बाड़मेर में ट्रेन से कटा युवक, चीथड़े उड़े: ट्रैक पर बिखरा शव, भीड़ जुटी; जांच में जुटी पुलिस

बालोतरा के माडपुरा फाटक पर मानसिक रूप से बीमार 32 वर्षीय रेखाराम ट्रेन से कटकर मारा गया; शव के चीथड़े बिखरेामरी; पुलिस जांच में जुटी।

Nov 16, 2025 - 10:20
बाड़मेर में ट्रेन से कटा युवक, चीथड़े उड़े: ट्रैक पर बिखरा शव, भीड़ जुटी; जांच में जुटी पुलिस

बालोतरा (बायतू), 16 नवंबर 2025: राजस्थान के बालोतरा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। माडपुरा फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर एक 32 वर्षीय युवक ट्रेन की चपेट में आकर कट गया। हादसे में युवक की बॉडी पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गई और उसके चीथड़े ट्रैक पर दूर-दूर तक बिखर गए। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में युवक को मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

घटना का विवरण: कैसे हुआ हादसा? घटना माडपुरा फाटक के पास उस समय हुई जब युवक रेलवे ट्रैक पर अचानक आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत मौके पर ही हो गई। ट्रेन के इंजन और आगे के डिब्बों से टकराने के कारण युवक का शरीर कई टुकड़ों में बंट गया। शव के अवशेष ट्रैक के दोनों ओर करीब 50-100 मीटर तक फैले हुए मिले। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद ट्रेन रुक गई और चालक ने इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों को दी। हालांकि, ट्रेन के रुकने तक युवक की जान जा चुकी थी। घटनास्थल पर खून के धब्बे और मानव अंगों के टुकड़े देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए। कुछ देर में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जुट गए और माहौल गमगीन हो गया।

मृतक की पहचान: मानसिक पीड़ित था रेखाराम मृतक की शिनाख्त माडपुरा सानी गांव निवासी रेखाराम पुत्र सोनाराम, उम्र 32 वर्ष के रूप में हुई है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, रेखाराम पिछले कई वर्षों से मानसिक रूप से बीमार था। वह अक्सर घर से अकेले निकल जाता था और गांव के आसपास भटकता रहता था। ग्रामीणों ने बताया कि वह कभी-कभी रेलवे ट्रैक के किनारे भी बैठा हुआ मिलता था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।परिजनों का कहना है कि रेखाराम का इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी स्थिति में पूरी तरह सुधार नहीं हो पाया था। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और शव देखकर बेहोश हो गए।

पुलिस की कार्रवाई: जांच और पोस्टमॉर्टम सूचना मिलने पर बायतू थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव के टुकड़ों को इकट्ठा किया और उन्हें बायतू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया, ट्रेन चालक और रेलवे कर्मचारियों से पूछताछ की तथा आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए। पुलिस उपनिरीक्षक (बायतू) ने बताया, “प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, क्योंकि युवक मानसिक रूप से बीमार था और ट्रैक पर अकेला था। हालांकि, हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सटीक कारण स्पष्ट हो पाएगा।” पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और रेलवे पुलिस के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।रेलवे की भूमिका और सुरक्षा चिंताएंयह इलाका बालोतरा-बाड़मेर रेलवे लाइन पर आता है, जहां अक्सर मालगाड़ियां और पैसेंजर ट्रेनें गुजरती हैं। माडपुरा फाटक अनमैन्ड है, यानी यहां कोई गेटमैन या बैरियर नहीं है। ग्रामीणों ने लंबे समय से इस फाटक पर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया। हादसे के बाद रेलवे के स्थानीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि ट्रेन चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार के कारण हादसा टाला नहीं जा सका। रेलवे ने भी अपनी अलग से जांच शुरू कर दी है।

सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल;  यह घटना एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज की उदासीनता को उजागर करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक रोगियों के लिए पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और काउंसलिंग सेंटर नहीं हैं। परिजनों ने बताया कि रेखाराम को समय-समय पर दवाइयां दी जाती थीं, लेकिन गांव में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाए जाएं और ग्रामीण क्षेत्रों में मनोचिकित्सकों की नियुक्ति की जाए। साथ ही, रेलवे ट्रैक के किनारे बसे गांवों में सुरक्षा उपायों को बढ़ाया जाए।

आगे की कार्रवाई और पोस्टमॉर्टम: शव का पोस्टमॉर्टम बायतू अस्पताल में किया जाएगा। रिपोर्ट में मौत का सटीक समय और कारण स्पष्ट होगा। परिजनों को सहायता: प्रशासन ने मृतक के परिवार को तत्काल राहत राशि देने की प्रक्रिया शुरू की है। रेलवे सुरक्षा: रेलवे ने फाटक पर अस्थायी बैरियर लगाने और स्पीड लिमिट लागू करने की बात कही है।