नरेश मीणा: हार को बनाया हौसला, खाटू श्याम के दर्शन के बाद काशी में शंकराचार्य से लिया आशीर्वाद – 2028 की तैयारी शुरू

Nov 16, 2025 - 14:14
नरेश मीणा: हार को बनाया हौसला, खाटू श्याम के दर्शन के बाद काशी में शंकराचार्य से लिया आशीर्वाद – 2028 की तैयारी शुरू

जयपुर, 16 नवंबर 2025

: राजस्थान की राजनीति में कभी 'छोटा किरोड़ी' के नाम से मशहूर नरेश मीणा ने अंता विधानसभा उपचुनाव में तीसरी बार हार का सामना किया, लेकिन उन्होंने इसे अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत का संकेत माना। हार के महज 48 घंटे बाद ही मीणा आध्यात्मिक यात्रा पर निकल पड़े – पहले सीकर के खाटू श्याम जी मंदिर में शीश नवाया, फिर वाराणसी में जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री विदुशेखर भारती तीर्थ जी महास्वामी से आशीर्वाद लिया। यह यात्रा न केवल व्यक्तिगत संकल्प की अभिव्यक्ति है, बल्कि 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पुनरुत्थान की मजबूत नींव भी रख रही है।

तीसरी हार, लेकिन 50,000+ वोटों का संदेश;  14 नवंबर को घोषित अंता उपचुनाव के परिणामों में कांग्रेस के दिग्गज प्रमोद जैन भाया ने 69,571 वोटों से जीत दर्ज की। बीजेपी के मोरपाल सुमन दूसरे स्थान पर रहे, जबकि नरेश मीणा ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में 50,847 वोट हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। यह आंकड़ा महत्वपूर्ण है क्योंकि:मीणा ने बीजेपी के वोट बैंक में करीब 25% सेंध लगाई। ,हाड़ोती क्षेत्र में मेना समुदाय की एकजुटता का प्रमाण दिया। ,हनुमान बेनीवाल (RLP) और राजेंद्र गुढ़ा (कांग्रेस से निलंबित) जैसे नेताओं का खुला समर्थन मिला। ,राजनीतिक विश्लेषक डॉ. रामस्वरूप मीणा कहते हैं, "नरेश मीणा अब वोट काटने वाले नहीं, बल्कि क्षेत्रीय असंतोष की आवाज बन चुके हैं। उनकी यह ताकत 2028 में किसी भी बड़े दल के लिए खतरा बन सकती है।"

राजनीतिक सफर: छात्र संघ से खान मंत्री तक 2003: राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ में महासचिव चुने गए, 'छोटा किरोड़ी' उपनाम मिला। ,2008-2013: अशोक गहलोत सरकार में खान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)। ,2023: छबड़ा सीट से कांग्रेस टिकट नहीं मिलने पर बगावत, स्वतंत्र लड़े – 59,832 वोट (तीसरा स्थान)। ,2024: डेगाना उपचुनाव में स्वतंत्र – चौथा स्थान। ,2025: अंता उपचुनाव – 50,847 वोट।

खाटू श्याम: हारे का सहारा 16 नवंबर की सुबह 6 बजे मीणा अपने 20 समर्थकों के साथ खाटू श्याम जी मंदिर पहुंचे। विशेष आरती में शामिल हुए।श्याम कुंड में स्नान किया। ,मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित रामकिशोर शर्मा ने बताया, "मीणा जी ने बाबा से कहा – 'तीन बार हारा, लेकिन चौथी बार जीतूंगा।'" ,मीणा ने मीडिया से कहा: "खाटू श्याम बाबा हारे का सहारा हैं। मैंने उनसे यही मांगा कि मेरे क्षेत्र की जनता का दुख दूर हो, और मैं उनकी सेवा कर सकूं।" ,मंदिर परिसर में मौजूद युवाओं ने 'नरेश मीणा जिंदाबाद' के नारे लगाए। सोशल मीडिया पर #NareshMeenaWithKhatuShyam ट्रेंड करने लगा।

काशी: शंकराचार्य का आशीर्वाद और धर्मोपदेश;  खाटू श्याम से सीधे वाराणसी पहुंचे मीणा ने शृंगेरी शारदा पीठ के जगद्गुरु श्री श्री विदुशेखर भारती तीर्थ जी महास्वामी से मुलाकात की। यह भेंट काशी विश्वनाथ मंदिर के पास आचार्य भवन में हुई। शंकराचार्य जी ने मीणा को गीता का श्लोक सुनाया: “क्लैब्यं मा स्म गमः पार्थ नैतत्त्वय्युपपद्यते। क्षुद्रं हृदयदौर्बल्यं त्यक्त्वोत्तिष्ठ परंतप॥”(हे पार्थ, कायरता मत कर, यह तुझमें शोभा नहीं देती।) 

मीणा ने अपनी भावी योजनाएं साझा कीं:2028 में छबड़ा या अंता से चुनाव।,मेना समाज का अलग राजनीतिक मंच। ,हाड़ोती में युवा-किसान आंदोलन। ,शंकराचार्य जी ने आशीर्वाद देते हुए कहा: "राजनीति धर्म का साधन है, अधर्म से समझौता मत करना। जनता तुम्हारा परिवार है।"

राजनीतिक समीकरण और भविष्य;  बीजेपी के लिए खतरा: मीणा के वोट बीजेपी के परंपरागत मेना-गुर्जर वोटों में से आए। कांग्रेस की रणनीति: प्रमोद भाया की जीत के बावजूद, मीणा की बगावत कांग्रेस के लिए सबक। तीसरा मोर्चा: हनुमान बेनीवाल, राजेंद्र गुढ़ा और मीणा की तिकड़ी हाड़ोती में नया समीकरण बना सकती है। 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.