कंकड़ों की चेतावनी अनसुनी, चीखों में दफन मासूम: झालावाड़ हादसे में शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

हादसे के बाद पीपलोदी गांव में गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने मनोहरथाना-अकलेरा रोड को बुराड़ी चौराहे पर जाम कर दिया, और मुख्यमंत्री के आने और मुआवजे की मांग की।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
July 25, 2025 • 5:00 PM  243
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कंकड़ों की चेतावनी अनसुनी, चीखों में दफन मासूम: झालावाड़ हादसे में शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
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कंकड़ों की चेतावनी अनसुनी, चीखों में दफन मासूम: झालावाड़ हादसे में शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

राजस्थान के झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जब मनोहर थाना क्षेत्र के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल की जर्जर छत अचानक ढह गई। इस भयावह घटना में 8 मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि 29 बच्चे घायल हो गए। हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया, और माता-पिता की चीख-पुकार ने हर किसी का दिल दहला दिया।

सुबह करीब 7:45 बजे, जब बच्चे स्कूल में प्रार्थना के लिए जमा हुए थे, अचानक छत भरभराकर गिर पड़ी। गांववासियों के मुताबिक, उस समय स्कूल में 71 बच्चे मौजूद थे। बारिश के कारण पहले से कमजोर हो चुकी छत ने इस त्रासदी को और भयावह बना दिया। स्थानीय लोगों और स्कूल स्टाफ ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया, और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबे से बच्चों को निकाला गया।

एक बच्ची, वर्षा राज क्रांति, ने बताया, "छत गिरने से पहले कंकड़ गिर रहे थे। हमने बाहर खड़े टीचर्स को बताया, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। थोड़ी देर बाद ही छत गिर गई।" यह सुनकर यह सवाल उठता है कि अगर समय रहते सावधानी बरती गई होती, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

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