जम्मू-कश्मीर: बठिंडी से आतंकियों को संवेदनशील जानकारी भेजने के आरोप में मोहम्मद साजिद गिरफ्तार

जम्मू के बठिंडी इलाके से मोहम्मद साजिद नाम के शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह पाकिस्तान स्थित आतंकियों को सुरक्षा बलों की मूवमेंट, चेकपोस्ट और संवेदनशील लोकेशन की रियल-टाइम जानकारी भेज रहा था। उसके फोन से कई संदिग्ध चैट्स और फोटो बरामद हुए हैं। UAPA के तहत केस दर्ज, जांच जारी।

Nov 27, 2025 - 18:47
जम्मू-कश्मीर: बठिंडी से आतंकियों को संवेदनशील जानकारी भेजने के आरोप में मोहम्मद साजिद गिरफ्तार

जम्मू, 27 नवंबर 2025: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने जम्मू शहर के बठिंडी इलाके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलर्स को संवेदनशील और गोपनीय जानकारी भेज रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद साजिद पुत्र अब्दुल मजीद, निवासी बठिंडी जम्मू के रूप में हुई है।

क्या थे आरोप? पुलिस के अनुसार मोहम्मद साजिद लंबे समय से आतंकी संगठनों के संपर्क में था और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तथा एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए आतंकियों को महत्त्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करा रहा था। इन जानकारियों में शामिल हैं:सुरक्षा बलों की गश्त और चेकपोस्ट की लोकेशन ,जम्मू क्षेत्र में तैनात अर्द्धसैनिक बलों की मूवमेंट ,कुछ संवेदनशील इलाकों की रियल-टाइम फोटोग्राफ और वीडियो ,स्थानीय स्तर पर खुफिया इनपुट, पुलिस का दावा है कि ये जानकारियां सीधे तौर पर आतंकी हमलों की प्लानिंग में इस्तेमाल हो सकती थीं।

गिरफ्तारी कैसे हुई? पुलिस को कुछ दिन पहले खुफिया इनपुट मिला था कि बठिंडी क्षेत्र में एक व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है। इसके बाद स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और जम्मू पुलिस की संयुक्त टीम ने लगातार निगरानी रखी। मंगलवार देर रात छापेमारी कर मोहम्मद साजिद को उसके घर से हिरासत में लिया गया।तलाशी के दौरान उसके पास से एक स्मार्टफोन बरामद हुआ जिसमें कई संदिग्ध चैट्स, फोटोज और वीडियो मिले हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह पाकिस्तान और PoK स्थित कुछ व्हाट्सएप ग्रुप्स व टेलीग्राम चैनल्स से जुड़ा हुआ था।

आगे की कार्रवाई आरोपी के खिलाफ UAPA (अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।  उसका मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। पूछताछ में उसके अन्य संभावित संपर्कों और आतंकी मॉड्यूल के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि आतंकी संगठन अब स्थानीय लोगों को सोशल मीडिया के जरिए भर्ती कर रहे हैं और छोटी-छोटी जानकारियां भी उनके लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकती हैं। हम इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।”पिछले कुछ महीनों में जम्मू क्षेत्र में ओवर-ग्राउंड वर्कर्स (OGW) और हाइब्रिड आतंकवादियों की गिरफ्तारियां बढ़ी हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।