नेहरू प्रतिमा अनावरण पर बालोतरा में उभरा राजनीतिक विवाद: भाजपा नेताओं ने विधायक को रोका, जयंती-पुण्यतिथि न होने पर सवाल
राजस्थान के बालोतरा जिले की गिड़ा पंचायत समिति में नेहरू की प्रतिमा अनावरण के दौरान भाजपा नेताओं ने विधायक हरीश चौधरी को रोका। भाजपा का सवाल – न जयंती है न पुण्यतिथि, फिर आज प्रतिमा क्यों? भारी तनाव और नारेबाजी के बीच कार्यक्रम देर से पूरा हुआ।
बालोतरा, 18 नवंबर 2025: राजस्थान के बालोतरा जिले की गिड़ा पंचायत समिति में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा के अनावरण को लेकर मंगलवार को एक बड़ा राजनीतिक विवाद छिड़ गया। अनावरण समारोह के दौरान भाजपा के स्थानीय नेताओं ने कांग्रेस समर्थित बायतु विधायक हरीश चौधरी को रोकने की कोशिश की, जिससे मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। भाजपा नेताओं का मुख्य तर्क यह था कि आज नेहरू जी की जयंती या पुण्यतिथि न होने के बावजूद प्रतिमा स्थापित करने का क्या औचित्य है? इस घटना ने स्थानीय स्तर पर सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच तीखी बहस को जन्म दे दिया है।
घटना का पूरा विवरण; गिड़ा पंचायत समिति के एक सरकारी भवन या सार्वजनिक स्थान पर पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की कांस्य प्रतिमा का अनावरण निर्धारित था। यह कार्यक्रम स्थानीय प्रशासन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें बायतु विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अनावरण का उद्देश्य नेहरू जी के योगदान को याद करना और ग्रामीण क्षेत्र में उनके आदर्शों को प्रोत्साहित करना बताया जा रहा है। हालांकि, भाजपा के स्थानीय नेताओं को इसकी पूर्व सूचना मिली थी, जिसके बाद वे विरोध के लिए मौके पर पहुंचे।समारोह शुरू होते ही भाजपा मंडल अध्यक्ष देवाराम मुंढ के नेतृत्व में करीब 20-25 कार्यकर्ताओं ने विधायक हरीश चौधरी को मंच पर चढ़ने से रोक लिया। मुंढ ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा आज क्यों लगाई गई? आज ना तो नेहरू जी की जयंती है और ना ही पुण्यतिथि। आज कौन सा दिन है जो इनको लगाने की आवश्यकता पड़ी? यह अनावरण राजनीतिक प्रचार का हिस्सा लगता है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।" उनके अनुसार, ऐसी प्रतिमाएं केवल विशेष अवसरों पर ही स्थापित की जानी चाहिए, न कि बिना किसी ऐतिहासिक महत्व के दिन।विरोध के दौरान नारेबाजी हुई और दोनों पक्षों के बीच धक्कमुक्की की स्थिति बन गई। स्थानीय पुलिस बल को मौके पर पहुंचना पड़ा, जिसने स्थिति को शांत करने में मदद की। अंततः अनावरण कार्यक्रम कुछ देरी के बाद संपन्न हो गया, लेकिन भाजपा नेताओं ने इसे "गलत और असंवैधानिक" बताते हुए जिला प्रशासन से शिकायत दर्ज कराने का ऐलान किया है।
पक्ष-विपक्ष के बयान; भाजपा का पक्ष: मंडल अध्यक्ष देवाराम मुंढ ने बताया कि यह अनावरण कांग्रेस की "राजनीतिक चाल" है, जिसका उद्देश्य आगामी स्थानीय चुनावों में वोट बैंक मजबूत करना है। उन्होंने कहा, "नेहरू जी के योगदान का सम्मान तो हम भी करते हैं, लेकिन यह समयबद्ध होना चाहिए। बिना कारण के ऐसा करना धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनाओं को ठेस पहुंचाता है।" भाजपा जिला अध्यक्ष ने भी इसकी निंदा की और कहा कि पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा स्तर तक ले जाएगी।
कांग्रेस का पक्ष: विधायक हरीश चौधरी ने विरोध को "असंवेदनशील" करार देते हुए कहा, "नेहरू जी भारत के निर्माण के जनक थे। उनकी प्रतिमा स्थापित करना किसी विशेष दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह ग्रामीण विकास के प्रतीक के रूप में लगाई जा रही है, जो पंचायत समिति के कार्यों को मजबूत करेगी। भाजपा का विरोध उनकी हताशा को दर्शाता है।" कांग्रेस के स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह कार्यक्रम पहले से निर्धारित था और इसमें कोई अनियमितता नहीं है। उन्होंने भाजपा पर "सांप्रदायिक ध्रुवीकरण" का आरोप लगाया।
बालोतरा जिले का बायतु विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है, जहां 2023 के विधानसभा चुनावों में हरीश चौधरी ने भाजपा प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दी थी। गिड़ा पंचायत समिति ग्रामीण विकास योजनाओं का केंद्र है, और नेहरू प्रतिमा को स्थापित करने का निर्णय पंचायत स्तर पर लिया गया था। सूत्रों के अनुसार, यह प्रतिमा पिछले छह महीनों से निर्माणाधीन थी, और अनावरण की तिथि प्रशासनिक कारणों से तय हुई थी। नेहरू जी की जयंती 14 नवंबर को मनाई जाती है, जबकि उनकी पुण्यतिथि 27 मई को होती है, इसलिए भाजपा का सवाल कि "आज का क्या महत्व है?" विवाद का केंद्र बन गया।यह घटना राजस्थान की राजनीति में नेहरू-गांधी परिवार के विरासत को लेकर उभरते विवादों की कड़ी का हिस्सा लगती है। हाल के वर्षों में भाजपा ने नेहरू जी की नीतियों पर कई बार सवाल उठाए हैं, जबकि कांग्रेस उन्हें "राष्ट्र निर्माण का आधार" मानती है। स्थानीय स्तर पर यह विवाद पंचायत चुनावों से पहले तनाव बढ़ा सकता है।