भुसावर पुलिस ने निकाला पैदल मार्च: आमजन में विश्वास बढ़ाने और अपराधियों में भय कायम रखने का उद्देश्य

भरतपुर के भुसावर थाना पुलिस ने गुरुवार देर शाम कस्बे के मुख्य बाजार व चौराहों पर पैदल मार्च निकाला। वृत्त अधिकारी वीरेंद्र शर्मा व थाना प्रभारी रामदयाल मीणा के नेतृत्व में निकले इस मार्च का उद्देश्य आमजन में सुरक्षा का विश्वास जगाना और अपराधियों में भय पैदा करना था।

Nov 28, 2025 - 13:18
भुसावर पुलिस ने निकाला पैदल मार्च: आमजन में विश्वास बढ़ाने और अपराधियों में भय कायम रखने का उद्देश्य

भरतपुर, 28 नवंबर 2025: राजस्थान के भरतपुर जिले के भुसावर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और सशक्त बनाने के लिए भुसावर पुलिस ने गुरुवार देर शाम एक प्रभावी पैदल मार्च का आयोजन किया। यह मार्च कस्बे के मुख्य चौराहों और व्यस्त बाजार क्षेत्रों में निकाला गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों में सुरक्षा का अहसास जगाना तथा अपराध के प्रति संभावित भय पैदा करना था। इस पहल से स्थानीय निवासियों में पुलिस की सक्रियता का संदेश पहुंचा, जो अपराध नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

मार्च का विवरण और आयोजन गुरुवार शाम करीब 8:00 बजे शुरू हुए इस पैदल मार्च में भुसावर थाना पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी ने भाग लिया। मार्च कस्बे के प्रमुख चौराहों से गुजरते हुए मुख्य बाजार क्षेत्रों तक पहुंचा, जहां पुलिसकर्मियों ने न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज की, बल्कि स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और निवासियों के साथ संवाद भी स्थापित किया। मार्च के दौरान पुलिस ने हाई अलर्ट मोड में रहते हुए आसपास के इलाकों पर नजर रखी, ताकि कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजरअंदाज न हो सके। यह आयोजन विशेष रूप से उन क्षेत्रों में केंद्रित था, जहां रात के समय अपराध की घटनाएं अधिक देखी जाती हैं, जैसे चोरी, लूटपाट या अन्य असामाजिक तत्वों की सक्रियता।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह पैदल मार्च एक नियमित अभियान का हिस्सा है, जो जिले में चलाए जा रहे 'सुरक्षित शहर' अभियान के तहत आयोजित किया गया। मार्च की अवधि लगभग एक घंटे की रही, जिसमें पुलिस ने बाजारों में घूमते हुए लोगों को जागरूक किया कि कोई भी अपराधी या संदिग्ध तत्व उनकी निगरानी में है। स्थानीय निवासियों ने इस पहल का स्वागत किया और कहा कि ऐसी गतिविधियां उन्हें रात के समय घर से बाहर निकलने में अधिक आत्मविश्वास प्रदान करती हैं।

प्रमुख अधिकारी और उनकी भूमिका इस महत्वपूर्ण आयोजन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। वृत्त अधिकारी वीरेंद्र शर्मा ने मार्च का नेतृत्व किया और पूरे अभियान की निगरानी की। उन्होंने बताया, "हमारा उद्देश्य केवल दिखावा नहीं, बल्कि वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आमजन को यह विश्वास दिलाना कि पुलिस उनके साथ खड़ी है, और अपराधियों को चेतावनी देना कि कोई भी उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" वहीं, थाना अधिकारी रामदयाल मीणा ने सर्कल इंस्पेक्टर (CI) के रूप में मार्च के दौरान सड़क पर तैनाती का प्रबंधन किया। मीणा ने कहा, "भुसावर जैसे छोटे कस्बों में पैदल मार्च अपराधियों के मनोबल को तोड़ने का सबसे प्रभावी तरीका है। हम नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाते रहेंगे।"वृत्त अधिकारी शर्मा और थाना प्रभारी मीणा की मौजूदगी ने न केवल मार्च को गरिमामय बनाया, बल्कि जूनियर पुलिसकर्मियों को भी प्रेरित किया। कुल मिलाकर, लगभग 20-25 पुलिसकर्मियों की टीम ने इस मार्च में हिस्सा लिया, जो हथियारबंद और वर्दीधारी थे, ताकि दृश्य प्रभाव अधिक हो।

उद्देश्य और प्रभाव भुसावर पुलिस का यह कदम दोहरी रणनीति पर आधारित था—एक तरफ आमजन में विश्वास जगाना, दूसरी तरफ अपराधियों में भय का माहौल बनाना। जिले में हाल के दिनों में कुछ छोटी-मोटी अपराध घटनाओं के बाद पुलिस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। वृत्त अधिकारी शर्मा के अनुसार, ऐसे मार्च से न केवल अपराध की दर में कमी आती है, बल्कि लोग खुद भी पुलिस को सूचना देने के लिए आगे आते हैं। "यह एक सतत प्रक्रिया है। हम हर सप्ताह ऐसे कार्यक्रम आयोजित करेंगे, ताकि भुसावर पूरी तरह सुरक्षित बने," उन्होंने जोड़ा।स्थानीय व्यापारियों और निवासियों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही, "रात के समय बाजार में अकेले रहना डरावना होता था, लेकिन आज पुलिस की उपस्थिति से मनोबल बढ़ा।" इसी तरह, कई महिलाओं ने इसकी सराहना की, जो रात में घर लौटते समय अधिक सतर्क रहती हैं।