प्रेम का काला अध्याय परिवारों की पुरानी रंजिश में प्रेमी जोड़े को पेट्रोल उड़ेलकर जिंदा जलाया, चीखें गूंजीं रातभर!
जयपुर के निकट बाड़ोलाव गांव में शुक्रवार देर रात परिवारों की पुरानी रंजिश व प्रेम संबंध के शक में कैलाश गुर्जर (शादीशुदा) और सोनी गुर्जर (विधवा) को मचान पर सोते समय रस्सी से बांधकर, बाल पकड़कर घसीटकर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। कैलाश 70% और सोनी 45% से ज्यादा झुलस गईं। दोनों एसएमएस अस्पताल जयपुर में वेंटिलेटर/क्रिटिकल हालत में हैं। पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया, दो संदिग्ध हिरासत में।
जयपुर, 30 नवंबर 2025: राजस्थान की पिंक सिटी जयपुर के मौखमपुरा थाना क्षेत्र के बाड़ोलाव गांव में शुक्रवार देर रात एक ऐसी क्रूर घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को सिहरा दिया। प्रेम विवाद और परिवारों की सालों पुरानी दुश्मनी के चलते एक शादीशुदा युवक और विधवा महिला पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। चीख-पुकार मच गई, लेकिन तब तक दोनों 60-70 फीसदी तक झुलस चुके थे। सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल में भर्ती इस जोड़े की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, जहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए दिन-रात जद्दोजहद कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है।
घटना की भयावह रात: मचान पर सोते जोड़े पर हमला
शनिवार रात करीब 1-2 बजे के आसपास का वक्त था। बाड़ोलाव गांव के खेतों में शांति का पहरा ले रही थी रात, जब अचानक चीखों की गूंज ने सबको दहला दिया। कैलाश गुर्जर (उम्र करीब 30-35 वर्ष), जो एक शादीशुदा किसान हैं, और सोनी गुर्जर (उम्र करीब 28-30 वर्ष), जो विधवा हैं और छह साल पहले अपने पति की एक सड़क हादसे में मौत के बाद अकेली रह गई थीं, खेत के मचान पर सो रहे थे। दोनों के बीच अवैध संबंधों का शक लंबे समय से परिवारों को खल रहा था।पुलिस जांच के अनुसार, रंजिश रखने वाले कुछ लोग—जिनमें संभवतः दोनों परिवारों के सदस्य शामिल हैं—अंधेरे का फायदा उठाकर मचान पर चढ़ आए। उन्होंने पहले कैलाश को रस्सियों से बांध दिया, ताकि वह भाग न सके। फिर, बेरहमी से पेट्रोल की बोतल उड़ेलकर मैच की तीली जला दी। आग की लपटें भड़क उठीं और मचान जलने लगा। कैलाश ने बताया कि हमलावरों ने सोनी के बालों को पकड़कर उन्हें घसीटा और उनके ऊपर भी पेट्रोल डाल दिया। सोनी की चीखें सुनकर कैलाश ने किसी तरह रस्सियां तोड़ीं और मदद के लिए भागे, लेकिन तब तक आग ने उनके शरीर को अपनी चपेट में ले लिया था।आसपास के ग्रामीणों ने शोर सुनकर दौड़ लगाई। स्थानीय निवासी मुकेश गुर्जर ने बताया, "मैंने देखा तो कैलाश हौद (तालाब) की ओर गिरा पड़ा था, पूरा शरीर जल रहा था। सोनी भी पास ही तड़प रही थी। हमने किसी तरह आग बुझाई और उन्हें दूदू के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें तुरंत जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया।" ग्रामीणों का कहना है कि हमलावरों ने न सिर्फ आग लगाई, बल्कि भागते समय धमकी भी दी कि "अगर जिंदा बचे तो फिर से जलाएंगे।"
परिवारों की गहरी खाई: प्रेम विवाह से उपजी दुश्मनी
यह घटना अचानक नहीं फूटी, बल्कि साल भर से पनप रही रंजिश का नतीजा है। सोनी के जेठ के बेटे ने कैलाश के भाई की बेटी से प्रेम विवाह कर लिया था, जिसके बाद दोनों परिवारों के बीच तलवारें खिंच गईं। सोनी को कैलाश की समधन (रिश्ते में) माना जाता है, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। परिवार वालों का शक था कि यह अवैध संबंध हैं, जो गुजरी रंजिश को और भड़का रहा था। सोनी के परिजनों ने आरोप लगाया कि कैलाश का परिवार पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए यह कदम उठा रहा है, जबकि कैलाश के परिवार ने उल्टा सोनी के परिजनों पर ही इल्जाम लगाया।मौखमपुरा डीएसपी दीपक खंडेलवाल ने बताया, "प्रारंभिक जांच में हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। हमलावरों ने ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल किया, जो साफतौर पर पूर्व नियोजित हमला दर्शाता है। दो संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, और गांव में पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और ग्रामीणों के बयान से जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।"
अस्पताल में जंग: 70% झुलसे कैलाश, 45% सोनी—जान बची या नहीं?
एसएमएस अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती कैलाश गुर्जर को 70 फीसदी और सोनी गुर्जर को 45 फीसदी से अधिक जलन की चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों का शरीर दूसरी और तीसरी डिग्री के बर्न्स से ग्रस्त है, जिसमें फेफड़ों और त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचा है। कैलाश को वेंटिलेटर पर रखा गया है, जबकि सोनी को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा, "दोनों की हालत बेहद नाजुक है। इंफेक्शन का खतरा सबसे बड़ा है। हम 24 घंटे निगरानी में हैं, लेकिन अगले 48 घंटे क्रिटिकल होंगे।"कैलाश के परिवार वाले अस्पताल के बाहर बेचैन हैं। उनकी पत्नी ने रोते हुए कहा, "वह कभी ऐसा नहीं सोच सकते थे। हमारा परिवार टूट चुका है।" वहीं, सोनी के बच्चे—जो अब अनाथों की तरह रह गए हैं—मां की सलामती की दुआ मांग रहे हैं।
गांव में दहशत, पुलिस की सख्ती: क्या मिलेगा न्याय?
बाड़ोलाव गांव में इस घटना के बाद दहशत फैल गई है। महिलाएं घर से बाहर निकलने को डर रही हैं, और पुरुष रात को पहरा दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रेम विवादों के नाम पर ऐसी क्रूरता असहनीय है। राजस्थान पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित की है। डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए। सोशल मीडिया पर भी यह मामला वायरल हो रहा है, जहां लोग महिलाओं की सुरक्षा और परिवारिक रंजिशों के समाधान की मांग कर रहे हैं।यह घटना राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में प्रेम और रंजिश के बीच की पतली रेखा को उजागर करती है। क्या न्याय मिलेगा, या यह चीखें अनसुनी रह जाएंगी? आने वाले दिनों में पुलिस की जांच ही इसका फैसला करेगी। फिलहाल, दो मासूम जिंदगियां आग की लपटों में तड़प रही हैं, और पूरा समाज सवाल कर रहा है—कब थमेगा यह सिलसिला?