बीकानेर: ट्रेन की चपेट में आने से 40 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, चाय पीने के बहाने लौटते समय अंतिम डिब्बे से टकराया

बीकानेर के श्री डूंगरगढ़ में 40 वर्षीय टोडरमल नायक चाय पीने के बाद रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन के अंतिम डिब्बे की चपेट में आ गए। उनका पैर कट गया और पीबीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

Nov 28, 2025 - 15:55
बीकानेर: ट्रेन की चपेट में आने से 40 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, चाय पीने के बहाने लौटते समय अंतिम डिब्बे से टकराया

बीकानेर/श्री डूंगरगढ़, 28 नवंबर 2025: राजस्थान के बीकानेर जिले के श्री डूंगरगढ़ क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने स्थानीय लोगों में सनसनी फैला दी है। यहां रेलवे ट्रैक पार करते समय एक 40 वर्षीय युवक ट्रेन के अंतिम डिब्बे की चपेट में आ गया, जिससे उसका पैर कट गया। गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल पीबीएम अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी सांसें थम गईं। मृतक की पहचान सुडसर गांव निवासी टोडरमल नायक पुत्र पुरखाराम नायक के रूप में हुई है। यह हादसा तब हुआ जब टोडरमल ट्रेन की पटरियों के दूसरी ओर चाय पीने के लिए गए थे और लौटते समय वे ट्रेन के संपर्क में आ गए।

घटना की पूरी कथा: चाय का बहाना बना मौत का कारण जानकारी के अनुसार, श्री डूंगरगढ़ रेलवे स्टेशन के निकटवर्ती इलाके में यह दुखद हादसा दोपहर के आसपास घटित हुआ। टोडरमल नायक, जो स्थानीय स्तर पर एक सामान्य मजदूर के रूप में जाने जाते थे, अपने दैनिक कार्यों के बीच थोड़ा विश्राम करने के इरादे से रेलवे ट्रैक के दूसरी तरफ स्थित एक छोटी चाय की दुकान पर गए थे। ट्रैक पार करना उनके लिए रोजमर्रा की बात थी, लेकिन आज भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया। चाय पीने के बाद जब वे वापस लौट रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार मालगाड़ी गुजर रही थी। युवक ट्रैक पार करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन ट्रेन के अंतिम डिब्बे की चपेट में आ गए।चश्मदीदों के मुताबिक, हादसा इतना भयावह था कि टोडरमल का दायां पैर ट्रेन के पहिए के नीचे आ गया, जिससे वह बुरी तरह कट गया। खून से लथपथ हो चुके युवक चीखते हुए जमीन पर गिर पड़े। आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और तुरंत उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। लेकिन चोटों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद, अत्यधिक खून बहने और शॉक के कारण करीब दो घंटे बाद टोडरमल ने अंतिम सांस ली।

परिवार का दर्द: सुडसर गांव में शोक की लहर टोडरमल नायक का परिवार सुडसर गांव में रहता है, जो श्री डूंगरगढ़ से मात्र कुछ किलोमीटर दूर है। वे एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे। मृतक के पिता पुरखाराम नायक बुजुर्ग हैं, जबकि परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। परिवार के एक सदस्य ने बताया, "टोडरमल रोज सुबह काम पर जाता था। आज चाय पीने का बहाना बनाकर वह थोड़ा आराम करने गया था, लेकिन हमें क्या पता था कि यह उसकी आखिरी यात्रा साबित होगी।" गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, और स्थानीय लोग मृतक के परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।

पुलिस जांच: लापरवाही या दुर्घटना? श्री डूंगरगढ़ थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि ट्रेन सही गति से चल रही थी और कोई तकनीकी खराबी नहीं थी। पुलिस अधिकारी ने बताया, "यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना प्रतीत होती है। ट्रैक पार करने के दौरान सावधानी न बरतने से ऐसा हुआ। हम चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रहे हैं और रेलवे अधिकारियों से भी संपर्क में हैं।" पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया गया है, क्योंकि यह साफ तौर पर दुर्घटना का मामला लगता है।रेलवे विभाग ने भी इस घटना पर संज्ञान लिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हम ट्रैक के आसपास फुट ओवर ब्रिज या चेतावनी संकेतकों को मजबूत करने पर विचार कर रहे हैं, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।" श्री डूंगरगढ़ जैसे ग्रामीण इलाकों में रेलवे ट्रैक पार करना आम है, लेकिन तेज रफ्तार ट्रेनों के कारण जोखिम हमेशा बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि ट्रैक के दोनों ओर सुरक्षित पैदल मार्ग विकसित किए जाएं।