर दिया गया है। 35 वर्षीय थॉम्पसन ने प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल हासिल किया था और बुकर के अंक रद्द होने के बाद वह टॉप पर आ गईं। थॉम्पसन, जो एक पूर्व बॉडीबिल्डर हैं, ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "यह सम्मान मेरे लिए अप्रत्याशित है। मैं जैमी के योगदान का सम्मान करती हूं, लेकिन खेल के नियमों का पालन जरूरी है। अब मैं इस खिताब को महिलाओं की सच्ची ताकत का प्रतीक बनाऊंगी।"थॉम्पसन का करियर प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 2023 में यूरोपियन स्ट्रॉन्गवुमन चैंपियनशिप जीती थी और विभिन्न नेशनल इवेंट्स में रिकॉर्ड बनाए हैं। उनकी ट्रेनिंग रूटीन में रोजाना 4-5 घंटे का वर्कआउट शामिल है, जिसमें डेडलिफ्ट, स्क्वॉट्स और ग्रिप स्ट्रेंथ एक्सरसाइज प्रमुख हैं। आयोजकों ने थॉम्पसन को ट्रॉफी और 50,000 डॉलर का पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.