बाड़मेर कांग्रेस जिला अध्यक्ष पर विवाद: 'अपने पक्ष का जिलाध्यक्ष नहीं बनने पर दुख होता है'

बाड़मेर के नव नियुक्त कांग्रेस जिला अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने अपने पक्ष के नेता को पद नहीं मिलने से दुखी कार्यकर्ताओं से मिलने और उनकी हर समस्या सुलझाने का वादा किया। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी में कोई बिखराव नहीं होगा और सभी को साथ लेकर चलेंगे।

Nov 25, 2025 - 11:40
बाड़मेर कांग्रेस जिला अध्यक्ष पर विवाद: 'अपने पक्ष का जिलाध्यक्ष नहीं बनने पर दुख होता है'

बाड़मेर, 25 नवंबर 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले में कांग्रेस पार्टी के नव नियुक्त जिला अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा के पदभार संभालने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच कुछ असंतोष की खबरें सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर कई कार्यकर्ताओं ने अपने पक्ष के उम्मीदवार को जिला अध्यक्ष न बनाए जाने पर दुख व्यक्त किया है। इस बीच, लक्ष्मण सिंह गोदारा ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि वह दुखी लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे, उनकी समस्याओं पर बात करेंगे और हर मुद्दे का समाधान निकालेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी में किसी प्रकार का कोई बिखराव नहीं होगा।लक्ष्मण सिंह गोदारा सोमवार को बाड़मेर पहुंचे, जहां उनका स्थानीय समर्थकों और अन्य जिला नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। उनके साथ बालोतरा जिला अध्यक्ष प्रियंका मेघवाल और जैसलमेर जिला अध्यक्ष अमरदिन भी मौजूद थे।

 रास्ते भर विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत समारोह आयोजित किए, जिसमें फूलमालाओं से अभिनंदन किया गया। यह स्वागत यात्रा बाड़मेर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहां सैकड़ों की संख्या में समर्थक इकट्ठा हुए थे।मीडिया से बातचीत के दौरान लक्ष्मण सिंह गोदारा ने अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मुझे जिला अध्यक्ष का पद नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, वह मेरे लिए सम्मान की बात है। पार्टी ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उसे पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ निभाऊंगा।" उन्होंने पार्टी के अंदर व्याप्त असंतोष को स्वीकार करते हुए आगे कहा, "सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं द्वारा व्यक्त किए गए दुख को मैं समझता हूं। 'अपने पक्ष का जिलाध्यक्ष नहीं बनने पर दुख होता है'—यह भावना स्वाभाविक है। लेकिन मैं आश्वासन देता हूं कि मैं उन सभी दुखी लोगों से मिलूंगा, उनसे विस्तार से बात करूंगा और उनकी हर समस्या का समाधान निकालूंगा।

 कांग्रेस एक परिवार है, और यहां कोई बिखराव नहीं होने दूंगा।"इस नियुक्ति को लेकर पिछले कुछ दिनों से बाड़मेर कांग्रेस इकाई में हलचल बनी हुई थी। जिला अध्यक्ष पद के लिए कई दावेदारों के नाम चर्चा में थे, जिनमें स्थानीय स्तर पर विभिन्न गुटों के प्रतिनिधि शामिल थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की, जिसमें पार्टी नेतृत्व पर पक्षपातपूर्ण चयन का आरोप लगाया गया। हालांकि, लक्ष्मण सिंह गोदारा की नियुक्ति को राज्य स्तर पर पार्टी हाईकमान ने अंतिम रूप दिया था, जो जिले की राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई मानी जा रही है। गोदारा खुद बाड़मेर जिले के एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व विधायक रह चुके हैं, जिन्होंने पार्टी के लिए कई चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

स्वागत समारोह के बाद लक्ष्मण सिंह गोदारा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनका मुख्य फोकस पार्टी को एकजुट रखना और आगामी चुनावों की तैयारी पर होगा। उन्होंने कहा, "बाड़मेर कांग्रेस को नई ऊर्जा देने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। दुखी कार्यकर्ताओं को अलग-थलग नहीं होने देंगे, बल्कि उन्हें मुख्यधारा में लाएंगे।" उनके इस बयान से कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ, और कई लोगों ने सोशल मीडिया पर समर्थन के पोस्ट साझा करने शुरू कर दिए।राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने भी इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि जिला स्तर पर सभी विवादों का शीघ्र समाधान किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का प्रतिनिधित्व करते हुए एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि लक्ष्मण सिंह गोदारा को जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय सामूहिक था, और अब जिला इकाई को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

 बाड़मेर जिला, जो राजस्थान की सीमावर्ती राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र है, में कांग्रेस की सक्रियता बढ़ाने के लिए यह कदम रणनीतिक माना जा रहा है।लक्ष्मण सिंह गोदारा ने अपनी प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह ग्रामीण क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से विशेष रूप से मुलाकात करेंगे, जहां पार्टी का आधार मजबूत है। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी के सभी वर्गों—चाहे वे जाट, राजपूत, मुस्लिम या अन्य समुदायों से हों—को समान महत्व दिया जाएगा। "कांग्रेस का मूल मंत्र एकता है, और मैं इसे बरकरार रखूंगा," गोदारा ने कहा।