उदयपुर: इलाज के दौरान रील बनाने वाले डॉक्टर को APO कर दिया, बोले- 'मुझे क्यों हटाया, पता नहीं'; CMHO ने बताया- शिकायतें आ रही थीं

उदयपुर के बड़गांव सेटेलाइट अस्पताल के प्रभारी डॉ. अशोक शर्मा को मरीजों का इलाज करते समय रील बनाने के आरोप में APO कर जयपुर भेज दिया गया। डॉक्टर ने इंस्टाग्राम पर भावुक वीडियो डालकर पूछा कि मुझे किस गलती की सजा मिली, जबकि CMHO ने कई शिकायतें मिलने की बात कही।

Nov 28, 2025 - 15:22
उदयपुर: इलाज के दौरान रील बनाने वाले डॉक्टर को APO कर दिया, बोले- 'मुझे क्यों हटाया, पता नहीं'; CMHO ने बताया- शिकायतें आ रही थीं

उदयपुर, 28 नवंबर 2025: राजस्थान के उदयपुर जिले में एक विवादास्पद घटना ने चिकित्सा विभाग में हलचल मचा दी है। बड़गांव सेटेलाइट अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर अशोक शर्मा को मरीजों के इलाज के दौरान सोशल मीडिया रील्स बनाने के आरोप में अतिरिक्त पुलिस अधिकारी (APO) कर दिया गया है। यह कार्रवाई चिकित्सा विभाग की संयुक्त शासन सचिव निशा मीना के सख्त निर्देशों पर की गई। डॉक्टर शर्मा को तत्काल जयपुर मुख्यालय में उपस्थित होने का आदेश जारी किया गया है। इस घटना के बाद डॉक्टर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो भावुक वीडियो पोस्ट किए, जिसमें उन्होंने अपनी बर्खास्तगी पर सवाल उठाए और मरीजों के बाकी इलाज का जिक्र किया।

घटना का पूरा विवरण डॉ. अशोक

शर्मा उदयपुर के बड़गांव सेटेलाइट अस्पताल में प्रभारी चिकित्सक के रूप में कार्यरत थे। आरोप है कि वे मरीजों का इलाज करते हुए मोबाइल फोन पर रील्स (शॉर्ट वीडियो) बना रहे थे, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गईं। इन वीडियो में डॉक्टर को हंसते-मुस्कुराते हुए मरीजों के साथ रिकॉर्डिंग करते दिखाया गया, जिससे विभाग में असंतोष फैल गया। स्थानीय स्तर पर कई शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें कहा गया कि यह चिकित्सकीय कर्तव्यों का उल्लंघन है और मरीजों की गोपनीयता का भी खुला उल्लंघन हो रहा है।चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त शासनाध्यक्ष निशा मीना ने गुरुवार शाम को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आदेश जारी किए। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि डॉ. शर्मा को उनके पद से हटा दिया जाए और वे जयपुर मुख्यालय में रिपोर्ट करें। यह कार्रवाई विभागीय नियमों के कड़े पालन के तहत की गई है, जहां डॉक्टरों को मरीजों के इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की व्याकुलता या अनैतिक गतिविधि से बचने की सलाह दी जाती है।

डॉक्टर का इंस्टाग्राम पर खुलासा APO के आदेश मिलने के तुरंत बाद डॉ. अशोक शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो वीडियो शेयर किए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पहले वीडियो में डॉक्टर भावुक नजर आते हैं। वे कहते हैं, "मुझे क्यों और किस गलती से हटाया गया, यह मुझे पता नहीं है। मैं हमेशा मरीजों की सेवा के लिए समर्पित रहा हूं। क्या रील बनाना इतना बड़ा अपराध है?" इस वीडियो में डॉक्टर की निराशा साफ झलक रही है, और वे विभागीय अधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं।दूसरे वीडियो में डॉक्टर मरीजों के प्रति अपनी जिम्मेदारी दिखाते नजर आते हैं। वे बोलते हैं, "कुछ मरीजों का इलाज अभी बाकी रह गया है, इसलिए मैं आज आया हूं। मेरा ट्रांसफर ऑर्डर आ गया है, मैं जा रहा हूं। लेकिन सोमवार तक मैं यहां हूं, जो भी इलाज कराना हो, करवा लें।" इस पोस्ट से डॉक्टर की मानवीयता का पक्ष सामने आया है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो गया कि क्या विभाग ने बिना उचित सुनवाई के कार्रवाई की है।

CMHO का पक्ष: शिकायतों का हवाला उदयपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO)  ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हमें डॉ. शर्मा के खिलाफ कई शिकायतें मिल रही थीं। मरीज इलाज के दौरान रील बनाए जाने से असहज महसूस कर रहे थे। विभाग में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है, इसलिए यह कदम उठाया गया।" CMHO ने यह भी स्पष्ट किया कि APO का मतलब स्थायी बर्खास्तगी नहीं है, बल्कि जांच के दौरान पद से हटाना है। जांच पूरी होने के बाद डॉक्टर को उचित स्थान पर प्रतिष्ठित किया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी यह घटना सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गई है। एक ओर जहां कुछ लोग डॉक्टर को 'क्रिएटिव' बताते हुए उनका समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मरीजों के अधिकारों की रक्षा करने वाले कह रहे हैं कि चिकित्सालय कोई मनोरंजन स्थल नहीं है। कई यूजर्स ने टिप्पणी की कि रील्स बनाने से डॉक्टर की छवि तो चमक सकती है, लेकिन मरीजों का विश्वास खोना जोखिम भरा है। विभागीय स्तर पर भी इस तरह की घटनाओं पर सख्ती बढ़ाने की चर्चा हो रही है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.