कालीकट यूनिवर्सिटी में परीक्षा की पेपर दोहराने का मामला: छात्रों की परेशानी बढ़ी, नई परीक्षा की तैयारी
कालीकट यूनिवर्सिटी ने 25 नवंबर को हुई एमडीसी मनोविज्ञान प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में पिछले साल का ही पेपर दे दिया। केवल एक प्रश्न को छोड़कर पूरा पेपर समान था। यूनिवर्सिटी ने गलती स्वीकार की और जल्द ही नई परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया है।
केरल, 27 नवंबर 2025: केरल की प्रतिष्ठित कालीकट यूनिवर्सिटी में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां हाल ही में आयोजित एक महत्वपूर्ण परीक्षा का पेपर पिछले वर्ष का ही दोहरा दिया गया। यह घटना मल्टी डिसीप्लिनरी कोर्स (एमडीसी) के मनोविज्ञान विषय की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा से जुड़ी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस गड़बड़ी को स्वीकार करते हुए नई परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया है, लेकिन छात्रों में नाराजगी और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आइए इस घटना को विस्तार से समझते हैं।
घटना का पूरा विवरण; कालीकट यूनिवर्सिटी में 25 नवंबर 2025 को एमडीसी मनोविज्ञान की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा नियंत्रण कार्यालय (एग्जामिनेशन कंट्रोल रूम) के अधिकारियों के अनुसार, यह परीक्षा सुचारू रूप से चली, लेकिन परीक्षा समाप्त होने के बाद जब मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू हुई, तो एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। पेपर का लगभग पूरा हिस्सा पिछले वर्ष (2024) की परीक्षा का ही था। केवल एक प्रश्न को छोड़कर बाकी सभी प्रश्न समान थे, जो छात्रों और शिक्षकों के बीच हड़कंप मचा दिया।यह पेपर दोहराने की गलती परीक्षा सामग्री तैयार करने और वितरण की प्रक्रिया में हुई चूक से जुड़ी बताई जा रही है। यूनिवर्सिटी के स्रोतों के मुताबिक, पुराने पेपर को गलती से नई परीक्षा के लिए प्रिंट कर लिया गया, जबकि नया सेट तैयार करने में देरी हो गई थी। परीक्षा के दौरान छात्रों को कोई संदेह नहीं हुआ, क्योंकि प्रश्न पत्र का प्रारूप और कवर समान था। लेकिन परीक्षा के बाद जब उत्तर पुस्तिकाओं की जांच शुरू हुई, तब यह त्रुटि पकड़ी गई।
यूनिवर्सिटी की प्रतिक्रिया; परीक्षा नियंत्रण कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच तुरंत शुरू कर दी गई है। "हमने पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की है और पाया कि यह एक तकनीकी और मानवीय त्रुटि का मामला है। छात्रों के हित में हम नई परीक्षा आयोजित करने का निर्णय ले चुके हैं। तारीख और समय जल्द ही घोषित किया जाएगा," अधिकारी ने कहा। यूनिवर्सिटी ने प्रभावित छात्रों को ईमेल और एसएमएस के माध्यम से सूचित करने की योजना बनाई है। साथ ही, मूल्यांकन प्रक्रिया को रोक दिया गया है, ताकि किसी भी तरह का अन्याय न हो।कालीकट यूनिवर्सिटी के कुलपति ने भी इस मुद्दे पर आपात बैठक बुलाई है। बैठक में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने पर चर्चा हुई। यूनिवर्सिटी का कहना है कि यह पहली बार ऐसी घटना हुई है, लेकिन भविष्य में ऐसी चूक रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
छात्रों का आक्रोश और प्रभाव; इस घटना से करीब 500 से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं, जो मुख्य रूप से केरल के विभिन्न जिलों से जुड़े कॉलेजों के हैं। छात्र संगठनों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के स्थानीय नेता ने कहा, "परीक्षा की तैयारी के लिए छात्रों ने महीनों की मेहनत की, और अब नई परीक्षा का बोझ। यह शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। हम मांग करते हैं कि नुकसान की भरपाई की जाए।"कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। एक छात्रा ने ट्वीट किया, "पिछले साल का पेपर दोहराना? क्या यूनिवर्सिटी की टीम सो रही थी? अब दोबारा पढ़ाई का दबाव।" दूसरी ओर, कुछ छात्रों ने इसे एक सीख के रूप में देखा, लेकिन अधिकांश ने नई परीक्षा की तारीख जल्द घोषित करने की मांग की है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी घटनाएं छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती हैं, खासकर सेमेस्टर परीक्षाओं के दबाव में।
व्यापक संदर्भ: शिक्षा प्रणाली में परीक्षा गड़बड़ियां यह घटना केरल की शिक्षा व्यवस्था में परीक्षा प्रक्रिया की कमजोरियों को उजागर करती है। पिछले कुछ वर्षों में देश भर में कई यूनिवर्सिटीज में पेपर लीक, दोहराव या वितरण में गड़बड़ियों के मामले सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, 2024 में दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक समान घटना हुई थी, जहां पेपर गलती से लीक हो गया था। कालीकट यूनिवर्सिटी, जो केरल का दूसरा सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है और 30,000 से अधिक छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है, के लिए यह एक झटका है।