घर बैठे कमाई का झांसा, राजस्थान में ‘टास्क फ्रॉड’ का जाल: करोड़ों की ठगी, 4 आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान में ‘टास्क फ्रॉड’ के जरिए लोगों को घर बैठे कमाई का झांसा देकर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। नागौर के मेड़ता सिटी में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 5 अन्य की तलाश जारी है। ठग टेलीग्राम और फर्जी वेबसाइट के माध्यम से लोगों को पहले छोटा मुनाफा दिखाकर भरोसा जीतते थे और बाद में प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लाखों रुपए ऐंठ लेते थे।

Apr 4, 2026 - 15:52
घर बैठे कमाई का झांसा, राजस्थान में ‘टास्क फ्रॉड’ का जाल: करोड़ों की ठगी, 4 आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान में इन दिनों ऑनलाइन ठगी का एक नया और बेहद शातिर तरीका तेजी से फैल रहा है, जिसे ‘टास्क फ्रॉड’ कहा जा रहा है। इसमें लोगों को घर बैठे आसान कमाई का लालच देकर उनके साथ लाखों-करोड़ों रुपए की ठगी की जा रही है। खासकर वॉट्सएप और टेलीग्राम के जरिए भेजे जा रहे ऑफर्स के माध्यम से यह गिरोह लोगों को अपना शिकार बना रहा है।

ऐसे फंसाते हैं जाल में

ठग सबसे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों से संपर्क करते हैं और उन्हें छोटे-छोटे टास्क जैसे होटल या ऐप की रेटिंग करना, वीडियो लाइक करना या विज्ञापन देखना जैसे काम देते हैं। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए कुछ रुपए भी दिए जाते हैं, जिससे लोगों को यह काम असली लगने लगता है।इसके बाद ठग अपनी बनाई फर्जी वेबसाइट पर यूजर का अकाउंट बनवाते हैं। यहां ‘साइन अप बोनस’ और ‘रेफरल इनकम’ दिखाकर यह विश्वास दिलाया जाता है कि उनकी कमाई लगातार बढ़ रही है।

फर्जी कस्टमर केयर से करते थे गुमराह

गिरोह ने अपनी फर्जी वेबसाइट पर हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर रखा था। जब कोई व्यक्ति सहायता के लिए कॉल करता, तो खुद ठग ही कस्टमर केयर बनकर बात करते और उसे और ज्यादा निवेश करने के लिए उकसाते थे।

विड्रॉल के नाम पर ठगी का बड़ा खेल

जब पीड़ित अपनी जमा रकम निकालने की कोशिश करता, तो उसे ‘प्रोसेसिंग फीस’ या ‘सर्विस चार्ज’ के नाम पर और पैसे जमा करने को कहा जाता। ज्यादा कमाई के लालच में लोग हजारों से लेकर लाखों रुपए तक ठगों के खातों में ट्रांसफर कर देते थे।

संदिग्ध नंबर से हुआ खुलासा

नागौर जिले के मेड़ता सिटी थाना पुलिस को एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की शिकायत मिली थी। जांच के दौरान उसकी लोकेशन राधानगर कॉलोनी पाई गई। इसके बाद 2 अप्रैल को पुलिस ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया।

4 आरोपी गिरफ्तार, कई फरार

पुलिस ने इस मामले में गोपाल सिखवाल, अनिल ढाका, प्रमेश सांगवा और सुनील सांगवा को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं रामलाल धौलिया, सुरेंद्र मेघवाल सहित 5 अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

हर महीने बदलते थे वेबसाइट

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह एक वेबसाइट को केवल एक महीने तक चलाता था। जैसे ही बड़ी रकम इकट्ठी हो जाती, वेबसाइट बंद कर दी जाती और नए नाम से नया प्लेटफॉर्म बनाकर फिर से ठगी शुरू कर दी जाती थी। यह सिलसिला पिछले डेढ़ साल से जारी था।

करोड़ों की ठगी की आशंका

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की कुल रकम करोड़ों रुपए तक पहुंचने की आशंका है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट को फ्रीज करने की कार्रवाई कर रही है।

ऐसे रहें सावधान

अनजान नंबर से आए कमाई के ऑफर पर भरोसा न करें, बिना जांच के किसी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन न करें, किसी भी तरह की फीस या चार्ज देने से पहले सतर्क रहें, सोशल मीडिया पर दिखने वाली ‘आसान कमाई’ से दूर रहें। 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.