अंता विधानसभा उपचुनाव: 15 राउंड के बाद कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया मजबूत बढ़त पर, भाजपा के मोरपाल सुमन ने पकड़ी रफ्तार, नरेश मीणा फिसले

अंता विधानसभा उपचुनाव के 15 राउंड में कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया 55,689 वोटों के साथ आगे हैं। भाजपा के मोरपाल सुमन ने 42,235 वोट लेकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया, जबकि निर्दलीय नरेश मीणा 41,396 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर खिसक गए। कुल 1,43,959 वोट गिने जा चुके हैं।

Nov 14, 2025 - 12:31
अंता विधानसभा उपचुनाव: 15 राउंड के बाद कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया मजबूत बढ़त पर, भाजपा के मोरपाल सुमन ने पकड़ी रफ्तार, नरेश मीणा फिसले

बारां (राजस्थान), 14 नवंबर 2025: राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में मतगणना के दौरान रोमांचक मोड़ देखने को मिल रहा है। 15 राउंड की गिनती पूरी होने तक कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने अपनी लीड बरकरार रखी है, लेकिन दूसरे और तीसरे स्थान पर कड़ा मुकाबला चल रहा है। निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा, जो शुरूआती राउंड में दूसरे स्थान पर थे, अब तीसरे नंबर पर खिसक गए हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी मोरपाल सुमन ने शानदार वापसी करते हुए तीसरे से दूसरे स्थान पर कब्जा जमा लिया है।

15 राउंड के आंकड़े: भाया की मजबूत पकड़ चुनाव आयोग के नवीनतम अपडेट के अनुसार, 15 राउंड में कुल 1,43,959 वोटों की गिनती हो चुकी है। इसकी विस्तृत स्थिति इस प्रकार है:प्रमोद जैन भाया (कांग्रेस): 55,689 वोट (लीड बनाए हुए) 

मोरपाल सुमन (भाजपा): 42,235 वोट (दूसरे स्थान पर)

नरेश मीणा (निर्दलीय): 41,396 वोट (तीसरे स्थान पर)

प्रमोद जैन भाया और भाजपा के मोरपाल सुमन के बीच अंतर लगभग 13,454 वोटों का है, जबकि सुमन और नरेश मीणा के बीच महज 839 वोटों का फासला रह गया है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भाया की लीड मजबूत है, लेकिन अंतिम राउंड में किसी भी तरह का उलटफेर संभव है।

 मतगणना की शुरुआत में नरेश मीणा ने निर्दलीय के रूप में मजबूत प्रदर्शन किया था और दूसरे स्थान पर काबिज थे। उनकी लोकप्रियता स्थानीय मुद्दों, विशेषकर किसान और आदिवासी वोट बैंक पर आधारित मानी जा रही थी। हालांकि, जैसे-जैसे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बूथों के वोट खुलते गए, भाजपा के मोरपाल सुमन ने तेजी से वोट हासिल किए। सुमन, जो शुरू में तीसरे स्थान पर थे, ने पार्टी की संगठनात्मक ताकत और मोदी सरकार की योजनाओं के प्रचार से फायदा उठाया, कि भाजपा के कोर वोटरों का एकजुट होना और कुछ निर्दलीय समर्थकों का सुमन की ओर शिफ्ट होना इस बदलाव का मुख्य कारण है।भाया की लीड के पीछे की वजहेंकांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया लंबे समय से अंता क्षेत्र में सक्रिय हैं। पूर्व में कैबिनेट मंत्री रह चुके भाया को कांग्रेस की मजबूत पकड़, राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का असर और स्थानीय विकास कार्यों का श्रेय मिल रहा है। ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस का पारंपरिक वोट बैंक उन्हें मजबूती प्रदान कर रहा है। भाया ने प्रचार के दौरान किसानों की कर्जमाफी, रोजगार और जल संकट जैसे मुद्दों पर फोकस किया, जो मतदाताओं को प्रभावित करता दिख रहा है।

कुल मतदान और बाकी राउंड;  अंता विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 2.5 लाख है, और अब तक 1,43,959 वोटों की गिनती हो चुकी है, जो कुल वोटों का करीब 57-60% है। बाकी राउंड में मुख्य रूप से दूरदराज के ग्रामीण बूथों के वोट शामिल हैं, जहां कांग्रेस और निर्दलीय की पकड़ मजबूत मानी जाती है। हालांकि, भाजपा को शहरी क्षेत्रों से मिल रहे समर्थन से उम्मीद है कि वह अंतर कम कर सकती है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.