बंगाल से भाग रहे अवैध बांग्लादेशी!SIR शुरू होते ही मची हड़कंप BJP प्रदेश प्रभारी का Congress को करारा जवाब.

राजस्थान भाजपा प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने जोधपुर में कहा कि पश्चिम बंगाल में SIR (मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण) शुरू होते ही हजारों अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए डर के मारे भाग रहे हैं। उन्होंने इसे फर्जी वोटरों की सफाई बताया और कांग्रेस-TMC के विरोध को राजनीतिक सनक करार दिया। बिहार का उदाहरण देकर कहा कि वहाँ भी लाखों फर्जी-मृत नाम हटने से चुनाव शुद्ध हुए। सिंघवी और गहलोत पर भी तीखा कटाक्ष किया।

Nov 28, 2025 - 17:55
बंगाल से भाग रहे अवैध बांग्लादेशी!SIR शुरू होते ही मची हड़कंप BJP प्रदेश प्रभारी का Congress को करारा जवाब.

जोधपुर:-राजस्थान भाजपा के प्रदेश प्रभारी और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधामोहन दास अग्रवाल शुक्रवार को जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर जिलाध्यक्ष, महापौर वाणी शर्मा, विधायक, सांसद सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान (Summary Intensive Revision - SIR) पर सनसनीखेज खुलासे किए।

मुख्य बयान:श्री अग्रवाल ने दावा किया, 

“पश्चिम बंगाल में जैसे ही SIR की प्रक्रिया शुरू हुई, हजारों-लाखों की संख्या में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए डर के मारे सीमा पार करके भागने लगे हैं। ये वही लोग हैं जिनके नाम पिछले 20 सालों में फर्जी तरीके से वोटर लिस्ट में जोड़े गए थे। अब BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं, इसलिए इनका खेल खत्म हो रहा है।”

बिहार का सफल उदाहरण:

उन्होंने बिहार का ताजा उदाहरण देते हुए कहा: 20 लाख मृत व्यक्तियों के नाम वोटर लिस्ट में थे  

23 लाख लोग दूसरे राज्यों या विदेश चले गए, फिर भी उनके नाम थे

22 लाख डुप्लीकेट (एक ही व्यक्ति के दो-तीन नाम) थे

“इन सबको हटाने के बाद बिहार में चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हुए। ठीक यही अब बंगाल में हो रहा है।”

कांग्रेस-TMC पर करारा हमला:

“2003-04 से अब तक 11-12 बार SIR हो चुका है, ज्यादातर कांग्रेस सरकारों ने ही करवाया। तब ये लोग चुप थे, अब क्यों चिल्ला रहे हैं?” 

“कांग्रेस एक तरफ अपने BLO नियुक्त कर रही है, ट्रेनिंग दे रही है, प्रक्रिया में शामिल हो रही है, दूसरी तरफ सड़क पर विरोध कर रही है। ये दोहरा चरित्र है, राजनीतिक सनक है।”

“सुप्रीम कोर्ट पहले ही कह चुका है कि वोटर लिस्ट की जांच चुनाव आयोग का संवैधानिक अधिकार है। फिर विरोध क्यों?”

सिंघवी और गहलोत पर तीखे तंज:

अभिषेक मनु सिंघवी के “शिक्षकों को SIR ड्यूटी में क्यों लगाया?” वाले सवाल पर मुस्कुराते हुए बोले: 

“सिंघवी जी के बारे में तो आप लोग मुझसे ज्यादा जानते हैं, मुझे कुछ कहने की जरूरत ही नहीं।”

अशोक गहलोत के “राजस्थान में सरकार नाम की कोई चीज नहीं” वाले बयान पर पलटवार:

“पिछली सरकार तो पांच साल सचिन पायलट और खुद गहलोत साहब की आपसी खींचतान में डूबी रही। अगर सबकुछ इतना अच्छा था, तो जनता ने हमें 2-तिहाई बहुमत देकर क्यों भेजा? जनता सब समझती है।”

संगठन और मंत्रिमंडल पर चुप्पी:

कैबिनेट विस्तार पर सवाल पूछा गया तो टाल गए: “ये मेरा विषय नहीं है।” 

जोधपुर के बड़े नेताओं को अभी तक संगठन में जगह नहीं मिलने पर कहा: “अभी कई पद, मोर्चे और प्रकोष्ठ बाकी हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने बहुत सोच-समझकर टीम बनाई है। जिनका नाम अभी नहीं आया, उनका उचित सम्मान और समायोजन जल्द होगा।”

जोधपुर प्रवास के दौरान राधामोहन दास अग्रवाल ने कई संगठनात्मक बैठकों में भी हिस्सा लिया और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया

भाजपा का साफ दावा है कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि लोकतंत्र को साफ-सुथरा रखने की पुरानी और जरूरी प्रक्रिया है, जिससे फर्जी वोटरों का खेल हमेशा के लिए खत्म हो रहा है। और यही वजह है कि बंगाल में घुसपैठिए भाग रहे हैं और विपक्ष बौखलाया हुआ है।