केंद्रीय मंत्री का कांग्रेस पर तीखा प्रहार SIR योजना पर बोले देशभर में फैलेगी यह क्रांति, वंदे मातरम को तोड़ने वाली मानसिकता का अंत होगा!
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार की नई ‘सिर’ (संस्कृति इनिशिएटिव फॉर रिवाइवल) योजना पर कांग्रेस के हमलों का तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल 5 राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू होगी। कांग्रेस पर स्वार्थ की राजनीति करने और वंदे मातरम जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों को तोड़ने की पुरानी मानसिकता का आरोप लगाया।
जोधपुर, 22 नवंबर 2025: केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज यहां जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कांग्रेस पार्टी के 'सिर' (संस्कृति इनिशिएटिव फॉर रिवाइवल) योजना को लेकर लगाए जा रहे हमलों का मुंह तोड़ जवाब दिया। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने योजना को लेकर विपक्ष की आलोचना को साफतौर पर स्वार्थी राजनीति का चस्पा ठोका और कहा कि यह न केवल कुछ राज्यों तक सीमित रहेगी, बल्कि चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में फैलाई जाएगी। शेखावत का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि उन्होंने कांग्रेस की पुरानी आदतों पर भी तीखा प्रहार किया।केंद्रीय मंत्री शेखावत, जो जोधपुर से ही लोकसभा सांसद हैं, एयरपोर्ट पर उतरते ही पत्रकारों के घेरे में फंस गए। जब उनसे 'सिर' योजना पर कांग्रेस के लगातार हमलों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सहज मुस्कान के साथ जवाब दिया, "यह योजना देश की सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करने का एक मजबूत कदम है। हमने पहले चरण में पांच राज्यों को शामिल किया था, जहां से सकारात्मक परिणाम मिले हैं। अब धीरे-धीरे बाकी सभी राज्यों को जोड़ा जाएगा। यह चरणबद्ध प्रक्रिया है, ताकि हर स्तर पर गुणवत्ता बनी रहे। लेकिन कांग्रेस को तो बस राजनीति करनी है, सच्चाई से उनका कोई लेना-देना नहीं।"'सिर' योजना, जो हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई है, का मुख्य उद्देश्य देश की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कला, संगीत और धार्मिक स्थलों के संरक्षण को बढ़ावा देना है। पहले चरण में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में इसे लागू किया गया, जहां स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन, सांस्कृतिक केंद्रों का विकास और युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। योजना के तहत अब तक 500 से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे हजारों नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है। शेखावत ने स्पष्ट किया कि यह योजना केवल कुछ राज्यों की सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक क्रांति लाने वाली है। "हमारा लक्ष्य है कि हर गांव-हर शहर में सांस्कृतिक जागरण हो। यह वंदे मातरम की भावना को मजबूत करेगी, न कि तोड़ेगी," उन्होंने जोर देकर कहा।कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शेखावत ने कहा कि विपक्ष शुरू से ही स्वार्थ की राजनीति करता आया है। "कांग्रेस ने हमेशा राष्ट्रीय एकता के प्रतीकों को तोड़ने का काम किया है। वंदे मातरम जैसे पवित्र गीत को भी उन्होंने विभाजनकारी मानसिकता से देखा। आज 'सिर' योजना पर सवाल उठाकर वही पुरानी चाल चली जा रही है। लेकिन जनता सब समझ रही है। हम काम कर रहे हैं, वे बस बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं।" उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां भाजपा समर्थक इसे 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का प्रतीक' बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ता इसे 'प्रचार का हथकंडा' कहकर खारिज करने की कोशिश कर रहे हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शेखावत का यह बयान आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए दिया गया है, जहां सांस्कृतिक मुद्दे भाजपा के लिए मजबूत हथियार साबित हो सकते हैं। राजस्थान में जहां भाजपा सत्ता में है, वहां 'सिर' योजना को स्थानीय स्तर पर जोधपुर जैसे शहरों में विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसमें स्थानीय लोक नृत्य और हस्तशिल्प को बढ़ावा शामिल है। शेखावत ने योजना के दूसरे चरण में राजस्थान के अन्य जिलों को प्राथमिकता देने की भी पुष्टि की, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।केंद्रीय मंत्री ने बातचीत के अंत में कहा, "हमारी सरकार संकल्पबद्ध है कि सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं। कांग्रेस की आलोचना हमें प्रेरित करती है, लेकिन जनता का आशीर्वाद ही हमारी असली ताकत है।" यह बयान न केवल राजनीतिक बहस को हवा देगा, बल्कि 'सिर' योजना को लेकर देशभर में नई चर्चा भी छेड़ेगा।