माउंट सेमेरू में भयंकर विस्फोट 15 किमी ऊंचा राख का गुबार, 20 किमी तक पायरोक्लास्टिक बहाव, 900 से ज्यादा लोग बेघर, अलर्ट लेवल-IV.

20 नवंबर 2025 को इंडोनेशिया के माउंट सेमेरू ज्वालामुखी में दोपहर 2:13 बजे भयंकर विस्फोट हुआ। राख का गुबार 15 किमी ऊंचा उठा, पायरोक्लास्टिक फ्लो 20 किमी तक बहा। अलर्ट लेवल-IV कर दिया गया, 900+ लोगों को निकाला गया, 170 पर्वतारोहियों को बचाया गया। अभी तक कोई मौत नहीं, लेकिन आगे बड़े विस्फोट और लावा बहाव का खतरा बना हुआ है। कई उड़ानें प्रभावित।

Nov 26, 2025 - 18:37
माउंट सेमेरू में भयंकर विस्फोट 15 किमी ऊंचा राख का गुबार, 20 किमी तक पायरोक्लास्टिक बहाव, 900 से ज्यादा लोग बेघर, अलर्ट लेवल-IV.

जावा द्वीप (इंडोनेशिया), 20 नवंबर 2025 – आज दोपहर करीब 2:13 बजे इंडोनेशिया के सबसे ऊंचे और सबसे सक्रिय ज्वालामुखी माउंट सेमेरू ने इतना जोरदार विस्फोट किया कि पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया। राख का बादल 15 किलोमीटर तक आसमान में पहुंच गया और खतरनाक पायरोक्लास्टिक फ्लो (गर्म गैस, राख और चट्टानों का तूफान) दक्षिण-पूर्व दिशा में 20 किलोमीटर तक बह गया।

क्या हुआ ठीक-ठीक?

विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि ज्वालामुखी के शिखर से हजारों डिग्री गर्म लावा, राख और पत्थरों का बादल निकला। 

पायरोक्लास्टिक फ्लो ने सुपित उरंग सहित कई गांवों तक पहुंचकर निगरानी कैमरे, सेंसर और दूसरे उपकरण पूरी तरह नष्ट कर दिए।

आसपास के इलाकों में दिन में भी रात जैसा अंधेरा छा गया। सूरज पूरी तरह ढक गया।

अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है, लेकिन 900 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

करीब 170 पर्वतारोही जो ज्वालामुखी की चोटी के आसपास फंस गए थे, उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। 

अलर्ट सबसे ऊंचे स्तर पर

इंडोनेशिया की ज्वालामुखी एवं भूगर्भीय आपदा एजेंसी (PVMBG) ने तुरंत अलर्ट लेवल को सबसे ऊंचा स्तर IV घोषित कर दिया। 

खतरे का दायरा:सभी दिशाओं में 8 किलोमीटर

दक्षिण-पूर्व दिशा में 20 किलोमीटर (खासकर बेसुकी नदी घाटी और आसपास) 

पायरोक्लास्टिक फ्लो कितना खतरनाक?

यह ज्वालामुखी की सबसे घातक चीज है। 400-700 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली गैस, राख और चट्टानों की यह लहर 200-700 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ती है। जो भी इसके रास्ते में आता है, कुछ सेकंड में जलकर राख हो जाता है। इस बार यह बहाव इतनी दूर तक गया कि गांवों के बहुत करीब पहुंच गया।

हवाई यातायात पर असर

राख का बादल 15 किमी (50,000 फीट) तक ऊपर पहुंच गया है। 

मालांग, जूआंडा (सुरबाया) और अन्य आसपास के एयरपोर्ट्स पर कई उड़ानें रद्द या डायवर्ट की गईं।

जेट इंजन में राख घुसने से प्लेन क्रैश तक हो सकता है, इसलिए एयरलाइंस हाई अलर्ट पर हैं। 

अधिकारी क्या कह रहे हैं?

PVMBG प्रमुख हेंड्रा गुनावान ने चेतावनी दी है:ज्वालामुखी अभी भी अत्यधिक अस्थिर है। 

कभी भी और बड़ा विस्फोट हो सकता है।

लावा डोम गिरने (लावा अवलांच) और नई पायरोक्लास्टिक धाराओं का खतरा बना हुआ है।

नदियों के किनारे सबसे ज्यादा जोखिम, क्योंकि गर्म लावा पानी में मिलकर विस्फोटक भाप और लहर (लहर) पैदा कर सकता है।

लोगों से अपील:8 किमी के दायरे में कोई नहीं जाए।

दक्षिण-पूर्व में 20 किमी तक बिल्कुल न जाएं।

किसान, मछुआरे और खनन करने वाले नदियों से दूर रहें। 

राहत कार्यदर्जनों राहत शिविर लगाए गए हैं।

खाना, पीने का पानी, मास्क, दवाइयां और कंबल बांटे जा रहे हैं।

बिजली और पानी की सप्लाई कई गांवों में ठप है।

सेमेरू का इतिहास

यह ज्वालामुखी लगभग हर साल सक्रिय होता है। दिसंबर 2021 और 2022 में भी बड़े विस्फोट हुए थे, जिनमें दर्जनों लोगों की जान गई थी। इस बार पहले से बेहतर निगरानी और त्वरित चेतावनी की वजह से जान का नुकसान अभी तक शून्य है।फिलहाल वैज्ञानिक 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। अगर ज्वालामुखी की गतिविधि और बढ़ी तो निकासी का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।यह इंडोनेशिया के लिए एक और रिमाइंडर है कि “रिंग ऑफ फायर” पर बसे इस देश में कभी भी बड़ी प्राकृतिक आपदा आ सकती है।