RTI खुलासे से पुलिस अधिकारी जब्बर सिंह चारण को मिली क्लीन चिट, अवैध डोडा पोस्ट तस्करी के झूठे आरोप साबित.

जोधपुर ग्रामीण के डिप्टी SP जब्बर सिंह चारण पर अवैध डोडा पोस्ट को “खुर्द-बुर्द” करने, तस्करों से रिश्वत लेने और धमकाने के गंभीर आरोप लगे थे। RTI और विभागीय जांच में सभी आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद पाए गए। पुलिस अधिकारी को पूर्ण क्लीन चिट मिल गई और शिकायतकर्ता के खिलाफ झूठी शिकायत का केस बनने की संभावना है।

Nov 28, 2025 - 18:12
RTI खुलासे से पुलिस अधिकारी जब्बर सिंह चारण को मिली क्लीन चिट, अवैध डोडा पोस्ट तस्करी के झूठे आरोप साबित.

जोधपुर, 28 नवंबर 2025: राजस्थान के जोधपुर जिले में सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से एक महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है, जिसमें उपाध्यक्षक (DySP) जब्बर सिंह चारण के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद साबित किया गया। चारण पर अवैध डोडा पोस्ट (पॉपी स्ट्रॉ) की तस्करी को "खुर्दबुर्द" (गायब या नष्ट) करने के झूठे आरोप लगाए गए थे, साथ ही धमकी-दहशत, रिश्वतखोरी और अन्य अनियमितताओं का भी इल्जाम ठोंका गया था। लेकिन विभागीय जांच और RTI प्रतिक्रिया में ये सभी आरोप झूठे पाए गए, जिससे अधिकारी को पूर्ण क्लीन चिट मिल गई। यह मामला न केवल पुलिस विभाग की पारदर्शिता को रेखांकित करता है, बल्कि झूठी शिकायतों के दुरुपयोग पर भी सवाल खड़े करता है।

घटना का पृष्ठभूमि: कैसे शुरू हुआ विवाद?

जोधपुर रेंज में डोडा पोस्ट तस्करी एक गंभीर समस्या रही है, खासकर ग्रामीण इलाकों जैसे शेरगढ़, बालेसर और फलोदी में। अप्रैल 2025 में जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने डोडा पोस्ट तस्करी पर सख्ती बरतते हुए कई छापेमारी अभियान चलाए थे। इनमें 22 क्विंटल से अधिक डोडा पोस्ट बरामद हुई और कई वाहन जब्त किए गए। इसी दौरान, एक शिकायतकर्ता ने DySP जब्बर सिंह चारण पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक जब्त डोडा पोस्ट कांड में माल को गुप्त रूप से नष्ट कर दिया, ताकि तस्करों को बचाया जा सके। शिकायत में यह भी दावा किया गया कि चारण ने तस्करों से रिश्वत ली, उन्हें धमकाया और जांच में हेरफेर किया।शिकायतकर्ता ने दावा किया कि यह घटना शेरगढ़ थाना क्षेत्र के देड़ा गांव की सरहद पर हुई छापेमारी से जुड़ी है, जहां DST (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की थी। शिकायत में कहा गया कि जब्त माल को "खुर्दबुर्द" करने से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। यह शिकायत विभिन्न मंचों पर वायरल हुई, जिससे चारण की छवि पर बट्टा लगा। हालांकि, प्रारंभिक जांच में ही संदेह जताया गया कि यह राजनीतिक रंजिश या व्यक्तिगत दुश्मनी से प्रेरित हो सकती है। 

RTI का खुलासा: आरोपों की पोल खुली

जब्बर सिंह चारण ने खुद RTI दाखिल की, जिसमें जोधपुर पुलिस मुख्यालय से विभागीय जांच रिपोर्ट मांगी गई। RTI प्रतिक्रिया (जो हाल ही में प्राप्त हुई) में साफ कहा गया है कि चारण के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप "बेबुनियाद और असत्य" हैं। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

कोई अनियमितता नहीं: जांच में पाया गया कि चारण ने डोडा पोस्ट कांड में कोई हेरफेर नहीं किया। जब्त माल का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित है, और "खुर्दबुर्द" का कोई सबूत नहीं मिला। 

धमकी या लेन-देन का अभाव: शिकायतकर्ता के दावों के विपरीत, कोई गवाह या दस्तावेजी प्रमाण नहीं मिला जो धमकाने या रिश्वत लेने की पुष्टि करता हो। जांच टीम ने सभी संबंधित फाइलें, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की।

झूठी शिकायत का पता: RTI रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि शिकायत "दबाव बनाने और बदनामी फैलाने" के उद्देश्य से दाखिल की गई लगती है। कोई ठोस साक्ष्य न होने से आगे की कार्रवाई की आवश्यकता नहीं पाई गई।

तथ्यात्मक रिपोर्ट: पुलिस की आंतरिक रिपोर्ट में सभी आरोपों को खारिज करते हुए चारण की कार्यशैली को "ईमानदार और पारदर्शी" बताया गया।

RTI के जवाब में जोधपुर पुलिस ने कहा, "शिकायत की जांच में कोई अपराध सिद्ध नहीं हुआ। आरोपी पक्ष के दावे विरोधाभासी पाए गए।" यह खुलासा 26 नवंबर 2025 को सार्वजनिक हुआ, जिसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई।

विभागीय जांच का विवरण: कैसे साबित हुए आरोप झूठे?विभागीय स्तर पर गठित जांच समिति (जिसमें सीनियर IPS अधिकारी शामिल थे) ने छह सप्ताह की गहन जांच की। मुख्य निष्कर्ष:

जांच का बिंदु     शिकायतकर्ता का दावा      जांच का निष्कर्ष 

डोडा पोस्ट का खुर्दबुर्द    जब्त 22 क्विंटल माल गायब कर दिया    माल सुरक्षित; कोर्ट में पेश, कोई कमी नहीं

रिश्वत लेन-देन    तस्करों से लाखों रुपये लिए    बैंक स्टेटमेंट और गवाहों से कोई लेन-देन सिद्ध नहीं

धमकी-दहशत    तस्करों को डराया, जांच रोकी    कॉल रिकॉर्ड और बयानों से कोई प्रमाण नहीं; जांच पूरी हुई

अनियमितता     फाइलों में हेरफेर   सभी दस्तावेज मूल रूप में सुरक्षित

जांच में शिकायतकर्ता के बयान विरोधाभासी पाए गए, और उनके खिलाफ ही झूठी शिकायत के लिए IPC धारा 182 (झूठी सूचना देना) के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है। जोधपुर रेंज के IG विकास कुमार ने पुष्टि की कि चारण को अब पूर्ण ड्यूटी पर बहाल किया जा रहा है।

प्रभाव और प्रतिक्रिया: झूठी शिकायतों का चलन

यह मामला राजस्थान पुलिस में झूठी शिकायतों के बढ़ते चलन को उजागर करता है। हाल ही में गुरुग्राम में RTI से 43% रेप केस झूठे पाए गए, जबकि नगपुर RTO में पदोन्नति विवाद में फर्जी केस की साजिश रची गई। जोधपुर में चारण केस से जुड़े जानकारों का कहना है कि डोडा तस्करी जैसे संवेदनशील मामलों में राजनीतिक दबाव या प्रतिद्वंद्विता से ऐसे आरोप लगाए जाते हैं।चारण ने कहा, "मैं हमेशा कानून के दायरे में काम करता हूं। यह क्लीन चिट मेरी ईमानदारी का प्रमाण है। अब फोकस नशा मुक्ति अभियान पर रहेगा।" शिकायतकर्ता की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि झूठी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई होगी।जोधपुर रेंज पुलिस ने डोडा पोस्ट तस्करी रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर (बाड़मेर: 0291-257XXX, जैसलमेर: 02992-25XXX) जारी किए हैं। यह घटना RTI को पारदर्शिता का मजबूत हथियार साबित करती है, लेकिन साथ ही दुरुपयोग रोकने की जरूरत भी बताती है।