पीएम-सीएम पर अभद्र टिप्पणी: नरेश मीणा के खिलाफ करौली में FIR, भड़काऊ भाषण का आरोप

करौली के सपोटरा में बांध विरोधी महापंचायत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम भजनलाल शर्मा पर कथित अभद्र व भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में कांग्रेस नेता और अंता उपचुनाव में हारे नरेश मीणा के खिलाफ सपोटरा थाने में FIR दर्ज। भाजपा नेता विकास सिंह की शिकायत पर BNS की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज, वीडियो वायरल होने से विवाद गहराया।

Nov 25, 2025 - 15:43
पीएम-सीएम पर अभद्र टिप्पणी: नरेश मीणा के खिलाफ करौली में FIR, भड़काऊ भाषण का आरोप

जयपुर/करौली, 25 नवंबर 2025: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर विवादास्पद बयानों ने तूल पकड़ लिया है। हाल ही में अंता विधानसभा उपचुनाव में हार का सामना करने वाले कांग्रेस नेता नरेश मीणा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणियां करने तथा भड़काऊ भाषण देने के आरोप में करौली जिले के सपोटरा थाने में रविवार को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। यह कार्रवाई भाजपा जिला विधि प्रकोष्ठ के सहसंयोजक विकास सिंह की शिकायत पर की गई।

घटना का पृष्ठभूमि: बांध विरोधी महापंचायत में विवादास्पद बयान यह मामला करौली जिले में एक बांध निर्माण के खिलाफ आयोजित महापंचायत से जुड़ा है। सपोटरा क्षेत्र में प्रस्तावित बांध परियोजना के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों और संगठनों ने कुछ दिन पहले एक बड़ी महापंचायत का आयोजन किया था। इस महापंचायत में नरेश मीणा मुख्य वक्ताओं में से एक थे। आरोप है कि उन्होंने अपनी स्पीच के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर अत्यंत अपमानजनक और असभ्य टिप्पणियां कीं, जो न केवल व्यक्तिगत हमला थीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव को भंग करने वाली भी थीं। साथ ही, उन्होंने बांध निर्माण को "केंद्र-राज्य सरकार की साजिश" बताते हुए लोगों को उकसाने वाले बयान दिए, जिसमें "अगर बांध बनेगा तो खून बहना पड़ेगा" जैसे उत्तेजक वाक्य शामिल थे। शिकायत में दावा किया गया है कि इन बयानों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ गया।

एफआईआर की डिटेल्स: कौन-कौन से धाराएं लगीं? सपोटरा थाने में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (राज्य सरकार के प्रमुख प्रतिनिधि के खिलाफ अपमान), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 353(2) (सार्वजनिक शांति भंग करने का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की, और वीडियो सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गहन जांच चल रही है, और यदि आवश्यक हुआ तो नरेश मीणा को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

राजनीतिक संदर्भ: अंता हार के बाद बढ़ते विवाद नरेश मीणा हाल ही में अंता विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी से हार गए थे, जहां उनकी हार का अंतर काफी करीबी था। चुनावी हार के बाद से वे लगातार राज्य सरकार की नीतियों पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। विपक्षी दल कांग्रेस का दावा है कि मीणा के बयान "जनता की पीड़ा का प्रतिबिंब" हैं, जबकि भाजपा ने इसे "कांग्रेस की फासीवादी मानसिकता" करार दिया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा, "नरेश मीणा जैसे नेता लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। ऐसे भड़काऊ बयानों से वे खुद को ही अलग-थलग कर रहे हैं।"

प्रभावित पक्षों की प्रतिक्रिया भाजपा पक्ष: जिला विधि प्रकोष्ठ के सहसंयोजक विकास सिंह ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा, "पीएम और सीएम जैसे संवैधानिक पदों का अपमान असहनीय है। यह न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास भी है। हम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।" 

कांग्रेस पक्ष: नरेश मीणा के समर्थकों ने एफआईआर को "राजनीतिक बदले की कार्रवाई" बताया। एक कांग्रेस नेता ने कहा, "मीणा ने बांध के खिलाफ जनता की आवाज उठाई, जो सरकार को चुभ गई। यह दमन की राजनीति है।"

स्थानीय ग्रामीण: महापंचायत के आयोजकों का कहना है कि बांध निर्माण से हजारों परिवार विस्थापित होंगे, और मीणा का समर्थन इसलिए किया गया। हालांकि, कुछ ग्रामीणों ने भी उनके बयानों को "अनावश्यक उग्र" माना। 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.