जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में संदिग्ध आतंकी गतिविधि: तीन संदिग्धों ने गांव से खाना छीना, जंगल में घुसे; सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन तेज

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के चिल्ला बलोठा गांव में तीन संदिग्ध आतंकियों ने ग्रामीण से खाना छीनकर बसंतगढ़ के घने जंगलों में भाग निकले। सूचना मिलते ही सेना, सीआरपीएफ और पुलिस ने इलाके को घेर लिया। ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन जारी है।

Nov 28, 2025 - 16:23
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में संदिग्ध आतंकी गतिविधि: तीन संदिग्धों ने गांव से खाना छीना, जंगल में घुसे; सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन तेज

उधमपुर (जम्मू-कश्मीर), 28 नवंबर 2025: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता की उम्मीद के बीच एक नया सनसनीखेज घटनाक्रम सामने आया है। चिल्ला बलोठा गांव के निवासियों ने तीन संदिग्ध आतंकियों को देखा, जिन्होंने एक स्थानीय व्यक्ति से भोजन छीन लिया और फिर घने जंगलों की ओर भाग निकले। इस घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने तत्काल हाई-लेवल जांच शुरू कर दी है। सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीमें पूरे इलाके को घेर चुकी हैं, जबकि बसंतगढ़ क्षेत्र के जंगलों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चल रहा है। ड्रोन, स्निफर डॉग्स और अन्य आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है।

घटना का विस्तृत विवरण घटना गुरुवार सुबह के आसपास की बताई जा रही है, जब चिल्ला बलोठा गांव के एक स्थानीय निवासी अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। सूत्रों के अनुसार, तीन हथियारबंद संदिग्ध, जो स्थानीय वेशभूषा में थे लेकिन उनके व्यवहार से साफ जाहिर हो रहा था कि वे पराए हैं, अचानक गांव में घुस आए। उन्होंने एक ग्रामीण से जबरन खाना (भोजन का पैकेट) छीन लिया और बिना किसी देरी के जंगल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।गांव के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "वे तीनों व्यक्ति लगभग 25-30 वर्ष के थे, उनके चेहरे ढके हुए थे और हाथों में हथियार नजर आ रहे थे। उन्होंने खाना मांगा, लेकिन जब ग्रामीण ने मना किया तो वे हिंसक हो गए। भागते समय उन्होंने चेतावनी भी दी कि कोई पीछा न करे।" यह घटना उधमपुर के संवेदनशील इलाके में हुई है, जहां पहले भी आतंकी गतिविधियों की खबरें आती रही हैं। चिल्ला बलोठा गांव बसंतगढ़ तहसील के अंतर्गत आता है, जो घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों से घिरा हुआ है—एक आदर्श जगह जहां आतंकी छिप सकते हैं।

सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की टीमें मौके पर पहुंच गईं। इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है, और बसंतगढ़ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू हो गया। सीआरपीएफ की विशेष यूनिट्स को भी बुला लिया गया है। सर्च ऑपरेशन में आधुनिक तकनीकों का भरपूर उपयोग किया जा रहा है:ड्रोन सर्विलांस: हाई-रेजोल्यूशन ड्रोन से जंगलों के ऊपरी हिस्सों की निगरानी की जा रही है, ताकि संदिग्धों की लोकेशन ट्रैक की जा सके। स्निफर डॉग्स: प्रशिक्षित कुत्तों की टीम को तैनात किया गया है, जो संदिग्धों के पैरों के निशान और गंध का पीछा कर रही है। थर्मल इमेजिंग और नाइट विजन: रात के अंधेरे में भी सर्च जारी रखने के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल हो रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "यह एक संवेदनशील मामला है। हमने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और संदिग्धों को पकड़ने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है।" अभी तक कोई गोलीबारी या संघर्ष की खबर नहीं है, लेकिन सुरक्षा बल सतर्क मोड में हैं।

पृष्ठभूमि और संभावित खतरा उधमपुर जिला लंबे समय से आतंकवाद प्रभावित रहा है। यहां की दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण आतंकी अक्सर सीमा पार से घुसपैठ करते हैं और जंगलों में छिप जाते हैं। हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में कमी आई है, लेकिन ऐसी छोटी-छोटी गतिविधियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये संदिग्ध लश्कर-ए-तैयबा या जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से जुड़े हो सकते हैं, जो खाने-पीने की सामग्री के लिए स्थानीय स्तर पर लूटपाट करते हैं।पिछले साल उधमपुर में इसी तरह के दो ऑपरेशन में दो आतंकियों को मार गिराया गया था, जबकि एक अन्य में सुरक्षा बलों ने हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया था। वर्तमान ऑपरेशन को 'ऑपरेशन चिल्ला' नाम दिया जा सकता है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.